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बच्चों का रखें ख्याल: खांसी आए पसली चले तो डाक्टर से मिलें
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जौनपुर। सर्दी के बीच कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में छोटे बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी है। एक साल तक के बच्चे को अधिक खांसी आ रही हो, पसली चल रही हो, बच्चा दूध व खुराक लेना बंद कर दे, तेज बुखार हो और दस्त न रुके तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक से जरूर संपर्क करें। दिन में तीन-चार बार बच्चे के सांस लेने की दर (रेस्परेटरी रेट) और आक्सीजन सेचुरेशन (पल्स आक्सीमीटर से) जरूर नापें, आक्सीजन सेचुरेशन 94 फीसद व उससे अधिक ही होना चाहिए। कम होने पर चिकित्सक से सलाह लें। सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने विज्ञप्ति में कहा कि शून्य से 12 साल तक के बच्चों को तीन श्रेणी में बांटते हुए और 12 साल से ऊपर वालों के लक्षणों के आधार पर दवाओं का सेवन करें।
मेडिकल किट में शामिल दवाएं
जौनपुर। शून्य से 12 माह तक के शिशुओं के लिए लक्षण युक्त शिशु (जिनका कोविड टेस्ट रिजल्ट अभी ज्ञात नहीं है या टेस्ट नहीं हुआ है) तथा पाजिटिव शिशु जिनको केवल बुखार है, उनके लिए दी जा रही किट में पैरासिटामाल ड्रॉप (100 मिग्रा प्रति मिली) की दो शीशी, मल्टी विटामिन ड्रॉप की एक शीशी और ओआरएस का एक पैकेट शामिल है। पैरासिटामाल ड्रॉप बुखार आने की स्थिति में बच्चे को देना है और ध्यान रहे इसे खाली पेट नहीं देना है। शून्य से दो माह तक के शिशु को पैरासिटामाल ड्रॉप दशमलव पांच मिली दिन में तीन बार देना है, तीन से छह माह तक के शिशु को एक मिली दिन में तीन बार और सात से 12 माह के शिशु को एक मिली दिन में चार बार बुखार आने पर देना है। मल्टी विटामिन का ड्रॉप छह माह तक के शिशुओं को नहीं देना है। सात से 12 माह तक के शिशु को दशमलव पांच मिली सात दिन तक देना है।
एक से पांच व 12 वर्ष के बच्चों के दवा की खुराक
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। एक से पांच व 12 वर्ष के बच्चों के दवा पैरासिटामाल सिरप (बुखार आने पर दें, ध्यान रहे खाली पेट नहीं देना है)। एक से दो वर्ष के बच्चे को पांच मिली. छह घंटे के अंतराल पर दिन में चार बार, दो से तीन वर्ष को 10 मिली आठ घंटे के अंतराल पर दिन में तीन बार, तीन से पांच वर्ष के बच्चे को 10 मिली छह घंटे के अंतराल पर दिन में चार बार देना है। मल्टीविटामिन सिरप-एक से दो वर्ष के बच्चे को ढाई मिली रात को एक बार, दो से पांच वर्ष तक के बच्चे को ढाई मिली सुबह और रात को सात दिन तक देना है। ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है। छह से 12 वर्ष के लिए टैबलेट पैरासिटामाल (500 मिलीग्राम) बुखार आने पर आधी गोली दिन में तीन बार (खाली पेट नहीं देना है), आठ घंटे के अंतराल पर, टैबलेट आइवरमेक्टिन छह मिलीग्राम-रात को खाना खाने के एक घंटे बाद एक गोली तीन दिन तक, मल्टीविटामिन टैबलेट-रात को सोने से पहले एक गोली सात दिन तक, ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है।
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मेडिकल किट में शामिल दवाएं
जौनपुर। शून्य से 12 माह तक के शिशुओं के लिए लक्षण युक्त शिशु (जिनका कोविड टेस्ट रिजल्ट अभी ज्ञात नहीं है या टेस्ट नहीं हुआ है) तथा पाजिटिव शिशु जिनको केवल बुखार है, उनके लिए दी जा रही किट में पैरासिटामाल ड्रॉप (100 मिग्रा प्रति मिली) की दो शीशी, मल्टी विटामिन ड्रॉप की एक शीशी और ओआरएस का एक पैकेट शामिल है। पैरासिटामाल ड्रॉप बुखार आने की स्थिति में बच्चे को देना है और ध्यान रहे इसे खाली पेट नहीं देना है। शून्य से दो माह तक के शिशु को पैरासिटामाल ड्रॉप दशमलव पांच मिली दिन में तीन बार देना है, तीन से छह माह तक के शिशु को एक मिली दिन में तीन बार और सात से 12 माह के शिशु को एक मिली दिन में चार बार बुखार आने पर देना है। मल्टी विटामिन का ड्रॉप छह माह तक के शिशुओं को नहीं देना है। सात से 12 माह तक के शिशु को दशमलव पांच मिली सात दिन तक देना है।
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एक से पांच व 12 वर्ष के बच्चों के दवा की खुराक
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। एक से पांच व 12 वर्ष के बच्चों के दवा पैरासिटामाल सिरप (बुखार आने पर दें, ध्यान रहे खाली पेट नहीं देना है)। एक से दो वर्ष के बच्चे को पांच मिली. छह घंटे के अंतराल पर दिन में चार बार, दो से तीन वर्ष को 10 मिली आठ घंटे के अंतराल पर दिन में तीन बार, तीन से पांच वर्ष के बच्चे को 10 मिली छह घंटे के अंतराल पर दिन में चार बार देना है। मल्टीविटामिन सिरप-एक से दो वर्ष के बच्चे को ढाई मिली रात को एक बार, दो से पांच वर्ष तक के बच्चे को ढाई मिली सुबह और रात को सात दिन तक देना है। ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है। छह से 12 वर्ष के लिए टैबलेट पैरासिटामाल (500 मिलीग्राम) बुखार आने पर आधी गोली दिन में तीन बार (खाली पेट नहीं देना है), आठ घंटे के अंतराल पर, टैबलेट आइवरमेक्टिन छह मिलीग्राम-रात को खाना खाने के एक घंटे बाद एक गोली तीन दिन तक, मल्टीविटामिन टैबलेट-रात को सोने से पहले एक गोली सात दिन तक, ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है।
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