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Jaunpur News: जिन स्कूलों ने दिए देश को कई अफसर वहां पगडंडी की राह

Tue, 31 Oct 2023 11:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 31 Oct 2023 11:46 PM IST
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The schools which gave many officers to the country have paved the way for them.
जौनपुर। स्कूल यानी शिक्षा का मंदिर। यहां पढ़कर कोई अफसर बनता है, तो कोई बड़ा व्यवसायी, साधु, संत हो या फकीर। हर कोई इसी मंदिर से शिक्षा ग्रहण करता है। सिरज-ए-हिंद की धरती यानी जौनपुर जो कभी शिक्षा का केंद्र हुआ करता था, वहां इस मंदिर तक पहुंचने के लिए पगडंडी की राह है। जबकि इन स्कूलों ने देश और प्रदेश को कई अफसर दिए हैं। हद तो यह कि माधोपट्टी जिसे अफसरों का गांव कहा जाता है। आईएएस की फैक्ट्री कहा जाता है, उस गांव के परिषदीय स्कूल तक पहुंचने के लिए ढंग का रास्ता नहीं है।
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करीब 55 लाख से अधिक की आबादी वाले जनपद जौनपुर में 21 ब्लाॅक हैं। शहरी क्षेत्र मिलाकर कुल 2807 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन स्कूलों में करीब चार लाख नौनिहाल पढ़ते हैं। इनमें कई स्कूल ऐसे हैं जहां पढ़ने वाले बच्चों को पगडंडी की ही राह पकड़नी पड़ती है। जबकि इन स्कूलों का रास्ता बनवाने के लिए कई बार स्कूलों की तरफ पत्र लिखा गया, अधिकारियों को अवगत कराया गया।
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क्यों नहीं बन पा रहे रास्ते


जिन स्कूलों तक पहुंचने के लिए रास्ते नहीं हैं उनमें एक नहीं बल्कि कई कारण हैं। ज्यादातर मामलों में तो अधिकारियों की सुस्ती ही कारण है। कई जगह विवाद तो कई जगह नापी न होने के कारण सड़कें नहीं बन पा रही हैं। कुछ जगहों पर तो कई बार नापी कराकर जमीन बनवाने का प्रयास किया गया, लेकिन अब तक सड़कें नहीं बनीं।
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