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िशक्ष्ाामित्रों ने बीएसए दफ्तर में किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Tue, 15 Sep 2015 12:55 AM IST
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सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्र आंदोलित हो उठे हैं। सोमवार को शिक्षामित्रों ने विद्यालयों में तालाबंद कर विरोध जताया और बीएसए कार्यालय पहुंच कर पहले मुंह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया फिर हंगामा
किया। इस दौरान उन्होंने इच्छा मृत्यु की अनुमति देने समायोजन को बहाल करने की मांग की। उनकी भारी भीड़ और गुस्सा को देख कार्यालय के कई बाबू और कर्मचारी सीट छोड़कर भाग खड़े हुए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी परमहंस सिंह यादव ने
किसी तरह उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री को संबोधित पत्रक बीएसए को सौंपा। पत्रक में कहा गया है कि सहायक अध्यापक के पद पर उनका समायोजन बहाल हो या फिर उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति
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प्रदान की जाए। संघ के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार यादव ने कहा कि एनसीटीई शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। एक लाख 72 हजार शिक्षा मित्रों का करियर चौपट होने के कगार पहुंच गया है।
सरकार को इस मुुद्दे पर निर्णय लेने की जरूरत है। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय मंत्री मनीष यादव ने कहा कि एनसीटीई की ओर से कोर्ट में गलत हलफनामा लगाने से आज पौने दो लाख शिक्षामित्र भुखमरी के मुहाने पहुंच गए हैं।
उन्होंने कोर्ट के फैसले के बाद आत्महत्या जैसी घटनाओं पर अफसोस जताया। कहा कि कोई भी साथी धैर्य न खोए। उनका संघर्ष बेकार नहीं जाएगा। संघ के जिला मंत्री छोटेलाल गौतम ने कहा कि न्यायालय के निर्णय से शिक्षा मित्रों को काफी
आघात लगा है। शिक्षा मित्रों का कहना है कि उन्हें जो प्रशिक्षण दिया गया है उसेेेे वैध माना जाए। इस मौके पर दिनेश गौतम, जगदीश यादव, राकेश यादव, शिव कुमार प्रजापति, अजय यादव, दुर्गेश सिंह, छोटेलाल यादव आदि मौजूद थे।
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किया। इस दौरान उन्होंने इच्छा मृत्यु की अनुमति देने समायोजन को बहाल करने की मांग की। उनकी भारी भीड़ और गुस्सा को देख कार्यालय के कई बाबू और कर्मचारी सीट छोड़कर भाग खड़े हुए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी परमहंस सिंह यादव ने
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किसी तरह उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री को संबोधित पत्रक बीएसए को सौंपा। पत्रक में कहा गया है कि सहायक अध्यापक के पद पर उनका समायोजन बहाल हो या फिर उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति
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प्रदान की जाए। संघ के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार यादव ने कहा कि एनसीटीई शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। एक लाख 72 हजार शिक्षा मित्रों का करियर चौपट होने के कगार पहुंच गया है।
सरकार को इस मुुद्दे पर निर्णय लेने की जरूरत है। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय मंत्री मनीष यादव ने कहा कि एनसीटीई की ओर से कोर्ट में गलत हलफनामा लगाने से आज पौने दो लाख शिक्षामित्र भुखमरी के मुहाने पहुंच गए हैं।
उन्होंने कोर्ट के फैसले के बाद आत्महत्या जैसी घटनाओं पर अफसोस जताया। कहा कि कोई भी साथी धैर्य न खोए। उनका संघर्ष बेकार नहीं जाएगा। संघ के जिला मंत्री छोटेलाल गौतम ने कहा कि न्यायालय के निर्णय से शिक्षा मित्रों को काफी
आघात लगा है। शिक्षा मित्रों का कहना है कि उन्हें जो प्रशिक्षण दिया गया है उसेेेे वैध माना जाए। इस मौके पर दिनेश गौतम, जगदीश यादव, राकेश यादव, शिव कुमार प्रजापति, अजय यादव, दुर्गेश सिंह, छोटेलाल यादव आदि मौजूद थे।