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खरीदारी कम, दूकानदार मायूस
jaunpur
Updated Wed, 11 Jan 2017 12:56 AM IST
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दूकान पर तिल पट्टी आदि की खरीददारी करते लोग
- फोटो : jounpur
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मकर संक्रांति नजदीक आते ही शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक लाई चूड़ा और गट्टे की दुकानें सज गई हैं। हालांकि दुकानों पर ग्राहकों की उतनी भीड़ नहीं दिख रही है। दुकानदारों की मानें तो नोटबंदी के कारण सामानों की बिक्री पिछले वर्ष की अपेक्षा कम है। जो ग्राहक आ भी रहे हैं वह हाथ दबाकर खरीददारी कर रहे हैं। है। नगर के लाइन बाजार, ओलंदगंज, चहारसू, रुहट्टा, जहांगीराबाद, कचहरी, कोतवाली चौराहा, नवाब यूसुफ रोड और सिपाह आदि इलाकों में लाई, चूड़ा आदि की दूकानें सज गई हैं। जहां लोग खरीदारी के लिए पहुंचने लगे हैं। बाजार में गुड़ पचास रूपये किलो बिक रहा है।
गुड़ की पट्टी 80 से 120 रूपये किलो, तिल्ली गुड़ 140 रूपये किलो, गट्टा 60 रूपये किलो, लाई का भाव 40 व चूड़ा 40 से 50 रूपये किलो रहा। ढुंढा 60 से 80 रूपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। लेडुआ 120 रूपये किलो रहा। दुकानदार फिरतू राम की माने तो बेसन से बने सामानों का दाम बढ़ा है।
शहर से लेकर गांव तक मकर संक्रांति त्योहार बनाने की तैयारी चल रही है। त्योहार के चलते बाजारों में भीड़भाड़ का माहौल है। पारंपरिक ढंग से लोग इस पर्व को मद्देनजर अपने अपने रिश्तेदारों के यहां लाई, गुड़, गट्टा, चूड़ा व चावल तथा अन्य सामान अपनी क्षमतानुसार भेजते है। बढ़ती मंहगाई के बाद भी लोग औपचारिकता पूरी करने में जुटे हैं।
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वहीं बाजारों में पतंगों और मंझों की बिक्री भी शुरू हो गई है। खास कर इसे लेकर बच्चों में खास उत्साह है और वह मकर संक्रांति तक अपनी पतंगों का जुगाड़ अधिक से अधिक कर लेना चाह रहे हैं। दूकानों पर मोदी की तस्वीरों वाली पतंगों का खास क्रेज है। हालांकि इस बार पतंग और मंझे महंगे हैं लेकिन इसकी चाह रखने वाले इन्हें खरीदने से पीछे नही हैं।
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गुड़ की पट्टी 80 से 120 रूपये किलो, तिल्ली गुड़ 140 रूपये किलो, गट्टा 60 रूपये किलो, लाई का भाव 40 व चूड़ा 40 से 50 रूपये किलो रहा। ढुंढा 60 से 80 रूपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। लेडुआ 120 रूपये किलो रहा। दुकानदार फिरतू राम की माने तो बेसन से बने सामानों का दाम बढ़ा है।
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शहर से लेकर गांव तक मकर संक्रांति त्योहार बनाने की तैयारी चल रही है। त्योहार के चलते बाजारों में भीड़भाड़ का माहौल है। पारंपरिक ढंग से लोग इस पर्व को मद्देनजर अपने अपने रिश्तेदारों के यहां लाई, गुड़, गट्टा, चूड़ा व चावल तथा अन्य सामान अपनी क्षमतानुसार भेजते है। बढ़ती मंहगाई के बाद भी लोग औपचारिकता पूरी करने में जुटे हैं।
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वहीं बाजारों में पतंगों और मंझों की बिक्री भी शुरू हो गई है। खास कर इसे लेकर बच्चों में खास उत्साह है और वह मकर संक्रांति तक अपनी पतंगों का जुगाड़ अधिक से अधिक कर लेना चाह रहे हैं। दूकानों पर मोदी की तस्वीरों वाली पतंगों का खास क्रेज है। हालांकि इस बार पतंग और मंझे महंगे हैं लेकिन इसकी चाह रखने वाले इन्हें खरीदने से पीछे नही हैं।