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दो दिन की बंदी से पहले खूब टूटे सुरक्षा मानक
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06- शुक्रावार को दोपहर में कोतवाली चौराहे पर भीड़ बढ़ने के बाद लगा भयंकर जाम, इस दौरान भीषण उमस के च?
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। जैसी उम्मीद थी, शुक्रवार को शहर में वैसा ही हुआ। दो दिन की संपूर्ण बंदी से ठीक पहले शहर में खरीददारों का हुजूम उमड़ पड़ा। कोरोना से बचाव के सभी मानकों को धता-बताते हुए लोगों में बाजारों में खरीददारी करते नजर आए। भीड़ के चलते शहर में दिन भर जाम की स्थिति रही। सड़कों पर वाहन रेंग रहे थे। किराना, सब्जी, फल और मोबाइल फोन की दुकानों पर सर्वाधिक भीड़ थी।
अलग-अलग वस्तु की दुकानों को सप्ताह में रोस्टर के तहत तीन दिन खोली जा रही थीं। हफ्ते में दो दिन की बंदी के बाद रोस्टर की व्यवस्था बदलनी पड़ी। शुक्रवार को सभी दुकानें खोल दी गईं। लॉक डाउन के बाद यह पहला मौका था जब शहर की सभी दुकानें एक दिन खुलीं। नतीजतन बाजार में जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी। आलम यह रहा कि कोतवाली से चहारसू और सब्जी मंडी तक का इलाका जाम हो गया। रुहट्टा से ओलंदगंज होते हुए जेसीज तक बार-बार जाम लगता रहा। इस इलाके में वाहन चलाने की नौबत नहीं रह गई थी। कजगांव पड़ाव के पास सड़कों पर दोनों तरफ दो पहिया और चार पहिया वाहनों से जाम लग गया।
शनिवार और रविवार की जरूरतों के लिए सामान खरीदने वालों की भीड़ तो थी ही, पूरा बाजार खुलने का हाल देखने भी तमाम लोग घर से बाहर निकल पड़े।भीड़ के चलते सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग के मानक ध्वस्त हो गए। दो पहिया वाहनों पर तीन सवार तो ई-रिक्शा और टेंपो में क्षमता से अधिक लोग बैठाए गए थे। वैसे तो हर चौराहे-तिराहे पर पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालने के लिए मुस्तैद थे, मगर भारी भीड़ के आगे मुट्ठी भर कर्मचारी बेबस नजर आए।
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अफवाह ने भी बढ़ाई भीड़
जौनपुर। शुक्रवार को शहर में भीड़ बढ़ने का एक कारण सोशल मीडिया में चल रही अफवाह भी थी। सरकार की ओर से आगे लॉक डाउन न करने के स्पष्टीकरण के बाद भी यह मैसेज वायरल होता रहा कि 31 जुलाई तक फिर से लॉक डाउन होने जा रहा है। नतीजन लोग जरूरी सामान खरीदते और आवश्यक काम निपटाते रहे। अफवाह पर अंकुश न लगने के कारण भी स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
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अलग-अलग वस्तु की दुकानों को सप्ताह में रोस्टर के तहत तीन दिन खोली जा रही थीं। हफ्ते में दो दिन की बंदी के बाद रोस्टर की व्यवस्था बदलनी पड़ी। शुक्रवार को सभी दुकानें खोल दी गईं। लॉक डाउन के बाद यह पहला मौका था जब शहर की सभी दुकानें एक दिन खुलीं। नतीजतन बाजार में जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी। आलम यह रहा कि कोतवाली से चहारसू और सब्जी मंडी तक का इलाका जाम हो गया। रुहट्टा से ओलंदगंज होते हुए जेसीज तक बार-बार जाम लगता रहा। इस इलाके में वाहन चलाने की नौबत नहीं रह गई थी। कजगांव पड़ाव के पास सड़कों पर दोनों तरफ दो पहिया और चार पहिया वाहनों से जाम लग गया।
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शनिवार और रविवार की जरूरतों के लिए सामान खरीदने वालों की भीड़ तो थी ही, पूरा बाजार खुलने का हाल देखने भी तमाम लोग घर से बाहर निकल पड़े।भीड़ के चलते सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग के मानक ध्वस्त हो गए। दो पहिया वाहनों पर तीन सवार तो ई-रिक्शा और टेंपो में क्षमता से अधिक लोग बैठाए गए थे। वैसे तो हर चौराहे-तिराहे पर पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालने के लिए मुस्तैद थे, मगर भारी भीड़ के आगे मुट्ठी भर कर्मचारी बेबस नजर आए।
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अफवाह ने भी बढ़ाई भीड़
जौनपुर। शुक्रवार को शहर में भीड़ बढ़ने का एक कारण सोशल मीडिया में चल रही अफवाह भी थी। सरकार की ओर से आगे लॉक डाउन न करने के स्पष्टीकरण के बाद भी यह मैसेज वायरल होता रहा कि 31 जुलाई तक फिर से लॉक डाउन होने जा रहा है। नतीजन लोग जरूरी सामान खरीदते और आवश्यक काम निपटाते रहे। अफवाह पर अंकुश न लगने के कारण भी स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।