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कई बार चुनाव प्रचार के दौरान जिले में आई थी सुषमा
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20- वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में मुंगराबादशाहपुर मेंएक चुनावी जनसभा में मंच पर मौजूद पूर्व विदेश ?
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चुनाव प्रचार के दौरान कई बार जिले में आ चुकी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान जिले के बड़े नेता ही नहीं बल्कि कई सामान्य कार्यकर्ताओं के साथ भी फोटो खिंचवाई थी।
वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधान सभा से प्रत्याशी रहे सुरेंद्र सिंह के पक्ष में टाऊनहाल के मैदान में उन्हेंने जनसभा को संबोधित किया था। उस दौरान भाजपा महिला मोर्चा की जिला मंत्री रही ज्योतिदास ने जैसे ही सुषमा स्वराज को अपना परिचय दिया तो उन्हेंने मंच पर ही उन्हें गले लगा लिया था। यहां मंच पर कइयों के साथ उन्होंने फोटो भी खिंचवाई थी।
1996 और 2012 के चुनाव में भी वह जिले में चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंची थी। मुंगराबादशाहपुर विधानसभा में भी उन्होंने रैली को संबोधित किया था। पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी कहती हैं कि वह सुषमा स्वराज को जीवन में कभी भूल नहीं पाएंगी। वह उन्हें छोटी बहन की तरह प्यार करती थी। सीमा कहती हैं कि वह 1996, 2007 और 2012 के चुनाव में उनका प्रचार करने आई थी तो तीनोंबार वह विधायक चुनी गई थी। 2017 के चुनाव में वह नहीं आ सकी तो मै चुनाव हार गई। मै उनकी यादें कभी नही भूल पाउंगी । वह मेरी राजनैतिक गुरू थी उनका जाना मेरे लिऐ काफी दुखद है। जिसका बयान मै शब्दों में नहीं कर सकती।
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सऊदी अरब में फंसे आकाश को लायी थीं वापस
जौनपुर। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का जौनपुर से भी गहना नाता रहा है। यही वजह है कि उनके निधन की खबर पर कई परिवारों के लोग अपने आंसू नहीं रोक सके। सऊदी अरब में फंसे आकाश सोनी पूर्व विदेश मंत्री की बदौलत ही अपने परिवार में दोबारा लौट सका था। उनके निधन की खबर टेवी पर देख आकाश की मां सोना देवी फफक कर रो पड़ी। उनका कहना है कि वह सुषमा से आमने सामने भले ही कभी मुखातिब नहीं हुई थीं लेकिन उनके प्रयास से ही बेटा आकाश सऊदी से सकुशल घर वापस आ सका था। मेरा परिवार उन्हें की भूल नहीं सकता।
दरअसल शहर कोतवाली क्षेत्र के अबीरगढ़ टोला निवासी केदारनाथ सेठ का बेटा आकाश 10 सितंबर 2015 को नौकरी के लिए सऊदी अरब के अलबाह शहर में गया था। एजेंटों ने उसे मकैनिक के काम के लिए भेजा था। लेकिन वहां पर आकाश को वहां ईंट भट्ठे पर मजदूरी के काम में लगा दिया गया। कड़ी मेहनत वाले काम को देख वह हैरान हो गया। अपने वतन वापस आने के लिए आकाश ने वहां भारतीय दूतावास से सम्पर्क किया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। आकाश ने वहीं से तत्कालीन विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज को पत्र लिखकर अपनी वतन वापस आने में मदद की गुहार लगाई। सुष्मा स्वराज ने आकाश के पत्र को संज्ञान लिया और उन्होंने सऊदी अरब की सरकार को पत्र लिखकर आकाश को वतन वापस भेजने को कहा था। जिसपर वहां की सरकार ने पहल की और एक जनवरी 2016 को आकाश सकुशल स्वदेश लौट आया। गुरुवार को सुषमा स्वराज के निधन की खबर टेलीवीजन पर देख आकाश की मां सोना देवी और खुद आकाश भी अपने आंसू नहीं रोक सका। सोना कहती हैं कि सुषमा स्वराज की बदौलत ही उनकी बेटा सऊदी अरब में नरक की जिंदगी से वापस वतन आ सकता था। उन्हें उनका परिवार कभी भूल नहीं सकता।
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वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधान सभा से प्रत्याशी रहे सुरेंद्र सिंह के पक्ष में टाऊनहाल के मैदान में उन्हेंने जनसभा को संबोधित किया था। उस दौरान भाजपा महिला मोर्चा की जिला मंत्री रही ज्योतिदास ने जैसे ही सुषमा स्वराज को अपना परिचय दिया तो उन्हेंने मंच पर ही उन्हें गले लगा लिया था। यहां मंच पर कइयों के साथ उन्होंने फोटो भी खिंचवाई थी।
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1996 और 2012 के चुनाव में भी वह जिले में चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंची थी। मुंगराबादशाहपुर विधानसभा में भी उन्होंने रैली को संबोधित किया था। पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी कहती हैं कि वह सुषमा स्वराज को जीवन में कभी भूल नहीं पाएंगी। वह उन्हें छोटी बहन की तरह प्यार करती थी। सीमा कहती हैं कि वह 1996, 2007 और 2012 के चुनाव में उनका प्रचार करने आई थी तो तीनोंबार वह विधायक चुनी गई थी। 2017 के चुनाव में वह नहीं आ सकी तो मै चुनाव हार गई। मै उनकी यादें कभी नही भूल पाउंगी । वह मेरी राजनैतिक गुरू थी उनका जाना मेरे लिऐ काफी दुखद है। जिसका बयान मै शब्दों में नहीं कर सकती।
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सऊदी अरब में फंसे आकाश को लायी थीं वापस
जौनपुर। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का जौनपुर से भी गहना नाता रहा है। यही वजह है कि उनके निधन की खबर पर कई परिवारों के लोग अपने आंसू नहीं रोक सके। सऊदी अरब में फंसे आकाश सोनी पूर्व विदेश मंत्री की बदौलत ही अपने परिवार में दोबारा लौट सका था। उनके निधन की खबर टेवी पर देख आकाश की मां सोना देवी फफक कर रो पड़ी। उनका कहना है कि वह सुषमा से आमने सामने भले ही कभी मुखातिब नहीं हुई थीं लेकिन उनके प्रयास से ही बेटा आकाश सऊदी से सकुशल घर वापस आ सका था। मेरा परिवार उन्हें की भूल नहीं सकता।
दरअसल शहर कोतवाली क्षेत्र के अबीरगढ़ टोला निवासी केदारनाथ सेठ का बेटा आकाश 10 सितंबर 2015 को नौकरी के लिए सऊदी अरब के अलबाह शहर में गया था। एजेंटों ने उसे मकैनिक के काम के लिए भेजा था। लेकिन वहां पर आकाश को वहां ईंट भट्ठे पर मजदूरी के काम में लगा दिया गया। कड़ी मेहनत वाले काम को देख वह हैरान हो गया। अपने वतन वापस आने के लिए आकाश ने वहां भारतीय दूतावास से सम्पर्क किया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। आकाश ने वहीं से तत्कालीन विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज को पत्र लिखकर अपनी वतन वापस आने में मदद की गुहार लगाई। सुष्मा स्वराज ने आकाश के पत्र को संज्ञान लिया और उन्होंने सऊदी अरब की सरकार को पत्र लिखकर आकाश को वतन वापस भेजने को कहा था। जिसपर वहां की सरकार ने पहल की और एक जनवरी 2016 को आकाश सकुशल स्वदेश लौट आया। गुरुवार को सुषमा स्वराज के निधन की खबर टेलीवीजन पर देख आकाश की मां सोना देवी और खुद आकाश भी अपने आंसू नहीं रोक सका। सोना कहती हैं कि सुषमा स्वराज की बदौलत ही उनकी बेटा सऊदी अरब में नरक की जिंदगी से वापस वतन आ सकता था। उन्हें उनका परिवार कभी भूल नहीं सकता।