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बैंकों पर बिगड़ने लगे हैं हालात
jaunpur
Updated Sat, 19 Nov 2016 01:06 AM IST
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घनश्यामपुर के तियरा स्थित काशी गोमती संयुत बैंक शाखा का ताला बंद कर प्रदर्शन करते उपभोक्ता।
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कई-कई दिन घंटों लाइन में लगने के बाद भी रुपये न मिलने के कारण अब उपभोक्ताओं का गुस्सा बेकाबू हो रहा। शुक्रवार को बदलापुर थाना क्षेत्र के तियरा बाजार में स्थित काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक पहुंचे लोगों ने ताला नहीं खुलने दिया। करीब दस बजे शाखा प्रबंधक पहुंचे तो उन्हें भी उपभोक्ताओं ने बंधक बना लिया।
एक छप्पर में उन्हें बैठा लिया गया। किसी ने पुलिस को सूचना दी तो करीब 12 बजे पहुंची पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। जिसमें छह लोग घायल हो गए। पुलिस की ज्यादती पर महिलाएं उग्र होने लगी तो पुलिस पीछे हट गई। करीब 12:30 बजे बैंक खुला। सौ लोगों को दो दो हजार रुपये भुगतान किया गया।
भीड़ में सैकड़ों लोग अभी लाइन में थे तभी कहा गया कि कैश खत्म हो गया। काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक की तियरा शाखा से रुपये निकालने के लिए लाइन लगा रहे लोगों का कहना है कि कोई तीन दिन से तो कोई चार दिन से लगातार बैंक में लाइन लगाए खड़ा है। रुपये निकालने की खातिर लोग भूख प्यास भूल गए हैं।
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घर का दूसरा भी कोई काम लोगों को याद नहीं है। नीद से बेजार होने के बाद लोग बैंक पहुंच जा रहे हैं और रुपये मिलने के इंतजार में लाइन में खड़े खड़े शाम हो जा रही है। गुरुवार को पूरे दिन लाइन में लगे रहे लेकिन खाते से रुपया नहीं निकाल सके। बैंक अधिकारियों ने बताया कि कैश ही नहीं है।
इससे खफा लोग शुक्रवार को जब बैंक पहुंचे तो गेटपर ही खड़े हो गए। चपरासी ताला खोलने पहुंचा तो उसे ताला नहीं खोलने दिए। करीब दस बजे बैंक शाखा प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद पांडेय पहुंचे तो लोगों ने उन्हें बंधक बना लिया। पास में स्थित एक छप्पर में बैठा लिया और घेरकर खड़े हो गए।
थोड़ी देर बाद कैशियर विकास श्रीवास्तव पहुंचे तो उन्हेंने भीड़ से दूर जाकर इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। करीब 12 बजे चौकी इंचार्ज कुछ सिपाहियों से साथ मौके पर पहुंचे और पहुंचते ही लाठियां बरसानी शुरू कर दी। भीड़ तितर वितर हो गई।
पुलिस की लाठी से सूरज, नीरज कुमार, सुड्डू जायसवाल, सुशील यादव, फूलचंद, और कमलेश घायल हो गए। पुलिस के लाठीचार्ज पर महिलाएं आक्रोशित हो गई। महिलाओं का उग्र रूप देख पुलिस पीछे हट गई। करीब 12:30 बजे बैंक खुला। सिर्फ सौ लोगों को दो दो हजार रुपयों का भुगतान किया गया।
सैकड़ों लोग खाली हाथ लौट गए। एसओ बदलापुर जयदीप वर्मा का कहना है कि भीड़ बैंक खुलने नहीं दे रही थी। लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने सड़क पर लाठियां पटकी थी। लाठी चार्ज नहीं किया गया था। जो घायल हुए हैं वे भागने में गिरकर घायल हुए होेंगे।
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एक छप्पर में उन्हें बैठा लिया गया। किसी ने पुलिस को सूचना दी तो करीब 12 बजे पहुंची पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। जिसमें छह लोग घायल हो गए। पुलिस की ज्यादती पर महिलाएं उग्र होने लगी तो पुलिस पीछे हट गई। करीब 12:30 बजे बैंक खुला। सौ लोगों को दो दो हजार रुपये भुगतान किया गया।
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भीड़ में सैकड़ों लोग अभी लाइन में थे तभी कहा गया कि कैश खत्म हो गया। काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक की तियरा शाखा से रुपये निकालने के लिए लाइन लगा रहे लोगों का कहना है कि कोई तीन दिन से तो कोई चार दिन से लगातार बैंक में लाइन लगाए खड़ा है। रुपये निकालने की खातिर लोग भूख प्यास भूल गए हैं।
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घर का दूसरा भी कोई काम लोगों को याद नहीं है। नीद से बेजार होने के बाद लोग बैंक पहुंच जा रहे हैं और रुपये मिलने के इंतजार में लाइन में खड़े खड़े शाम हो जा रही है। गुरुवार को पूरे दिन लाइन में लगे रहे लेकिन खाते से रुपया नहीं निकाल सके। बैंक अधिकारियों ने बताया कि कैश ही नहीं है।
इससे खफा लोग शुक्रवार को जब बैंक पहुंचे तो गेटपर ही खड़े हो गए। चपरासी ताला खोलने पहुंचा तो उसे ताला नहीं खोलने दिए। करीब दस बजे बैंक शाखा प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद पांडेय पहुंचे तो लोगों ने उन्हें बंधक बना लिया। पास में स्थित एक छप्पर में बैठा लिया और घेरकर खड़े हो गए।
थोड़ी देर बाद कैशियर विकास श्रीवास्तव पहुंचे तो उन्हेंने भीड़ से दूर जाकर इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। करीब 12 बजे चौकी इंचार्ज कुछ सिपाहियों से साथ मौके पर पहुंचे और पहुंचते ही लाठियां बरसानी शुरू कर दी। भीड़ तितर वितर हो गई।
पुलिस की लाठी से सूरज, नीरज कुमार, सुड्डू जायसवाल, सुशील यादव, फूलचंद, और कमलेश घायल हो गए। पुलिस के लाठीचार्ज पर महिलाएं आक्रोशित हो गई। महिलाओं का उग्र रूप देख पुलिस पीछे हट गई। करीब 12:30 बजे बैंक खुला। सिर्फ सौ लोगों को दो दो हजार रुपयों का भुगतान किया गया।
सैकड़ों लोग खाली हाथ लौट गए। एसओ बदलापुर जयदीप वर्मा का कहना है कि भीड़ बैंक खुलने नहीं दे रही थी। लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने सड़क पर लाठियां पटकी थी। लाठी चार्ज नहीं किया गया था। जो घायल हुए हैं वे भागने में गिरकर घायल हुए होेंगे।