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सात वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
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जौनपुर। आम बीनने के बहाने घर से ले जाकर सात वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर चालीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट काशी प्रसाद सिंह यादव ने सिंगरामऊ थाना क्षेत्र में सात वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने के दोषी रजनीकांत तिवारी को आजीवन कारावास व चालीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। 24 जून 2019 को हुई इस घटना की प्राथमिकी पीड़िता के पिता ने दर्ज कराई थी।
मुकदमे में पीड़ित के पिता ने कहा था कि दोपहर करीब तीन बजे परिवार के लोग बाहर काम करने गए थे। सात वर्षीय बालिका अकेले घर में थी। उसी समय रजनीकांत तिवारी उसे आम बीनने के बहाने बाग में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता रोते हुए घर पहुंची तो घटना के बारे में परिवार के लोगों को बताया। पुलिस ने मामले की विवेचना की तथा कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। शासकीय अधिवक्ता राजेश उपाध्याय एवं कमलेश राय ने कोर्ट में गवाहों का बयान दर्ज कराया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद रजनीकांत को दोषी मना। उसे आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट काशी प्रसाद सिंह यादव ने सिंगरामऊ थाना क्षेत्र में सात वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने के दोषी रजनीकांत तिवारी को आजीवन कारावास व चालीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। 24 जून 2019 को हुई इस घटना की प्राथमिकी पीड़िता के पिता ने दर्ज कराई थी।
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मुकदमे में पीड़ित के पिता ने कहा था कि दोपहर करीब तीन बजे परिवार के लोग बाहर काम करने गए थे। सात वर्षीय बालिका अकेले घर में थी। उसी समय रजनीकांत तिवारी उसे आम बीनने के बहाने बाग में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता रोते हुए घर पहुंची तो घटना के बारे में परिवार के लोगों को बताया। पुलिस ने मामले की विवेचना की तथा कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। शासकीय अधिवक्ता राजेश उपाध्याय एवं कमलेश राय ने कोर्ट में गवाहों का बयान दर्ज कराया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद रजनीकांत को दोषी मना। उसे आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
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