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जिले में रसातल में पहुंचा धरातल का पानी
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जौनपुर। जिले में जलस्तर काफी तेजी से नीचे गिर रहा है। कहा जाए तो धरातल का पानी तेजी से रसातल में पहुंच रहा है। यह स्थिति जिले के आठ ब्लाकों में देखने को मिल रही है। इन ब्लाकों में सामान्य से काफी नीचे जलस्तर पहुंच गया है। इन ब्लाकों को अतिदोहित और क्रीटिकल श्रेणी में रखते हुए बोरिंग करने और पानी का बेवजह दोहन करने पर रोक लगाई गई है।
जिले में जल संरक्षण का कार्य सिर्फ कोरम पूरा करने तक सिमटा हुआ है। जिम्मेदारों की ओर से सिर्फ प्राइवेट भवनों और सरकारी कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाने और मनरेगा के तहत तालाब खुदवाने का कार्य कराया जा रहा है। हालांकि जलस्तर ऊपर उठाने को लेकर सरकार गंभीर है। इसके लिए, वह नित नई कवायद कर रही है, लेकिन जिले में जिम्मेदारों की लापरवाही से सरकार की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है।
जिले में सामान्य जलस्तर 70 फीट है लेकिन जिले के आठ ब्लाक अतिदोहित और क्रिटीकल श्रेणी में है। इस दौरान बदलापुर, करंजाकला, केराकत, महराजगंज और सिरकोनी ब्लॉक अतिदोहित और बक्शा, सिकरारा और मुफ्तीगंज ब्लाक क्रीटिकल है। यहां जलस्तर 90 से लेकर 115 फीट है। वहीं, बरसठी, मडि़याहूं, रामनगर, रामपुर, धर्मापुर, डोभी, जलालपुर और खुटहन ब्लाक सेमीक्रीटिकल है। यहां का जलस्तर सामान्य के करीब है लेकिन जलस्तर ऊपर उठाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। वह सिर्फ प्राइवेट भवनों और सरकारी कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने सहित मनरेगा के तहत तालाब खुदवाने का कार्य करा रहा है लेकिन अभी भी कई सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लग पाया है। वहीं, मनरेगा के तहत बनाए जा रहे 447 तालाबों के सापेक्ष अभी तक 170 तालाब ही पूरे हो पाए हैं। हैंडपंपों के पास सोख्ता बनवाने का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
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पांच ब्लाक बचे हैं सामान्य
जौनपुर। जिले में पांच ब्लॉकों का ही जलस्तर सामान्य है। इसमें मछलीशहर, सुजानगंज, शाहगंज, सोंधी, सुईथाकला और मुंगराबादशाहपुर ब्लॉक है। इन ब्लाकों में बोरिंग करने पर प्रतिबंध नहीं है।
वर्जन
जिले में जल संरक्षण के मद्देनजर मनरेगा के तहत तालाब खुदवाने और बनने वाले नए भवनों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग हैंडपंप के पास सोख्ता और चेक डैम आदि बनवाने का कार्य किया जा रहा है विशेष तौर से जिले के डार्क जाने ब्लाकों में यह कार्य कराया जा रहा है। - बीबी सिंह, जिला विकास अधिकारी
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जिले में जल संरक्षण का कार्य सिर्फ कोरम पूरा करने तक सिमटा हुआ है। जिम्मेदारों की ओर से सिर्फ प्राइवेट भवनों और सरकारी कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाने और मनरेगा के तहत तालाब खुदवाने का कार्य कराया जा रहा है। हालांकि जलस्तर ऊपर उठाने को लेकर सरकार गंभीर है। इसके लिए, वह नित नई कवायद कर रही है, लेकिन जिले में जिम्मेदारों की लापरवाही से सरकार की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है।
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जिले में सामान्य जलस्तर 70 फीट है लेकिन जिले के आठ ब्लाक अतिदोहित और क्रिटीकल श्रेणी में है। इस दौरान बदलापुर, करंजाकला, केराकत, महराजगंज और सिरकोनी ब्लॉक अतिदोहित और बक्शा, सिकरारा और मुफ्तीगंज ब्लाक क्रीटिकल है। यहां जलस्तर 90 से लेकर 115 फीट है। वहीं, बरसठी, मडि़याहूं, रामनगर, रामपुर, धर्मापुर, डोभी, जलालपुर और खुटहन ब्लाक सेमीक्रीटिकल है। यहां का जलस्तर सामान्य के करीब है लेकिन जलस्तर ऊपर उठाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। वह सिर्फ प्राइवेट भवनों और सरकारी कार्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने सहित मनरेगा के तहत तालाब खुदवाने का कार्य करा रहा है लेकिन अभी भी कई सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लग पाया है। वहीं, मनरेगा के तहत बनाए जा रहे 447 तालाबों के सापेक्ष अभी तक 170 तालाब ही पूरे हो पाए हैं। हैंडपंपों के पास सोख्ता बनवाने का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
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पांच ब्लाक बचे हैं सामान्य
जौनपुर। जिले में पांच ब्लॉकों का ही जलस्तर सामान्य है। इसमें मछलीशहर, सुजानगंज, शाहगंज, सोंधी, सुईथाकला और मुंगराबादशाहपुर ब्लॉक है। इन ब्लाकों में बोरिंग करने पर प्रतिबंध नहीं है।
वर्जन
जिले में जल संरक्षण के मद्देनजर मनरेगा के तहत तालाब खुदवाने और बनने वाले नए भवनों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग हैंडपंप के पास सोख्ता और चेक डैम आदि बनवाने का कार्य किया जा रहा है विशेष तौर से जिले के डार्क जाने ब्लाकों में यह कार्य कराया जा रहा है। - बीबी सिंह, जिला विकास अधिकारी