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नौ प्वाइंट पर रोज लगता है जाम
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19- नवाब यूसूफ रोड पर लगे जाम से गुजरते लोग।
- फोटो : JAUNPUR
फोटो -
रोजाना नौ जगहों पर जाम की किचकिच
प्रशासन ने नहीं बनाई कोई कार्ययोजना, चारों तरफ से क्रासिंग से घिरा है शहर
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। शहर में जाम की समस्या जटिल हो गई है। शहर के कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां रोजना जाम लगता है। जाम के नौ प्वाइंट चिह्नित हैं लेकिन प्रशासन ने समस्या के समाधान की दिशा में कोई कदम ही नहीं उठाया। जाम से निपटने की कोई कार्ययोजना तो नहीं ही तैयार की गई। जाम वाले इलाकों में अतिक्रमण तक नहीं हटाया गया।
कुछ इलाकों में स्कूल की छुट्टी होने और शाम को जबरदस्त जाम लगता है। जाम के नौ प्वाइंट है, यहां रोजाना दिन में पांच से छह बार जाम लगता है। इसमें फंसकर मानव श्रम का नुकसान होता है और जौनपुर शहर चारों तरफ से क्रासिंग से घिरा हुआ है। दिन में कोई क्रासिंग 12 से 15 बार तो कोई 18 से 20 से अधिक बार बंद होती है। क्रासिंग बंद होते ही जाम लग जाता है। क्रासिंग पर दो से अधिक गाड़ियां गुजरने पर जाम इस कदर बढ़ जाता है कि पूरे शहर में जाम लग जाता है। जाम की वजह से जौनपुर से होकर लोग गुजरने से परहेज करने लगे है। इधर से ही होकर हर रोज लाखों लोग लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, विंध्याचल, फैजाबाद, अंबेडकरनगर आते-जाते है। जब भी कोई इधर से होकर जाता जाम लगा रहता है। देखा जाए तो जाम के नौ प्रमुख जगह नईगंज सिंहीपुर क्रासिंग, जगदीशपुर क्रासिंग, सिपाह, कोतवाली से शाही किला रोड, पालिटेक्निक चौराहा, मंडियाहूं रोड क्रासिंग, मल्हनी पड़ाव, कचहरी रोड और भंडारी स्टेशन रोड है। जाम में फंसकर खासकर स्कूली छात्रों को परेशान होना पड़ता है। स्कूल से समय पर छूटने के बावजूद भी स्कूली बच्चे घर नहीं पहुंच पाते है।
इनसेट
क्या कहते है लोग
जौनपुर। जाम में फंसकर हर कोई परेशान है। कारोबारी अमित गुप्ता का कहना है कि जाम की वजह से कारोबार प्रभावित हो रहा है। ग्राहक जाम में फंसने की वजह से शहर में आने से कतराते है। इसके लिए स्थाई समाधान प्रशासन को निकालना चाहिए। अधिवक्ता सुभाषचंद्र शुक्ल का कहना है कि प्रयागराज की दूरी डेढ़ घंटे की है। नईगंज में जाम लगने से लोग आधे घंटे से अधिक जाम में ही फंस जाते है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, बस्ती के अधिकतर लोग जौनपुर होकर प्रयागराज हाईकोर्ट आते-जाते है। जाम में फंसकर वह कोर्ट समय पर नहीं पहुंच पाते है। भाजपा नेता एवं कारोबारी सुरेंद्र सिहानिया का कहना है कि प्रशासन को जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक प्लान बनाना चाहिए। ताकि जाम से लोगों को निजात मिल सकें।
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रोजाना नौ जगहों पर जाम की किचकिच
प्रशासन ने नहीं बनाई कोई कार्ययोजना, चारों तरफ से क्रासिंग से घिरा है शहर
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। शहर में जाम की समस्या जटिल हो गई है। शहर के कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां रोजना जाम लगता है। जाम के नौ प्वाइंट चिह्नित हैं लेकिन प्रशासन ने समस्या के समाधान की दिशा में कोई कदम ही नहीं उठाया। जाम से निपटने की कोई कार्ययोजना तो नहीं ही तैयार की गई। जाम वाले इलाकों में अतिक्रमण तक नहीं हटाया गया।
कुछ इलाकों में स्कूल की छुट्टी होने और शाम को जबरदस्त जाम लगता है। जाम के नौ प्वाइंट है, यहां रोजाना दिन में पांच से छह बार जाम लगता है। इसमें फंसकर मानव श्रम का नुकसान होता है और जौनपुर शहर चारों तरफ से क्रासिंग से घिरा हुआ है। दिन में कोई क्रासिंग 12 से 15 बार तो कोई 18 से 20 से अधिक बार बंद होती है। क्रासिंग बंद होते ही जाम लग जाता है। क्रासिंग पर दो से अधिक गाड़ियां गुजरने पर जाम इस कदर बढ़ जाता है कि पूरे शहर में जाम लग जाता है। जाम की वजह से जौनपुर से होकर लोग गुजरने से परहेज करने लगे है। इधर से ही होकर हर रोज लाखों लोग लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, विंध्याचल, फैजाबाद, अंबेडकरनगर आते-जाते है। जब भी कोई इधर से होकर जाता जाम लगा रहता है। देखा जाए तो जाम के नौ प्रमुख जगह नईगंज सिंहीपुर क्रासिंग, जगदीशपुर क्रासिंग, सिपाह, कोतवाली से शाही किला रोड, पालिटेक्निक चौराहा, मंडियाहूं रोड क्रासिंग, मल्हनी पड़ाव, कचहरी रोड और भंडारी स्टेशन रोड है। जाम में फंसकर खासकर स्कूली छात्रों को परेशान होना पड़ता है। स्कूल से समय पर छूटने के बावजूद भी स्कूली बच्चे घर नहीं पहुंच पाते है।
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क्या कहते है लोग
जौनपुर। जाम में फंसकर हर कोई परेशान है। कारोबारी अमित गुप्ता का कहना है कि जाम की वजह से कारोबार प्रभावित हो रहा है। ग्राहक जाम में फंसने की वजह से शहर में आने से कतराते है। इसके लिए स्थाई समाधान प्रशासन को निकालना चाहिए। अधिवक्ता सुभाषचंद्र शुक्ल का कहना है कि प्रयागराज की दूरी डेढ़ घंटे की है। नईगंज में जाम लगने से लोग आधे घंटे से अधिक जाम में ही फंस जाते है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, बस्ती के अधिकतर लोग जौनपुर होकर प्रयागराज हाईकोर्ट आते-जाते है। जाम में फंसकर वह कोर्ट समय पर नहीं पहुंच पाते है। भाजपा नेता एवं कारोबारी सुरेंद्र सिहानिया का कहना है कि प्रशासन को जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक प्लान बनाना चाहिए। ताकि जाम से लोगों को निजात मिल सकें।
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