{"_id":"57a3a9324f1c1ba16a2b8e6d","slug":"seventh-pay-commission-anomalies-should-be-corrected","type":"story","status":"publish","title_hn":"सातवें वेतन आयोग की विसंगतियां दूर की जाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सातवें वेतन आयोग की विसंगतियां दूर की जाएं
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 05 Aug 2016 02:14 AM IST
विज्ञापन
विभिन्न मांगों के समर्थन में डीआईओएस कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते माध्यमिक शिक्षक संघ के सदस्य।
पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और सातवें वेतन आयोग की विसंगति को दूर करने समेत अन्य मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ ने गुरुवार को डीआईओएस कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा।
वाराणसी मंडल प्रभारी रमेश सिंह ने कहा कि अब पुरानी पेंशन बहाली संगठन की प्रथम मांग है। इसे हासिल करने के लिए हम संकल्पित हैं। सातवें वेतनमान की विसंगति को दूर कराने के लिए हमारा संगठन 10, 11 व 12 अगस्त को संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के साथ पूरे प्रदेश में कलम बंद हड़ताल करेगा।
चुनावी घोषणा पत्र के वादे को भी पूरा नहीं किया गया। वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मान जनक मानदेय देने के वादा सरकार ने किया था। लेकिन उसे पूरा नहीं किया। शिक्षक संघ एक सितंबर को लखनऊ में विधान भवन का घेराव कर सरकार को मांगें मानने के लिए विवश करेगा।
विज्ञापन
मंडलीय मंत्री डा. प्रमोद श्रीवास्तव व पूर्व अध्यक्ष डा. राकेश सिंह ने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारियों को भी राजकीय कर्मचारियों की भांति चिकित्सकीय सुविधा दी जाए। माध्यमिक कंप्यूटर अनुदेशकों को संविदा शिक्षक के रुप में समायोजित किया जाए, व्यवसायिक शिक्षकों को शिक्षक के पद पर आमेलित किया जाए।
जिलाध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह ने कहा कि सरकार जान-बूझकर तदर्थ शिक्षकों के विनियमितिकरण में विसंगति पैदा की है। समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि सरकार ने बोर्ड परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का 2016 तक का कुल धन मई माह में ही अवमुक्त कर दिया है।
लेकिन कार्यालय की घोर लापरवाही के कारण आज तक परीक्षकों के खाते में पैसा नहीं भेजा गया। यदि यही रवैया रहा तो संगठन कार्यालय में तालाबंद करने के लिए विवश होगा। इस मौके पर संकठा प्रसाद सिंह, शिक्षणेत्तर संघ के अध्यक्ष दिनेश सिंह, साहब लाल यादव, राजेश मिश्र, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह, शशि प्रकाश मिश्र, अतुल सिंह, विजय बहादुर यादव, रविन्द्र प्रसाद मिश्र, चन्द्र प्रकाश दूबे, डा. रणजीत सिंह, समर बहादुर सिंह, प्रेम बहादुर सिंह, राणा प्रताप सिंह, मो. आजम खां, सतीश सिंह, प्रमोद सिंह, राजकुमार सिंह आदि रहे।
विज्ञापन
वाराणसी मंडल प्रभारी रमेश सिंह ने कहा कि अब पुरानी पेंशन बहाली संगठन की प्रथम मांग है। इसे हासिल करने के लिए हम संकल्पित हैं। सातवें वेतनमान की विसंगति को दूर कराने के लिए हमारा संगठन 10, 11 व 12 अगस्त को संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के साथ पूरे प्रदेश में कलम बंद हड़ताल करेगा।
विज्ञापन
चुनावी घोषणा पत्र के वादे को भी पूरा नहीं किया गया। वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मान जनक मानदेय देने के वादा सरकार ने किया था। लेकिन उसे पूरा नहीं किया। शिक्षक संघ एक सितंबर को लखनऊ में विधान भवन का घेराव कर सरकार को मांगें मानने के लिए विवश करेगा।
विज्ञापन
मंडलीय मंत्री डा. प्रमोद श्रीवास्तव व पूर्व अध्यक्ष डा. राकेश सिंह ने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारियों को भी राजकीय कर्मचारियों की भांति चिकित्सकीय सुविधा दी जाए। माध्यमिक कंप्यूटर अनुदेशकों को संविदा शिक्षक के रुप में समायोजित किया जाए, व्यवसायिक शिक्षकों को शिक्षक के पद पर आमेलित किया जाए।
जिलाध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह ने कहा कि सरकार जान-बूझकर तदर्थ शिक्षकों के विनियमितिकरण में विसंगति पैदा की है। समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि सरकार ने बोर्ड परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का 2016 तक का कुल धन मई माह में ही अवमुक्त कर दिया है।
लेकिन कार्यालय की घोर लापरवाही के कारण आज तक परीक्षकों के खाते में पैसा नहीं भेजा गया। यदि यही रवैया रहा तो संगठन कार्यालय में तालाबंद करने के लिए विवश होगा। इस मौके पर संकठा प्रसाद सिंह, शिक्षणेत्तर संघ के अध्यक्ष दिनेश सिंह, साहब लाल यादव, राजेश मिश्र, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह, शशि प्रकाश मिश्र, अतुल सिंह, विजय बहादुर यादव, रविन्द्र प्रसाद मिश्र, चन्द्र प्रकाश दूबे, डा. रणजीत सिंह, समर बहादुर सिंह, प्रेम बहादुर सिंह, राणा प्रताप सिंह, मो. आजम खां, सतीश सिंह, प्रमोद सिंह, राजकुमार सिंह आदि रहे।