जौनपुर। नगर के कल्लू मरहूम के इमामबाड़े में कर्बला के प्यासे शहीदों की याद में आयोजित कदीम तरही शब्बेदारी रविवार को अकीदत के साथ संपन्न हुई। शनिवार शाम से शुरू हुई इस शब्बेदारी में मुल्क के विभिन्न हिस्सों से आए अकीदतमंदों ने मातम और अश्कों के जरिये हजरत इमाम हुसैन और शहीदान-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। शब्बेदारी की पहली मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना मेहर अब्बास रिजवी ने कहा कि कर्बला का पैगाम किसी एक कौम या फिरके तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी इन्सानियत के लिए सब्र, इन्साफ, सच्चाई और ज़ुल्म के ख़िलाफ डटकर खड़े होने का पैग़ाम है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की कुर्बानी दुनिया को अम्न, मोहब्बत और इंसानी अख़लाक़ का रास्ता दिखाती रहेगी।
अंतिम मजलिस को ख़िताब करते हुए मौलाना सफ़दर हुसैन जैदी ने दर्दनाक मंज़र को बयान किया तो पूरा इमामबाड़ा ग़मगीन हो उठा और अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि समाज की तरीके लिए ज़रूरी है कि लोग इल्म, ईमानदारी और इन्साफ को अहमियत दें तथा ऐसे रहनुमाओं का चुनाव करें जो इन्सानियत और समाज की भलाई के लिए काम करें। संवाद