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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Three accused of murder of General Secretary of Employees' Council acquitted due to witnesses turning hostile and weapon not recovered

Jaunpur News: गवाह मुकरने, हथियार की बरामदगी नहीं होने पर कर्मचारी परिषद के महामंत्री की हत्या के तीन आरोपी बरी

Thu, 29 Aug 2024 02:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 02:29 AM IST
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Three accused of murder of General Secretary of Employees' Council acquitted due to witnesses turning hostile and weapon not recovered
जौनपुर। बीस साल पहले बक्सा के फतेहगंज स्थित गोदाम में घुसकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री शाहिद हमीद की गोली मारकर हत्या के मामले में गवाह के मुकरने, हथियार की बरामदगी नहीं होने से तीन आरोपी बरी हो गए। जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल ने आशुतोष सिंह, जमैथा समेत तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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कोर्ट ने साक्षियों की ओर से आरोपी की कोर्ट में पहचान न करना, मुख्य आरोपी का नाम विवेचना में से निकल जाना, असलहा कोर्ट में पेश न करना व अन्य आधारों पर आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। वादी ताहिर हमीद ने बक्सा थाने में घटना की प्राथमिकी दर्ज कराया था कि उसके बड़े भाई शाहिद हमीद राज्य कर्मचारी संघ परिषद के महामंत्री थे। घटना के समय फतेहगंज स्थित खाद्य एवं रसद विभाग के गोदाम में इंचार्ज मार्केटिंग के रूप में कार्य कर रहे थे। काफी दिनों से गोदाम में मार्केटिंग इंस्पेक्टर की पोस्टिंग नहीं हुई थी। घटना के कुछ समय पूर्व अजय प्रताप सिंह इस पद पर नियुक्त हुआ, लेकिन चुनाव के कारण आचार संहिता लागू हो गई, इसलिए विभाग द्वारा उसके भाई के कार्य मुक्त नहीं किया गया। इससे अजय प्रताप नाराज था। जान से मारने की धमकी दे रहा था। 12 मई 2004 को वादी और उसका भतीजा दानिश भाई शहीद के साथ गए थे। दिन में 3 बजे अजय प्रताप अपने दो साथियों के साथ गोदाम में पहुंचा और उसके भाई को गाली देते हुए असलहा से फायर करने लगे गोली लगने से शाहिद जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। आरोपी फायर करते हुए मोटरसाइकिल से भाग गए। भाई को जिला अस्पताल ले जाएगा जहां डॉक्टरों ने शाहिद को मृत्यु घोषित कर दिया।
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पुलिस की जांच में से अजय प्रताप का नाम निकल गया

पुलिस ने विवेचना में अजय प्रताप का नाम निकाल दिया और विकास चंद जायसवाल,सुजानगंज, आशुतोष सिंह जमैथा और राजेंद्र मौर्य जमैथा, जफराबाद के खिलाफ कोर्ट में केस डायरी दाखिल किया। प्रत्यक्षदर्शी साक्षियों ने आरोपियों को कोर्ट में नहीं पहचाना। एक गवाह पक्षद्रोही हो गया। जिस मोटरसाइकिल से आरोपी भागे थे उसे पुलिस ने बरामद नहीं किया। बरामद असलहा न्यायालय में प्रस्तुत कर साबित नहीं कराया गया। आरोपियों की मृतक से कोई रंजिश भी नहीं थी। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह का नाम विवेचना में निकाल गया। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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