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नहीं दिखा सिटी मजिस्ट्रेट की कार्रवाई का असर, फिर पहले जैसा गुलजार रहा एआरटीओ कार्यालय
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जौनपुर। नगर मजिस्ट्रेट के छापे के दूसरे दिन बुधवार को एआरटीओ कार्यालय में कोई बदलाव नहीं दिखा। कार्यालय पहले जैसा ही फिर से गुलजार रहा। दुकानें खुली रहीं, जिस पर लोगों की भारी भीड़ लगी थी। लगभग यही हाल एआरटीओ कार्यालय में भी रहा। लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन करीब उतने ही लोग फोटो खिंचने वाले व स्क्रूटनी कक्ष के बाहर बिना लाइन के खड़े रहे, जिन्हें रोकने वाला कोई नहीं था।
लाइसेंस बनवाने सहित अन्य कार्यों को कराने की सारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होने के बाद भी एआरटीओ कार्यालय में भीड़ कम नहीं हुई है। जितनी भीड़ सामान्य रुप से लाइसेंस बनाने में लगती थी। उतनी ही भीड़ अब भी है। इस कारण अभी भी इस कार्यालय में दलालों की सक्रियता कम नहीं हो पाई है। हर काउंटर पर उनकी गहरी पैठ है। कार्यालय के बाहर आसपास की दुकानों पर मौजूद रहने वाले यह दलाल मोटी रकम ऐंठ कर सभी काम कराने का दावा करते हैं। विभागीय कर्मचारियों से भी उनकी सांठ-गांठ रहती है। इसकी बदौलत वे लोगों से काम कराने का दावा करते हैं। शिकायत पर कई बार जांच की गई, लेकिन कोई असर नहीं हो पाया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डीएम के निर्देश पर 29 नवंबर को सिटी मजिस्ट्रेट ने सीओ सिटी व पुलिस फोर्स के साथ मिलकर अचानक एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा। अफसरों के वाहन देखते ही हड़कंप मच गया। कई लोग कार्यालय परिसर से भाग खड़े हुए। आसपास की दुकानों पर लगी भीड़ भी समाप्त हो गई, लेकिन छापा के दूसरे दिन बुधवार को भी पहले जैसा माहौल हो गया है। दुकानों व कार्यालय परिसर में भारी भीड़ लगी रही। लाइसेंस बनवाने के लिए लंबी लाइन लगी थी। बावजूद इसके लोग फोटो खिंचने सहित स्क्रूटनी कक्ष के बाहर बिना लाइन के लोगों की भीड़ लगी थी। कई लोग लाइसेंस बनवाने के लिए छह-छह फार्म अपने हाथों में लेकर घुम रहे थे। जिनको रोकने वाला कोई मौजूद नहीं रहा था।
फोटो खिंचवाने व स्क्रूटनी कराने के लिए लोगों को लाइन से क्रमश: आने का निर्देश दिया है।संबंधित कर्मचारी को कतार में खड़े लोगों का ही काम करने की हिदायत दी गई है। इसके बाद भी अगर लोग बिना लाइन के खड़े हैं और हाथों में कई-कई फार्म लेकर घूम रहे हैं तो इसकी औचक जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -एसपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन
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लाइसेंस बनवाने सहित अन्य कार्यों को कराने की सारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होने के बाद भी एआरटीओ कार्यालय में भीड़ कम नहीं हुई है। जितनी भीड़ सामान्य रुप से लाइसेंस बनाने में लगती थी। उतनी ही भीड़ अब भी है। इस कारण अभी भी इस कार्यालय में दलालों की सक्रियता कम नहीं हो पाई है। हर काउंटर पर उनकी गहरी पैठ है। कार्यालय के बाहर आसपास की दुकानों पर मौजूद रहने वाले यह दलाल मोटी रकम ऐंठ कर सभी काम कराने का दावा करते हैं। विभागीय कर्मचारियों से भी उनकी सांठ-गांठ रहती है। इसकी बदौलत वे लोगों से काम कराने का दावा करते हैं। शिकायत पर कई बार जांच की गई, लेकिन कोई असर नहीं हो पाया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डीएम के निर्देश पर 29 नवंबर को सिटी मजिस्ट्रेट ने सीओ सिटी व पुलिस फोर्स के साथ मिलकर अचानक एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा। अफसरों के वाहन देखते ही हड़कंप मच गया। कई लोग कार्यालय परिसर से भाग खड़े हुए। आसपास की दुकानों पर लगी भीड़ भी समाप्त हो गई, लेकिन छापा के दूसरे दिन बुधवार को भी पहले जैसा माहौल हो गया है। दुकानों व कार्यालय परिसर में भारी भीड़ लगी रही। लाइसेंस बनवाने के लिए लंबी लाइन लगी थी। बावजूद इसके लोग फोटो खिंचने सहित स्क्रूटनी कक्ष के बाहर बिना लाइन के लोगों की भीड़ लगी थी। कई लोग लाइसेंस बनवाने के लिए छह-छह फार्म अपने हाथों में लेकर घुम रहे थे। जिनको रोकने वाला कोई मौजूद नहीं रहा था।
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फोटो खिंचवाने व स्क्रूटनी कराने के लिए लोगों को लाइन से क्रमश: आने का निर्देश दिया है।संबंधित कर्मचारी को कतार में खड़े लोगों का ही काम करने की हिदायत दी गई है। इसके बाद भी अगर लोग बिना लाइन के खड़े हैं और हाथों में कई-कई फार्म लेकर घूम रहे हैं तो इसकी औचक जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -एसपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन
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