फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   The veranda will be converted into barracks, capacity of 120 prisoners will be increased

बैरक में तब्दील होगा बरामदा, बढ़ जाएगी 120 बंदियों की क्षमता

Tue, 21 Jul 2020 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2020 11:12 PM IST
विज्ञापन
The veranda will be converted into barracks, capacity of 120 prisoners will be increased
बैरक में तब्दील होगा बरामदा, रह पाएंगे 120 बंदी
विज्ञापन

बैरक संख्या एक के बरामदे को लोहे की जाली से कवर करने का काम शुरू
संक्रमण से बचाने के लिए जेलर की पहल पर शुरू हुआ काम
जिला कारागार में क्षमता से चार गुना अधिक हैं बंदी
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। जिला कारागार में बंद क्षमता से चार गुना अधिक बंदियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए बरामदे को भी बैरक में तब्दील किया जा रहा है। बैरक संख्या एक के दोनों तरफ बरामदे को लोहे की जाली से कवर क़रने का काम शुरू कर दिया गया है। दोनों तरफ के बरामदे में 60-60 बंदियों को रखा जाएगा। इस तरह जेल में 120 बंदियों की क्षमता बढ़ जाएगी। जेलर राजकुमर की पहल पर शुरू हुआ यह काम अगले दो से तीन दिन में पूरा कर लिया जाएगा।
जिला कारागार की क्षमता 320 बंदियों की है जबकि मौजूदा समय में यहां 1350 बंदी रखे गए हैं। क्षमता से चार गुना अधिक बंदी होने के कारण जेल में सामाजिक दूरी का मानक पूरा नही हो पा रहा है। जेल में क्षमता से अधिक बंदियों के होने की समस्या इसलिए और भी गंभीर है क्योंकि अभी शुक्रवार को यहां दो बंदियों की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव पाई गई है। हालांकि जेल प्रशासन ने पांजिटिव मिले बंदियों को कोविड-19 अस्पताल में भर्ती करा दिया है और संबंधित के सम्पर्क में आए करीब 100 बंदियों की जांच कराई है जिसमें से सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब बैरकों में बंदियों का दबाव कम करने के लिए बरामदे को भी बैरक का रूप दिया जा रहा है। बैरक संख्या एक के दोनों तरफ बरामदा है एक तरफ कम से कम 60 बंदी रखे जा सकेंगे। इस हिसाब से 120 बंदियों के लिए नई बैरक तैयार हो जाएगी तो अन्य बैरकों में बंदियों का दबाव कम हो जाएगा।
विज्ञापन

::
जेल में बंदियों की संख्या क्षमता से अधिक होने के कारण बैरक संख्या एक के दोनों तरफ के बरामदे को बैकर का रूप देने के लिए लोहे की जाली लगवाई जा रही है। इससे जेल में करीब 120 बंदियों की क्षमता बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजकुमार
जेलर जिला कारागार जौनपुर ।
इनसेट
इस महाने नहीं मिला काढ़े के लिए बजट
जौनपुर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए जेल के बंदियों को काढ़ा पिलाने के लिए सरकार ने मई और जून महीने में बजट आवंटित किया था। जुलाई महीने में काढ़े के लिए बजट नहीं मिला। बावजूद इसके जेल प्रशासन बंदियों को रोज काढ़ा पिला रहा है। जेलर राजकुमार का कहना है कि जेल के स्टाफ के आपसी सहयोग से बंदियों को पहले की तरह ही काढ़ा नियमित रूप से पिलाया जा रहा है। काढ़ा पर बहुत अधिक खर्च नहीं है। एक बंदी पर कीब सवा रुपये काढ़ा के लिए खर्च आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed