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Jaunpur News: प्रधानमंत्री ने तीन साल पहले किया लोकार्पण, फिर भी नहीं शुरू हो सकी आईपीडी

Sat, 19 Oct 2024 02:22 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2024 02:22 AM IST
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The Prime Minister inaugurated it three years ago, yet IPD could not be started
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के भले ही दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। उमानाथ सिंह स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों 2021 में लोकार्पित ओपीडी में तीन साल बाद भी आईपीडी (इंडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 2022 में अस्पताल का दौरा कर आईपीडी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे।
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वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री योगी ने इस मेडिकल कॉलेज का दौरा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि छह महीने के भीतर आईपीडी सेवा शुरू की जाए। तत्कालीन मुख्य सचिव आलोक कुमार ने भी 150 बेड के अस्पताल को निर्धारित समय के भीतर पूरी तरह चालू करने की बात कही थी। इसके बावजूद तीन साल बीत गए और आईपीडी का निर्माण अधूरा है। उधर, अस्पताल की नई इमारत में कई निर्माण कार्य अब तक अधूरे पड़े हैं। इससे बुनियादी सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही है। इनमें बिजली, पानी की आपूर्ति, फर्नीचर की व्यवस्था और चिकित्सा उपकरणों की स्थापना जैसे आवश्यक कार्य शामिल हैं। अस्पताल के सुचारु संचालन के लिए जरूरी आधारभूत ढांचे का अभाव गंभीर समस्या बन चुका है। निर्माण सामग्री की कमी और ठेकेदारों की लापरवाही से इन कार्यों में गति नहीं आ रही है। अधिकारियों ने कार्य जल्द पूरा करने के लिए लगातार निरीक्षण और निर्देश दिए हैं, लेकिन इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है।
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आईपीडी सेवाओं के अभाव में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अन्य शहरों या निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। ओपीडी पर निर्भरता के कारण मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। भर्ती होने वाले मरीजों को ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मरीजों को न केवल लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, बल्कि कई बार अस्पतालों में बेड न मिलने की समस्या से भी जूझना पड़ता है।
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