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Jaunpur News: 20 किलोमीटर की दूरी 9 घंटे में हुई पूरी, फल खाकर काटा सफर
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मुंगराबादशाहपुर। महाकुंभ स्नान तो जैसे-तैसे कर आए लेकिन लौटना श्रद्धालुओं को भारी पड़ गया। प्रयागराज संगम क्षेत्र से सहसों तक 20 किलोमीटर की दूरी तय करने में 9 घंटे लग गए। एक ही जगह गाड़ी में बंद और बैठे बैठे मानों प्राण ही निकलने से बचा। रास्ते में बिक रहे पपीते और अन्य फल खा कर सफर बिताया। ये पीड़ा सोमवार को महाकुंभ से घर लौट रहे श्रद्धालुओं ने अमर उजाला से साझा की।
सिरकोनी निवासी रवि सिंह ने बताया कि अपना साधन बार्डर पर छोड़ कर महाकुंभ क्षेत्र में पैदल जाना बहुत कष्टदायी रहा। इसके बाद जाम मं फंसना तो जैसे प्राण पर आफत आना जैसा रहा। प्रयागराज से सहसों की दूरी तय करने में 9 घंटे लग गए। गाड़ियां इतनी अधिक थीं, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। पहली बार इतना बड़ा जाम देखने को मिला। ऐसे ही अन्य यात्रियों ने भी अपने दास्तान-ए-सफर बयां किया।
प्रयागराज से गोरखपुर लौट रहे श्रद्धालु मनीष तिवारी, अरविंद, मदन तिवारी, संगीता ने बताया कि प्रयागराज से लेकर सहसों तक भयावह जाम है। सोमवार की सुबह भोर में 4 बजे निकले और उन्हें मुंगराबादशाहपुर पहुंचते-पहुंचते दोपहर के एक बज गए।
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प्रयागराज के हर्षदीप अपने मोटरसाइकिल से मुंगराबादशाहपुर के लिए सुबह 6 बजे निकले तो वह 12 बजे यहां पहुंच सके। बताया कि फाफामऊ और सहसों के जाम में फंसा रहे। हिलने तक की जगह नहीं थी सड़क पर।
सुजानगंज की छात्रा साक्षी ने बताया कि वह रविवार की शाम 6 बजे सरकारी बस से प्रयागराज के लिए निकली थी। रात 1 बजे प्रयागराज अपने कमरे में पहुंच सकी। फूलपुर , बाबूगंज, सहसों, झूंसी में जाम इस कदर था कि पैर रखने की जगह नहीं बची थी।
कुंवरपुर टोल प्लाजा के मैनेजर शारदा पांडेय ने बताया कि उन्हें सोमवार की सुबह छिवकी से ट्रेन पकड़नी थी। प्रयागराज जाते समय जाम में फंस गया। ट्रेन छूट गई वह मुम्बई नहीं जा सके।
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सिरकोनी निवासी रवि सिंह ने बताया कि अपना साधन बार्डर पर छोड़ कर महाकुंभ क्षेत्र में पैदल जाना बहुत कष्टदायी रहा। इसके बाद जाम मं फंसना तो जैसे प्राण पर आफत आना जैसा रहा। प्रयागराज से सहसों की दूरी तय करने में 9 घंटे लग गए। गाड़ियां इतनी अधिक थीं, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। पहली बार इतना बड़ा जाम देखने को मिला। ऐसे ही अन्य यात्रियों ने भी अपने दास्तान-ए-सफर बयां किया।
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प्रयागराज से गोरखपुर लौट रहे श्रद्धालु मनीष तिवारी, अरविंद, मदन तिवारी, संगीता ने बताया कि प्रयागराज से लेकर सहसों तक भयावह जाम है। सोमवार की सुबह भोर में 4 बजे निकले और उन्हें मुंगराबादशाहपुर पहुंचते-पहुंचते दोपहर के एक बज गए।
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प्रयागराज के हर्षदीप अपने मोटरसाइकिल से मुंगराबादशाहपुर के लिए सुबह 6 बजे निकले तो वह 12 बजे यहां पहुंच सके। बताया कि फाफामऊ और सहसों के जाम में फंसा रहे। हिलने तक की जगह नहीं थी सड़क पर।
सुजानगंज की छात्रा साक्षी ने बताया कि वह रविवार की शाम 6 बजे सरकारी बस से प्रयागराज के लिए निकली थी। रात 1 बजे प्रयागराज अपने कमरे में पहुंच सकी। फूलपुर , बाबूगंज, सहसों, झूंसी में जाम इस कदर था कि पैर रखने की जगह नहीं बची थी।
कुंवरपुर टोल प्लाजा के मैनेजर शारदा पांडेय ने बताया कि उन्हें सोमवार की सुबह छिवकी से ट्रेन पकड़नी थी। प्रयागराज जाते समय जाम में फंस गया। ट्रेन छूट गई वह मुम्बई नहीं जा सके।