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नहर कटने से फसलें हुईं जलमग्न
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Wed, 24 Aug 2016 11:54 PM IST
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काफरपुर गांव में शारदा सहायक खंड 36 नहर लालगंज कटने से गांव में घुस रहे पानी को रोकने की कोशिश करता ग्रामीण ।
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स्थानीय विकास खंड के काफरपुर गांव के पास बुधवार को शारदा सहायक खंड 36 लालगंज नहर की पटरी को अराजक तत्वों ने काट दिया। जिससे गांव की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। खेत से होकर पानी बस्ती की ओर बढ़ा तो गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण नहर को बांधने के लिए पहुंच गए, लेकिन शाम छह बजे तक नहर बांधी नहीं जा सकी थी। अलबत्ता यहां से 10 किलोमीटर दूर मेहरावां के पास फाटक बंद कर पानी को कम कर दिया गया है।
बुधवार को दोपहर किसी अराजक तत्व ने काफारपुर के पास नहर की पटरी काट दी। पहले तो किसी को पता नहीं चला, लेकिन पानी के तेज बहाव के चलते नहर का पानी खेतों में भरने लगा तो गांव में हलचल मच गई। पहले इसकी सूचना गांव निवासी सेन बिंद ने क्षेत्र पंचायत सदस्य विनय सिंह को दी। उन्होंने गेटमैन रामनाथ को सूचना देकर दस किलोमीटर दूर मेहरावा के पास स्थित गेट से पानी को कम किया। लेकिन पानी का दबाव देर रात तक बना रहा।
जिससे नहर बांधने के प्रयास मे ंजुटे ग्रामीण हैरान होते रहे। एसडीओ सिंचाई सुरेश कुमार को भी इसकी जानकारी दी गई। उनके निर्देश पर नहर बांधने के लिए कुछ श्रमिक भी मौके पर पहुंचे जो ग्रामीणों के साथ नगहर बांधने के प्रयास में जुटे थे। शाम तक गांव के मिठाई, पोल्हन, बाल्मिक, दारा, बच्चा, करन, खीरू, रामदयाल, रामश्रृंगार, निरंजन, प्रमोद, शिवसेवक, अभयजीत सिंह, महेंद्र, प्रदीप, रामबहाल, रामलखन, मंजू, नाजुक, पुन्नवासी समेत अन्य किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई।
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बुधवार को दोपहर किसी अराजक तत्व ने काफारपुर के पास नहर की पटरी काट दी। पहले तो किसी को पता नहीं चला, लेकिन पानी के तेज बहाव के चलते नहर का पानी खेतों में भरने लगा तो गांव में हलचल मच गई। पहले इसकी सूचना गांव निवासी सेन बिंद ने क्षेत्र पंचायत सदस्य विनय सिंह को दी। उन्होंने गेटमैन रामनाथ को सूचना देकर दस किलोमीटर दूर मेहरावा के पास स्थित गेट से पानी को कम किया। लेकिन पानी का दबाव देर रात तक बना रहा।
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जिससे नहर बांधने के प्रयास मे ंजुटे ग्रामीण हैरान होते रहे। एसडीओ सिंचाई सुरेश कुमार को भी इसकी जानकारी दी गई। उनके निर्देश पर नहर बांधने के लिए कुछ श्रमिक भी मौके पर पहुंचे जो ग्रामीणों के साथ नगहर बांधने के प्रयास में जुटे थे। शाम तक गांव के मिठाई, पोल्हन, बाल्मिक, दारा, बच्चा, करन, खीरू, रामदयाल, रामश्रृंगार, निरंजन, प्रमोद, शिवसेवक, अभयजीत सिंह, महेंद्र, प्रदीप, रामबहाल, रामलखन, मंजू, नाजुक, पुन्नवासी समेत अन्य किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई।
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