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सो रही नगर पालिका, परेशान हो रहे लोग
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11- शहर के ओलन्दगंज में नाली जाम होने से सड़क पर बह रहा नाली का पानी ।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को अव्वल बनाने में जुटी नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की हकीकत बेहद चिंतनीय है। नगर पालिका ने नालों की सफाई नहीं कराई, जिसके चलते कई मुहल्लों में नाले का पानी सड़कों पर पसर जाता है। दुर्गंध के मारे लोगों का जीना दुश्वार हो जाता है। हो हल्ला मचने पर नगर पालिका की टीम प्रेशर टैंकर में भरकर मैनहोल से पानी फेंकवाती है।
तीन लाख आबादी वाले शहर में 33 हजार घर हैं। शहर से रोजाना 30 मीलियन लीटर गंदा पानी निकलता है। यह पानी 14 नालों से होकर गोमती नदी में गिरता है। इस साल नगर पालिका ने ठीक से नालों की सफाई नहीं कराई जिसके चलते नाले जाम हो गए हैं। जगह-जगह गंदा पानी ओवरफ्लो कर मैनहोल के जरिए मुहल्लों में पसर रहा है। शहर छह से अधिक मुहल्लों का हाल कुछ ऐसा ही है। इनमें शहर के प्रमुख बाजार भी शामिल हैं। नईगंज सुनीता हास्पिटल के सामने, जेसीज चौराहे व कटघरा शिया कॉलेज के पीछे नाले जाम हैं। नखास के बांसफोर वाली गली में चैंबर टूटा पड़ा है। पूर्व सांसद केपी सिंह का आवास भी इसी गली में है। नालों का गंदा पानी सड़कों फैल रहा है। रोजाना सुबह-शाम स्थिति दयनीय होती है। लोगों को इसी रास्ते से नाक पर रुमाल रखकर आवागमन को विवश होना पड़ रहा है। इस समस्या के स्थाई समाधान की बजाए रोजाना मेनहोल से गंदा पानी प्रेशर कर टैंकर में भरकर दूर तालाबों में उड़ेल दिया जाता है। अगले दिन फिर से वही स्थिति हो जाती है।
ओलंदगंज में सब्जी विक्रेता मोनू का कहना है कि करीब चार महीनों से यह समस्या बनी हुई है। नाला ओवरफ्लो होने पर नगर पालिका को सूचना दी जाती है तो वह टैंकर भेजकर पानी निकलवाते हैं। सुबह और शाम में ही ग्राहक होते हैं। इस हाल से लोग आने से बचते हैं। मोहल्ले के ही दीपू का कहना है कि गंदगी और दुर्गंध के बीच जीना दुश्वार है। अफसर, जनप्रतिनिधि इसी रास्ते से आते-जाते हैं, बावजूद वह बेपरवाह बने हुए हैं।
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इन नालों से निकलता है शहर का गंदा पानी
जौनपुर। शहर का गंदा पानी 14 नालों से निकलता है। इसमें मुफ्तीगंज, तुतीपुर, हनुमान घाट, किला मोहल्ला, बलुआ घाट, रासमंडल, अचनादेवी घाट, कटघरा, जोगियापुर, मियांपुर, हरईपुर, शेखपुर, मलुअन टोला व अहियापुर नाला शामिल है।
जल्द ही नालो की सफाई कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। एक-दो दिन में टूटे चैंबर को बनवा दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया जा चुका है। -आरके प्रसाद, अधिशासी अधिकारी।
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तीन लाख आबादी वाले शहर में 33 हजार घर हैं। शहर से रोजाना 30 मीलियन लीटर गंदा पानी निकलता है। यह पानी 14 नालों से होकर गोमती नदी में गिरता है। इस साल नगर पालिका ने ठीक से नालों की सफाई नहीं कराई जिसके चलते नाले जाम हो गए हैं। जगह-जगह गंदा पानी ओवरफ्लो कर मैनहोल के जरिए मुहल्लों में पसर रहा है। शहर छह से अधिक मुहल्लों का हाल कुछ ऐसा ही है। इनमें शहर के प्रमुख बाजार भी शामिल हैं। नईगंज सुनीता हास्पिटल के सामने, जेसीज चौराहे व कटघरा शिया कॉलेज के पीछे नाले जाम हैं। नखास के बांसफोर वाली गली में चैंबर टूटा पड़ा है। पूर्व सांसद केपी सिंह का आवास भी इसी गली में है। नालों का गंदा पानी सड़कों फैल रहा है। रोजाना सुबह-शाम स्थिति दयनीय होती है। लोगों को इसी रास्ते से नाक पर रुमाल रखकर आवागमन को विवश होना पड़ रहा है। इस समस्या के स्थाई समाधान की बजाए रोजाना मेनहोल से गंदा पानी प्रेशर कर टैंकर में भरकर दूर तालाबों में उड़ेल दिया जाता है। अगले दिन फिर से वही स्थिति हो जाती है।
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ओलंदगंज में सब्जी विक्रेता मोनू का कहना है कि करीब चार महीनों से यह समस्या बनी हुई है। नाला ओवरफ्लो होने पर नगर पालिका को सूचना दी जाती है तो वह टैंकर भेजकर पानी निकलवाते हैं। सुबह और शाम में ही ग्राहक होते हैं। इस हाल से लोग आने से बचते हैं। मोहल्ले के ही दीपू का कहना है कि गंदगी और दुर्गंध के बीच जीना दुश्वार है। अफसर, जनप्रतिनिधि इसी रास्ते से आते-जाते हैं, बावजूद वह बेपरवाह बने हुए हैं।
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इन नालों से निकलता है शहर का गंदा पानी
जौनपुर। शहर का गंदा पानी 14 नालों से निकलता है। इसमें मुफ्तीगंज, तुतीपुर, हनुमान घाट, किला मोहल्ला, बलुआ घाट, रासमंडल, अचनादेवी घाट, कटघरा, जोगियापुर, मियांपुर, हरईपुर, शेखपुर, मलुअन टोला व अहियापुर नाला शामिल है।
जल्द ही नालो की सफाई कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। एक-दो दिन में टूटे चैंबर को बनवा दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया जा चुका है। -आरके प्रसाद, अधिशासी अधिकारी।