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जौनपुर पहंचे हजारों प्रवासी, कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा
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हजारों प्रवासी, कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा
- चार मई से पहले जिले में थे सिर्फ नौ केस, अब हो गए 113
- ट्रेन, बस, ट्रक से लगातार आ रहे प्रवासियों से बढ़ रहा खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। लॉक डाउन-4 के तहत छूट का दायरा बढ़ाया गया तो कोरोना के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के आने से पहले तक जौनपुर में कोरोना के सिर्फ नौ केस थे, मगर पिछले 18 दिनों में यह बढ़कर आंकड़ा 113 तक पहुंच गया है। इसमें 105 केस सिर्फ प्रवासियों के हैं। पिछले 18 दिनों में 55 हजार से अधिक लोग ट्रिेनों से जिले में आए हैं। ट्रक, कार, बाइक, आटो, साइकिल व पैदल आने वालों की संख्या भी इनसे कम नहीं है। ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के लिए सतर्कता का जिम्मा लोगों पर ज्यादा बढ़ गया है।
चार मई की देर रात गुजरात के साबरमती स्टेशन से पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन जौनपुर आई थी। इसके बाद से लगातार ट्रेनों का आना जारी है। पूर्वांचल में गोरखपुर के बाद जौनपुर दूसरा जिला है, जहां सबसे ज्यादा ट्रेन प्रवासियों को लेकर पहुंची हैं। 22 मई तक कुल 71 ट्रेनें जिले में आ चुकी थीं, जिसमें 96491 यात्री यहां आए। इसमें जौनपुर के यात्रियों की संख्या 38609 है। इसके अलावा अन्य जिलों में आई ट्रेनों से भी करीब 17 हजार यात्री जौनपुर पहुंचे। ट्रक, कार, बाइक, साइकिल से भी लोग रोजाना यहां आ रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि वह सबकी ट्रैकिंग कर स्वास्थ्य जांच करा रहा है, मगर संसाधनों के अभाव में उनकी सारी कवायद सिर्फ स्क्रीनिंग तक ही सिमटी हुई है। इसमें भी तमाम लोग ऐसे हैं, जिनकी स्क्रीनिंग भी नहीं हुई है। गुपचुप तरीके से वह घरों में आकर रह रहे हैं। नए मिल रहे अधिकांश मरीजों में कोरोना के कोई लक्षण स्पष्ट नहीं हो रहे। ऐसे में बाहर से आने वाले लोग बेपरवाह होकर रह रहे हैं। वह खुद तो जोखिम में हैं ही, जाने-अनजाने उनके संपर्क में आने वाला हर कोई भी खतरे में पड़ रहा है।
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बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की निगरानी ग्राम प्रधान व आशा कार्यकर्ता के माध्यम से कराई जा रही है। उनकी सूचना कंट्रोल रूम में भी दर्ज हो रही है। लक्षण मिलते ही संदिग्धों को तत्काल आइसोलेशन में भेजा जा रहा है, जबकि सामान्य व्यक्ति के लिए 21 दिन का होम क्वारंटीन अनिवार्य किया गया है। -दिनेश कुमार सिंह, डीएम।
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- चार मई से पहले जिले में थे सिर्फ नौ केस, अब हो गए 113
- ट्रेन, बस, ट्रक से लगातार आ रहे प्रवासियों से बढ़ रहा खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। लॉक डाउन-4 के तहत छूट का दायरा बढ़ाया गया तो कोरोना के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के आने से पहले तक जौनपुर में कोरोना के सिर्फ नौ केस थे, मगर पिछले 18 दिनों में यह बढ़कर आंकड़ा 113 तक पहुंच गया है। इसमें 105 केस सिर्फ प्रवासियों के हैं। पिछले 18 दिनों में 55 हजार से अधिक लोग ट्रिेनों से जिले में आए हैं। ट्रक, कार, बाइक, आटो, साइकिल व पैदल आने वालों की संख्या भी इनसे कम नहीं है। ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के लिए सतर्कता का जिम्मा लोगों पर ज्यादा बढ़ गया है।
चार मई की देर रात गुजरात के साबरमती स्टेशन से पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन जौनपुर आई थी। इसके बाद से लगातार ट्रेनों का आना जारी है। पूर्वांचल में गोरखपुर के बाद जौनपुर दूसरा जिला है, जहां सबसे ज्यादा ट्रेन प्रवासियों को लेकर पहुंची हैं। 22 मई तक कुल 71 ट्रेनें जिले में आ चुकी थीं, जिसमें 96491 यात्री यहां आए। इसमें जौनपुर के यात्रियों की संख्या 38609 है। इसके अलावा अन्य जिलों में आई ट्रेनों से भी करीब 17 हजार यात्री जौनपुर पहुंचे। ट्रक, कार, बाइक, साइकिल से भी लोग रोजाना यहां आ रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि वह सबकी ट्रैकिंग कर स्वास्थ्य जांच करा रहा है, मगर संसाधनों के अभाव में उनकी सारी कवायद सिर्फ स्क्रीनिंग तक ही सिमटी हुई है। इसमें भी तमाम लोग ऐसे हैं, जिनकी स्क्रीनिंग भी नहीं हुई है। गुपचुप तरीके से वह घरों में आकर रह रहे हैं। नए मिल रहे अधिकांश मरीजों में कोरोना के कोई लक्षण स्पष्ट नहीं हो रहे। ऐसे में बाहर से आने वाले लोग बेपरवाह होकर रह रहे हैं। वह खुद तो जोखिम में हैं ही, जाने-अनजाने उनके संपर्क में आने वाला हर कोई भी खतरे में पड़ रहा है।
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बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की निगरानी ग्राम प्रधान व आशा कार्यकर्ता के माध्यम से कराई जा रही है। उनकी सूचना कंट्रोल रूम में भी दर्ज हो रही है। लक्षण मिलते ही संदिग्धों को तत्काल आइसोलेशन में भेजा जा रहा है, जबकि सामान्य व्यक्ति के लिए 21 दिन का होम क्वारंटीन अनिवार्य किया गया है। -दिनेश कुमार सिंह, डीएम।
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