{"_id":"88f9498524af53a698a8b1185d68edd8","slug":"the-films-not-only-aim-to-entertain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिल्मों का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिल्मों का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Sun, 08 Mar 2015 11:18 PM IST
विज्ञापन
प्रोडक्शन मैनेजर अकरम शाह ने यहां रविवार को कहा कि फिल्में सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं बनाई जातीं, उनका मकसद आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना भी है।
सरफरोश, लगान, अग्निवर्षा, ढूंढते रह जाओगे, शिखर, जाने न जाने तू समेत कई सफल हिंदी फिल्मों में काम कर चुके अकरम शाह एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने अपने पैतृक गांव करंजाकला ब्लाक के पोटरिया आए हैं।
आमिर खां के रियलिटी शो सत्यमेव जयते में बतौर लाइन प्रोड्यूसर काम कर चुके अकरम शाह ने कहा कि बहुत सी फिल्मों ने धार्मिक सद्भावना, नैतिकता और एकता का संदेश दिया है।
विज्ञापन
समाज को दिशा देने और बुराइयां दूर करने के लिए फिल्में बनाई जाती हैं। लगान ऐसी ही एक फिल्म है। यह फिल्म संदेश देती है कि इरादे पक्के हों तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं है। इसके लिए सच्ची लगन,जज्बा होना चाहिए। सफलता के लिए शार्ट कट रास्ता खतरनाक है।
विज्ञापन
सरफरोश, लगान, अग्निवर्षा, ढूंढते रह जाओगे, शिखर, जाने न जाने तू समेत कई सफल हिंदी फिल्मों में काम कर चुके अकरम शाह एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने अपने पैतृक गांव करंजाकला ब्लाक के पोटरिया आए हैं।
विज्ञापन
आमिर खां के रियलिटी शो सत्यमेव जयते में बतौर लाइन प्रोड्यूसर काम कर चुके अकरम शाह ने कहा कि बहुत सी फिल्मों ने धार्मिक सद्भावना, नैतिकता और एकता का संदेश दिया है।
विज्ञापन
समाज को दिशा देने और बुराइयां दूर करने के लिए फिल्में बनाई जाती हैं। लगान ऐसी ही एक फिल्म है। यह फिल्म संदेश देती है कि इरादे पक्के हों तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं है। इसके लिए सच्ची लगन,जज्बा होना चाहिए। सफलता के लिए शार्ट कट रास्ता खतरनाक है।