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Jaunpur News: नाग पंचमी पर भोर में ही खुले मंदिरों के कपाट
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जौनपुर। नाग पंचमी के अवसर पर मंगलवार को विधि विधान से नाग देवता की पूजा हुई। जगह जगह महिलाओं ने तालाब व मंदिरों के किनारे बैठ कर नाग देवता का आह्वान करते हुए पूजा की। उन्हें दूध लावा और अन्य प्रसाद चढ़ाए और शिव मंदिरोें मेंं दर्शन-पूजन किया।
गौराबादशाहपुर। क्षेत्र के सरसौड़ा स्थित रायमन ब्रह्म बाबा के मंदिर पर नागपंचमी के अवसर पर मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ो गांवों के श्रद्धालुओं ने माथा टेक कर दर्शन किया। मेले में गौराबादशाहपुर कस्बे के अलावा मछलीशहर, लाला बाजार, केराकत के साथ साथ आजमगढ़ के ठेकमा, बरदह, लालगंज, देवगांव आदि बाजारों के व्यापारी भी मेले में शामिल हुए।
नेवढ़िया। क्षेत्र के सारंगडीह गांव स्थित श्री लोहार देव बाबा के प्राचीन मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। नाग पंचमी पर भोर में 4 बजे से कपाट खुल गए। भक्तों ने लंबी कतार में घंटो इंतजार कर दूध लावा और पूड़ी हलवा लड्डू चढ़ाकर मन्नतें मांगी। ट्रस्ट के अध्यक्ष ने बताया की लोहार देव बाबा कलयुग के जागृत देवता हैं।
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बदलापुर। नाग पंचमी के पावन पर्व पर मंगलवार को विधि विधान से नाग देवता का पूजन किया गया। जगह जगह महिलाओं ने तालाब के किनारे गोट में बैठकर पूजन किया तथा जल में बच्चों ने गुड़िया डुबोकर स्नान किया। क्षेत्र के मिरशादपुर में सर्प मित्र रामचंद्र विश्वकर्मा के घर पहुंची महिलाओं ने साक्षात नाग देवता का जल, दूध व लावा चढ़ाकर पूजन किया।
खेतासराय। नाग पंचमी के पावन अवसर पर क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने नाग देवता की पूजा-अर्चना कर व्रत रखा और विशेष अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। पूरे दिन मंदिरों में मंत्रोच्चार और घंटे-घड़ियाल की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं सोंधी ब्लॉक परिसर में भंडारे का आयोजन हुआ। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह की अगुवाई और रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष निशानाथ की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में कीर्तन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
मछलीशहर। श्रावण मास की शुक्लपक्ष पंचमी तिथि नागपंचमी पर्व के रूप में मनाई गई। मंगलवार को प्रातः दूध लावा नाग देव को चढ़ाया गया। कालसर्प योग, अंगारक योग, केमद्रुम योग या गुरु चांडाल योग से रक्षा के लिए लोगों ने नाग देव के साथ भगवान शिव का पूजन किया। लोगो ने अपने घर के दहलीज के दोनों ओर पांच सिर वाले नाग की गोबर और गेरू से आकृति बनाई और पूजा की।
तेजीबाजार। नागपंचमी के पावन पर्व पर मान्यताओं के मुताबिक बच्चों ने कपड़े की बनी गुड़िया को तालाब में छोड़ा। वहीं तालाब में स्नान कर रहे बच्चों ने रंग बिरंगी छड़ी से कपड़ों से बनी गुड़ियों को पीट रहे थे। नाग पंचमी का लुत्फ उठा रहे थे। क्षेत्र की महिलाएं पुरुष, युवक, युवतियां मंदिरों में तालाब के किनारे बैठकर बड़े ही विधि विधान से नाग देवता की पूजा की। इसमें फूल, माला, सिन्दूर, पान, धतूरा आदि लेकर पूजा कर रही थी। उसके बाद प्रसाद के रूप में दूध, धान का लावा चढ़ाया।
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गौराबादशाहपुर। क्षेत्र के सरसौड़ा स्थित रायमन ब्रह्म बाबा के मंदिर पर नागपंचमी के अवसर पर मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ो गांवों के श्रद्धालुओं ने माथा टेक कर दर्शन किया। मेले में गौराबादशाहपुर कस्बे के अलावा मछलीशहर, लाला बाजार, केराकत के साथ साथ आजमगढ़ के ठेकमा, बरदह, लालगंज, देवगांव आदि बाजारों के व्यापारी भी मेले में शामिल हुए।
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नेवढ़िया। क्षेत्र के सारंगडीह गांव स्थित श्री लोहार देव बाबा के प्राचीन मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। नाग पंचमी पर भोर में 4 बजे से कपाट खुल गए। भक्तों ने लंबी कतार में घंटो इंतजार कर दूध लावा और पूड़ी हलवा लड्डू चढ़ाकर मन्नतें मांगी। ट्रस्ट के अध्यक्ष ने बताया की लोहार देव बाबा कलयुग के जागृत देवता हैं।
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बदलापुर। नाग पंचमी के पावन पर्व पर मंगलवार को विधि विधान से नाग देवता का पूजन किया गया। जगह जगह महिलाओं ने तालाब के किनारे गोट में बैठकर पूजन किया तथा जल में बच्चों ने गुड़िया डुबोकर स्नान किया। क्षेत्र के मिरशादपुर में सर्प मित्र रामचंद्र विश्वकर्मा के घर पहुंची महिलाओं ने साक्षात नाग देवता का जल, दूध व लावा चढ़ाकर पूजन किया।
खेतासराय। नाग पंचमी के पावन अवसर पर क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने नाग देवता की पूजा-अर्चना कर व्रत रखा और विशेष अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। पूरे दिन मंदिरों में मंत्रोच्चार और घंटे-घड़ियाल की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं सोंधी ब्लॉक परिसर में भंडारे का आयोजन हुआ। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह की अगुवाई और रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष निशानाथ की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में कीर्तन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
मछलीशहर। श्रावण मास की शुक्लपक्ष पंचमी तिथि नागपंचमी पर्व के रूप में मनाई गई। मंगलवार को प्रातः दूध लावा नाग देव को चढ़ाया गया। कालसर्प योग, अंगारक योग, केमद्रुम योग या गुरु चांडाल योग से रक्षा के लिए लोगों ने नाग देव के साथ भगवान शिव का पूजन किया। लोगो ने अपने घर के दहलीज के दोनों ओर पांच सिर वाले नाग की गोबर और गेरू से आकृति बनाई और पूजा की।
तेजीबाजार। नागपंचमी के पावन पर्व पर मान्यताओं के मुताबिक बच्चों ने कपड़े की बनी गुड़िया को तालाब में छोड़ा। वहीं तालाब में स्नान कर रहे बच्चों ने रंग बिरंगी छड़ी से कपड़ों से बनी गुड़ियों को पीट रहे थे। नाग पंचमी का लुत्फ उठा रहे थे। क्षेत्र की महिलाएं पुरुष, युवक, युवतियां मंदिरों में तालाब के किनारे बैठकर बड़े ही विधि विधान से नाग देवता की पूजा की। इसमें फूल, माला, सिन्दूर, पान, धतूरा आदि लेकर पूजा कर रही थी। उसके बाद प्रसाद के रूप में दूध, धान का लावा चढ़ाया।