फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   There is no longer any desire to go abroad

परदेश जाने की अब नही रही चाह, गांव में ही बना रहे राह

Fri, 12 Jun 2020 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2020 11:15 PM IST
विज्ञापन
There is no longer any desire to go abroad
गौराबादशाहपुर। रोजी-रोटी के चलते अन्य प्रदेशों में गए सैकड़ों परिवार लॉकडाउन के चलते अपने घर को लौट आए हैं। इस दौरान परदेश में तमाम तरह की दुश्वारियां झेलने वाले परिवारों के लोग अब गांव में ही अपनी राह बनाने में लगे हुए हैं। उनके इस प्रयास में महिलाएं भी सहयोग कर रही हैं।
विज्ञापन

संकट की घड़ी में अपने परिवार की गाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए वह पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पत्नियां काम करने को तत्पर हैं। इसके लिए वह अपने हुनर को माध्यम बना रही हैं। सिलाई-बुनाई, कढ़ाई से लेकर अचार-मुरब्बा बनाने तक के काम में वह तल्लीनता से जुटने लगी है, ताकि इसके जरिए होने वाली आमदनी से वह अपनी जरुरतों को पूरा करने के साथ ही पति का बोझ भी कम कर सकें। इन महिलाओं का कहना है कि परदेश में भी जीवन आसान नहीं है। घर से भी ज्यादा मेहनत वहां करनी पड़ती है और उसके बाद भी वहां कोई बुरे वक्त का साथी नहीं बनता। इससे बेहतर है कि गांव में ही रहकर कोई काम कर लें, जिससे सुखमय जीवन यापन हो सके। यहां भी अवसरों की कमी नहीं है, बस उसे भुनाने की क्षमता होनी चाहिए।
विज्ञापन

चिप्स-पापड़ का करेंगी कारोबार
भदेवरा गांव निवासी अनीता यादव अपने पति गंधर्व यादव के साथ मुंबई में रहती थी। गंधर्व एक कंपनी में कार्य करते थे। लॉक डाउन में एक ही घर में करीब डेढ़ महीने तक समय गुजारना पड़ा। इस दौरान तमाम दुश्वारियां भी झेलनी पड़ी। जैसे-तैसे वह अपने परिवार के साथ अपने गांव आ पाई। अब सरिता दोबारा शहर की ओर रुख नहीं करना चाहती हैं। वह गांव में ही खुद को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हैं। इसके लिए वह चिप्स, पापड़ बनाने में जुटी हैं। उनका कहना है कि इसे स्थानीय बाजारों में बेचेंगे। इससे जो भी आमदनी होगी, वह शहर में रहने के खर्चों की तुलना में कम ही होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिलाई-कढ़ाई करके करेंगी कमाई
मनिहागोविंदपुर गांव निवासी सलमा बानो अपने पति सोहराब के साथ दिल्ली में रहती थी। इनके पति दिल्ली में मार्केटिंग का काम करते थे। लॉक डाउन में वह दोनों घर आ गए हैं और अब यहीं रहने का मन बना चुके हैं। सलमा सिलाई-कढ़ाई और बुनाई में निपुण हैं। इसमें अपने कौशल को और निखारकर वह गांव में ही कोई काम शुरू करने की तैयारी में हैं। इसके लिए वह सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की सोच रही हैं। उनका कहना है कि सरकार जब मदद देने को तैयार है तो फिर परदेश जाकर धक्के क्यों खाया जाए। बेहतर है कि गांव में काम कर सुखमय जीवन जीएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed