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सिक्योरिटी एजेंसी ने निर्माणाधीन मेडिकल कालेज में जड़ा ताला
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करंजाकला। निर्माणाधीन उमानाथ सिंह स्वशासी मेडिकल कॉलेज में सिक्योरिटी एजेंसी ने दोनों गेट पर ताला जड़ दिया है। शनिवार को निर्माण एजेंसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो सिक्योरिटी गार्ड ने अधिकारियों को अंदर घुसने से रोक दिया। कहा कि सिक्योरिटी एजेंसी का 30 महीने से बकाया 35 लाख रुपया अदा करने के बाद ही अब गेट खोला जाएगा। इसे लेकर निर्माण एजेंसी के अधिकारियों और सिक्योरिटी के बीच झड़प भी हुई। बात नहीं बनी तो निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।
उमानाथ सिंह स्वशासी मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य काफी दिनों से अधर में है। इसके पहले भुगतान न होने पर ठेकेदार की ओर से दरवाजे खिड़की उखाड़ने मामला भी सुर्खियों में आया था। आरोप है कि निर्माण एजेंसी टाटा ने सिक्योरिटी एजेंसी का 30 महीने से कोई भुगतान नहीं किया है। सिक्योरिटी एजेंसी का करीब 35 लाख रुपये बकाया है। बकाया भुगतान को लेकर इसके पहले भी निर्माण एजेंसी और सिक्योरिटी एजेंसी के बीच बहस हो चुकी है। भुगतान न होने से गुस्साए सिक्योरिटी एजेंसी ने मेडिकल कॉलेज के सभी गेटों पर ताला लगाते हुए किसी को भी अंदर जाने से रोक दिया। टाटा निर्माण एजेंसी, बालाजी निर्माण एजेंसी, राजकीय निर्माण निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें भी अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके चलते सिक्योरिटी एजेंसी कर्मचारियों और टाटा निर्माण एजेंसी के अधिकारियों में झड़प भी हुई। इसे लेकर दो दिनों से गतिरोध बना हुआ है। गतिरोध सुलझाने के लिए राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। सुलह समझौते की भी कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। सिक्योरिटी एजेंसी के प्रभारी ओम पांडेय का कहना है कि अब जब तक बकाया भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक गेट पर लगा ताला नहीं खोला जाएगा। किसी भी कर्मचारी अधिकारी को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा।
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उमानाथ सिंह स्वशासी मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य काफी दिनों से अधर में है। इसके पहले भुगतान न होने पर ठेकेदार की ओर से दरवाजे खिड़की उखाड़ने मामला भी सुर्खियों में आया था। आरोप है कि निर्माण एजेंसी टाटा ने सिक्योरिटी एजेंसी का 30 महीने से कोई भुगतान नहीं किया है। सिक्योरिटी एजेंसी का करीब 35 लाख रुपये बकाया है। बकाया भुगतान को लेकर इसके पहले भी निर्माण एजेंसी और सिक्योरिटी एजेंसी के बीच बहस हो चुकी है। भुगतान न होने से गुस्साए सिक्योरिटी एजेंसी ने मेडिकल कॉलेज के सभी गेटों पर ताला लगाते हुए किसी को भी अंदर जाने से रोक दिया। टाटा निर्माण एजेंसी, बालाजी निर्माण एजेंसी, राजकीय निर्माण निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें भी अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके चलते सिक्योरिटी एजेंसी कर्मचारियों और टाटा निर्माण एजेंसी के अधिकारियों में झड़प भी हुई। इसे लेकर दो दिनों से गतिरोध बना हुआ है। गतिरोध सुलझाने के लिए राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। सुलह समझौते की भी कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। सिक्योरिटी एजेंसी के प्रभारी ओम पांडेय का कहना है कि अब जब तक बकाया भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक गेट पर लगा ताला नहीं खोला जाएगा। किसी भी कर्मचारी अधिकारी को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा।
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