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Jaunpur News: सिंचाई के लिए जिले में 343 नहरें, पानी नहीं होने से सूख रही धान की फसल

Tue, 09 Sep 2025 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:28 AM IST
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There are 343 canals in the district for irrigation, paddy crop is drying up due to lack of water
पंवारा सजई में सूखी पड़ी नहर। - फोटो : संवाद
जौनपुर। खरीफ की मुख्य फसलों में शामिल धान की खेती के लिए पानी की जरूरत है लेकिन कई नहरें अब भी सूखी पड़ी हैं। इससे किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि यदि नहर में समय से पानी नहीं आया तो सिंचाई के अभाव में धान की फसल प्रभावित हो सकती है। साथ ही पैदावार में भी कमी आ सकती है।
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जिले में सिंचाई के लिए छोटी-बड़ी कुल 343 नहरें हैं। जो करीब 1705 किमी लंबी हैं। इन नहरों के माध्यम से रबी और खरीफ की कुल दो लाख चार हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होती है। एक सप्ताह से बारिश नहीं हो रही है। उधर, धान की फसलों को अब सिंचाई की आवश्यकता है लेकिन अभी तक कई नहरों में पानी ही नहीं छोड़ा गया है। नहरें सूखी पड़ी हैं। इससे किसान चिंतित हैं। नेवढ़िया :
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पांडेयपुर रजबाहा में पानी नहीं आने से सिंचाई के लिए किसान परेशान हैं। कई गांवों के किसान धान की फसलों की सिंचाई इसी रजबाहा के पानी से करते हैं। उधर, इस रजबाहा में विभाग की तरफ से लगभग एक साल से पानी ही नहीं छोड़ा गया है। किसी तरह अन्य संसाधनों से किसानों ने गेहूं की फसल तो तैयार कर ली थी लेकिन अन्य संसाधनों से धान की फसल की तैयार करने के लिए किसान चिंतित हैं।
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डोभी : क्षेत्र से होकर गुजरी शारदा सहायक खंड-36 नहर में कई महीनों से पानी नहीं आ रहा है। नहर के पानी से खेती करने वाले गांवों मुर्खा, पनिहर, कुसम्ही, जरासी, लोहराखोर, भुडली, दुम्मा गांवों के किसान धान की सिंचाई के लिए परेशान है। उनका कहना है कि समय पर सिंचाई नहीं होगी तो पैदावार में कमी आ सकती है। राजाबाजार :
शारदा सहायक खंड-36 से निकली विझवट भीमपुर रजबाहा में पानी नहीं होने से क्षेत्र के किसानों की कई एकड़ धान की फसल पानी के अभाव में सूखने के कगार पर है। किसानों का कहना है कि रजबाहा के किनारे वाले कई एकड़ धान की फसल की सिंचाई नहरों के पानी और बारिश के ही सहारे होती है। अगर समय पर सिंचाई नहीं हुई तो धान की पैदावार में कमी आएगी। बदलापुर : क्षेत्र से होकर गुजरने वाली भीमपुर व रामगंज रजबाहा सूखी पड़ी है। किसान भोलानाथ, सुरेश, विमलेश आदि किसानों ने नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है। सतहरिया :
शारदा सहायक खंड-39 जो पंवारा सजई माइनर निकली है, उसमें पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। किसान संदीप शर्मा, रामलखन पटेल, लल्लन, मोहन लाल, अखिलेश शर्मा, राजेंद्र प्रसाद व सालिक राम पटेल आदि ने बताया कि पंवारा सजई माइनर में पानी नहीं आने से धान की फसल सूख रही है। उन्हें निजी पंपिंग सेट से ज्यादा दाम पर पानी लेकर धान की सिंचाई करनी पड़ रही है। सिंगरामऊ :

क्षेत्र से होकर गुजरी रामगंज रजबाह में पानी नहीं आने से धान की फसल सूखने के कगार पर है। नहर के सहारे खेती करने वाले किसान वंश गोपाल, गिरीश चंद्र मिश्र, राम नारायण मिश्र पूर्व प्रधान, संतोष शुक्ला फिरोजपुर, लाल देव यादव प्रधान जमऊ पत्ती, अरविंद उपाध्याय, कन्हैया लाल उपाध्याय आदि ने बताया कि धान की फसल में पर्याप्त पानी न रहने से रोगों का भी खतरा है। यह किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। शारदा सहायक खंड-36 के अधिशासी अभियंता सुनील गुप्ता का कहना है कि बीते सप्ताह हुई तेज बारिश के कारण ऊपर से पानी बंद कर दिया गया था। दो से तीन दिन में फिर नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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