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अखाड़ा बना लोकतंत्र का मंदिर : रीता
jaunpur
Updated Fri, 13 Apr 2018 12:46 AM IST
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प्रदेश की कैबिनेट मंत्री व जिले की प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि लोकतंत्र का मंदिर दंगल का अखाड़ा बन गया है। उसका मूल कार्य अवरुद्ध हो गया है। भाजपा के सभी सांसदों ने 23 दिन की कार्यवाही न चलने पर 23 दिन का वेतन नहीं लेने का निर्णय लिया है। वे बुधवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित अनशन स्थल पर लोगों को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सरकार में रहने वाली कांग्रेस केवल गरीब और गरीबी के नाम पर सरकार बनाती रही है। पर देश को लूटती रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह का उपवास कार्यक्रम देश के इतिहास में पहली बार हो रहा है। सांसद केपी सिंह ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर को 23 दिनों तक नहीं चलने नहीं दिया गया, इसके लिए दोषी विपक्ष है। विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि मोदी सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास एवं उत्थान की दिशा में कार्य कर रही है। किंतु विरोधियों को यह हजम नहीं हो रहा है और वे सदन रूपी मंदिर को नहीं चलने दे रहे हैं। विधायक हरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जो सदन की कार्यवाही को नहीं चलने दे रहे हैं, वे राष्ट्र का आर्थिक एवं सामाजिक विकास नहीं चाहते हैं।
विधायक दिनेश चौधरी ने कहा कि संसद में देश के लोगों के स्वाभिमान, आर्थिक एवं सुरक्षा के विषय पर चर्चा एवं कार्यवाही सुनिश्चित होती है, लेकिन जब सदन नहीं चले तो राष्ट्र के निवासियों का हित सुदृढ़ नहीं हो सकता है। जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री के रूप में मोदी को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया, सीमा द्विवेदी, हरिश्चंद्र सिंह, सुशील मिश्रा, रविन्द्र नारायण सिंह, सांसद प्रतिनिधि विजय चंद पटेल, श्याम मोहन अग्रवाल, नियाज अहमद, पंकज मिश्रा, शबनम पांडेय ने भी समारोह को संबोधित किया।
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इस अवसर पर रामसिंह मौर्या, अजीत प्रजापति, किरन श्रीवास्तव, सूर्यप्रकाश सिंह मुन्ना, सतीश दुबे, राजमणि सिंह, संदीप तिवारी, पुष्पराज सिंह, पीयूष गुप्ता, मनोज दुबे, राजेश श्रीवास्तव, धर्मपाल कन्नौजिया, अभय राय, अतुल कुमार पांडेय, किरन मिश्रा, अनीता सिद्धार्थ, अंकित पांडेय, सचिन पांडेय, ऋषिकेश तिवारी, रविंद्र सिंह समेत हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और जन प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजय कुमार सिंह ने किया।
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उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सरकार में रहने वाली कांग्रेस केवल गरीब और गरीबी के नाम पर सरकार बनाती रही है। पर देश को लूटती रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह का उपवास कार्यक्रम देश के इतिहास में पहली बार हो रहा है। सांसद केपी सिंह ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर को 23 दिनों तक नहीं चलने नहीं दिया गया, इसके लिए दोषी विपक्ष है। विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि मोदी सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास एवं उत्थान की दिशा में कार्य कर रही है। किंतु विरोधियों को यह हजम नहीं हो रहा है और वे सदन रूपी मंदिर को नहीं चलने दे रहे हैं। विधायक हरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जो सदन की कार्यवाही को नहीं चलने दे रहे हैं, वे राष्ट्र का आर्थिक एवं सामाजिक विकास नहीं चाहते हैं।
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विधायक दिनेश चौधरी ने कहा कि संसद में देश के लोगों के स्वाभिमान, आर्थिक एवं सुरक्षा के विषय पर चर्चा एवं कार्यवाही सुनिश्चित होती है, लेकिन जब सदन नहीं चले तो राष्ट्र के निवासियों का हित सुदृढ़ नहीं हो सकता है। जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री के रूप में मोदी को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया, सीमा द्विवेदी, हरिश्चंद्र सिंह, सुशील मिश्रा, रविन्द्र नारायण सिंह, सांसद प्रतिनिधि विजय चंद पटेल, श्याम मोहन अग्रवाल, नियाज अहमद, पंकज मिश्रा, शबनम पांडेय ने भी समारोह को संबोधित किया।
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इस अवसर पर रामसिंह मौर्या, अजीत प्रजापति, किरन श्रीवास्तव, सूर्यप्रकाश सिंह मुन्ना, सतीश दुबे, राजमणि सिंह, संदीप तिवारी, पुष्पराज सिंह, पीयूष गुप्ता, मनोज दुबे, राजेश श्रीवास्तव, धर्मपाल कन्नौजिया, अभय राय, अतुल कुमार पांडेय, किरन मिश्रा, अनीता सिद्धार्थ, अंकित पांडेय, सचिन पांडेय, ऋषिकेश तिवारी, रविंद्र सिंह समेत हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और जन प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजय कुमार सिंह ने किया।