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Jaunpur News: खरीद शुरू होने 37 दिन बाद हुई मोटे अनाज की बोहनी
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जौनपुर। मोटे अनाज की खरीद शुरू होने के 37 दिन बाद सिकरारा क्षेत्र के फतेहगंज स्थित खरीद केंद्र पर बुधवार को बोहनी हुई। यहां एक किसान से 10 क्विंटल बाजरा की खरीद की गई। पंजीकरण कराने वाले किसानों की संख्या भी बढ़कर 46 हो गई।
मोटे अनाजों की पौष्टिकता के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से इसकी खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को ज्वार, बाजरा सहित रागी, सांवा, कोदो जैसे अन्न की खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मोटे अनाज की खरीद के लिए 17 क्रय केंद्र बनाए गए हैं जिसमें ज्वार के लिए तीन क्रय केंद्र, बाजरा में आठ, मक्का के छह केंद्र बनाए गए हैं। नियमानुसार खरीद एक अक्तूबर से शुरू हो गई थी, लेकिन फसल तैयार नहीं होने से किसान केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे थे। विपणन विभाग के अनुसार, मक्के की 2090 रुपये, बाजरे की 2500 रुपये, ज्वार का हाईब्रिड 3180, मालदडी का 3225 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जा रही है।
12 हजार हेक्टेयर में हुई है मोटे अनाज की खेती
श्री अन्य के तहत कुल 12 हजार हेक्टेयर में मोटे अनाज की खेती किया गया है जिसमें साढ़े छह हजार हेक्टेयर में बाजरा, साढे तीन हेक्टेयर में ज्वार बाकी सावा, कोदो की खेती की गई । जबकि मक्का की खेती 51 हजार हेक्टेयर में की गई है।
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मोटे अनाज में बाजरा की 10 क्विंटल की खरीद एक किसान से बुधवार हुई। फसल तैयार नहीं होने कारण किसान क्रय केंद्रों पर लेट से पहुंच रहे थे, अब उम्मीद है कि आएंगे।
-एनके पाठक जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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मोटे अनाजों की पौष्टिकता के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से इसकी खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को ज्वार, बाजरा सहित रागी, सांवा, कोदो जैसे अन्न की खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मोटे अनाज की खरीद के लिए 17 क्रय केंद्र बनाए गए हैं जिसमें ज्वार के लिए तीन क्रय केंद्र, बाजरा में आठ, मक्का के छह केंद्र बनाए गए हैं। नियमानुसार खरीद एक अक्तूबर से शुरू हो गई थी, लेकिन फसल तैयार नहीं होने से किसान केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे थे। विपणन विभाग के अनुसार, मक्के की 2090 रुपये, बाजरे की 2500 रुपये, ज्वार का हाईब्रिड 3180, मालदडी का 3225 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जा रही है।
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12 हजार हेक्टेयर में हुई है मोटे अनाज की खेती
श्री अन्य के तहत कुल 12 हजार हेक्टेयर में मोटे अनाज की खेती किया गया है जिसमें साढ़े छह हजार हेक्टेयर में बाजरा, साढे तीन हेक्टेयर में ज्वार बाकी सावा, कोदो की खेती की गई । जबकि मक्का की खेती 51 हजार हेक्टेयर में की गई है।
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मोटे अनाज में बाजरा की 10 क्विंटल की खरीद एक किसान से बुधवार हुई। फसल तैयार नहीं होने कारण किसान क्रय केंद्रों पर लेट से पहुंच रहे थे, अब उम्मीद है कि आएंगे।
-एनके पाठक जिला खाद्य विपणन अधिकारी