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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   There is no school in Baghandra village, every day 100 children go on foot to another village to study.

Jaunpur News: बघंद्रा गांव में नहीं है स्कूल, रोज 100 बच्चे पैदल दूसरे गांव जाते हैं पढ़ने

Sun, 07 Apr 2024 12:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Apr 2024 12:14 AM IST
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There is no school in Baghandra village, every day 100 children go on foot to another village to study.
धर्मापुर। विकास के इस दौर में कई गांव ऐसे हैं जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जिले में एक गांव ऐसा भी है जहां आज तक एक विद्यालय नहीं बन सका है। धर्मापुर ब्लॉक के बघंद्रा गांव के 100 से अधिक बच्चों को रोज पढ़ने के लिए पड़ोस के मंगरावा गांव में जाना पड़ता है। प्राथमिक विद्यालय के नाम पर गांव में वर्ष 2015 में सात बिस्वा जमीन चिह्नित की गई लेकिन आज तक स्कूल नहीं बना।
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बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान, सब पढ़ें सब बढ़ें आदि कई ऐसी मुहिम चलाई जा रही है। बावजूद इसके बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में परेशानी होती है। इसका अंदाजा बघंद्रा गांव के बच्चों को देख कर लगाया जा सकता है। इस गांव की कुल आबादी 2400 है। ग्राम प्रधान नीरज यादव समेत प्रबुद्धजनों ने कई बार प्राथमिक विद्यालय खुलवाने के लिए ब्लॉक मुख्यालय, जिला मुख्यालय तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के यहां चक्कर लगाया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। लापरवाही का आलम यह है कि जमीन आवंटित होने के बाद भी विद्यालय नहीं खुल पाया है।
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हर गांव में प्राथमिक विद्यालय है, बच्चे अपने घर के नजदीक ही शिक्षा ग्रहण करते हैं। लेकिन अपने बच्चों को दूसरे गांव में जाते देखना काफी दुखद लगता है। - विजय बहादुर यादव
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प्राथमिक शिक्षा हर बच्चों का मूलभूत अधिकार है। इस गांव के 100 से ज्यादा बच्चे रोज पैदल चलकर दूसरे गांव में शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते हैं। यहां विद्यालय बनना चाहिए। - वंश बहादुर यादव
तीन साल में चार बार दिया प्रस्ताव
ग्राम प्रधान नीरज यादव ने बताया कि साल 2021 में जबसे वे प्रधान बने हैं तब से लेकर अब तक उन्होंने खुद चार बार प्रस्ताव दिया है। बताया कि प्राथमिक विद्यालय खुलवाने के बीडीओ, खंड शिक्षा अधिकारी, बीएसए तथा जिलाधिकारी को भी प्रार्थना पत्र दिया गया है। जनप्रतिनिधियों से भी गांव के कई लोगों ने गुहार लगाई लेकिन कुछ नहीं हुआ। बीएसए ने भी सिर्फ आश्वासन ही दिया है।

सर्व शिक्षा अभियान की गाइडलाइन की तहत दो किलोमीटर की दूरी में एक स्कूल होना चाहिए। फिर भी जांच कराएंगे। अगर सब ठीक रहा तो पुराने प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। - रविंद्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी
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