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जिले के प्रारंभिक इतिहास की खोज शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Thu, 12 Feb 2015 12:13 AM IST
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पुरातत्व विभाग अब जौनपुर के प्रारंभिक इतिहास को खंगालने में जुट गया है। शीराज-ए-हिंद के नाम से प्रसिद्ध इस ऐतिहासिक शहर का अब तक का इतिहास 1402 से शुरू होता है।
1402 ई. के पहले के अज्ञात इतिहास को खंगालने के लिए पुरातत्व विभाग ने शाही किले में उत्खनन का कार्य शुरू कर दिया है। दो दिन की खुदाई में अब तक कुछ खास हासिल नहीं हो सका है।
सारनाथ (वाराणसी) स्थित पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग की टीम यहां कैंप कर रही है। एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद् अजय श्रीवास्तव के निर्देशन में सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद् नीतेश सक्सेना, सर्वेयर अंबुज सिंह की देख रेख में उत्खनन का कार्य चल रहा है।
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नितेश सक्सेना ने बताया कि नेचुरल स्वायल मिलने तक उत्खनन का कार्य चलता रहेगा। इस कार्य को पूरा होने में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है।
खुदाई का काम शाही किले के मुख्य द्वारा के बगल में शुरू किया गया है। उत्खनन में पुरातत्व विभाग के चार कर्मचारियों को लगाया गया है। आगे की खुदाई के लिए कर्मचारियों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
एएसआई के सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद् नीतेश सक्सेना ने बताया कि ट्रायल ट्रंच के तहत विभाग ने यहां उत्खनन का कार्य शुरू किया है। शाही किले के मुख्य द्वार के पास चल रहे उत्खनन पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
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1402 ई. के पहले के अज्ञात इतिहास को खंगालने के लिए पुरातत्व विभाग ने शाही किले में उत्खनन का कार्य शुरू कर दिया है। दो दिन की खुदाई में अब तक कुछ खास हासिल नहीं हो सका है।
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सारनाथ (वाराणसी) स्थित पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग की टीम यहां कैंप कर रही है। एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद् अजय श्रीवास्तव के निर्देशन में सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद् नीतेश सक्सेना, सर्वेयर अंबुज सिंह की देख रेख में उत्खनन का कार्य चल रहा है।
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नितेश सक्सेना ने बताया कि नेचुरल स्वायल मिलने तक उत्खनन का कार्य चलता रहेगा। इस कार्य को पूरा होने में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है।
खुदाई का काम शाही किले के मुख्य द्वारा के बगल में शुरू किया गया है। उत्खनन में पुरातत्व विभाग के चार कर्मचारियों को लगाया गया है। आगे की खुदाई के लिए कर्मचारियों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
एएसआई के सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद् नीतेश सक्सेना ने बताया कि ट्रायल ट्रंच के तहत विभाग ने यहां उत्खनन का कार्य शुरू किया है। शाही किले के मुख्य द्वार के पास चल रहे उत्खनन पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।