{"_id":"62b89d3b0050462a984d8e6f","slug":"schools-are-opening-from-july-1-549-are-unfit-in-968-school-buses-jaunpur-news-vns660919090","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक जुलाई से खुल खुल रहे हैं स्कूल, 968 स्कूल बसों में 549 हैं अनफिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक जुलाई से खुल खुल रहे हैं स्कूल, 968 स्कूल बसों में 549 हैं अनफिट
विज्ञापन
पहली जुलाई से स्कूल खुलेंगे। ऐसे में जहां स्कूल प्रशासन जरूरी तैयारियों में जुटा है तो इस बार परिवहन विभाग भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर अनफिट स्कूल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना चुका है। इसके लिए विभाग ने पहले ही उन स्कूलों को सूचित कर दिया है, जिनके वाहन जांच में अनफिट पाए गए थे। जनपद में पंजीकृत 968 स्कूल बसों में 549 बसें अनफिट हैं। इसे लेकर परिवहन विभाग गंभीर हो गया है और स्कूल खुलने पर सड़क पर आते ही ऐसी बसों को सीज करने की भी कार्रवाई होगी। विभाग ने इसके लिए बाकायदे अभियान चलाने की योजना बनाई है।
जनपद में सीबीएसई से संबद्ध 90 और आईसीएसई से एक, 650 यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूल हैं। इन स्कूलों में कुल 968 बसें पंजीकृत हैं। परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक किसी भी स्कूल में चलने वाली बसों की अवधि अधिकतम 15 साल तय की गई है। इस तरह देखा जाए तो 15 साल की अवधि में चलने वाली 791 बसें हैं, लेकिन इनमें 372 बसें ऐसी हैं, जिनकी फिटनेस अभी तक फेल हैं। इतना ही नहीं, 15 साल के ऊपर 177 ऐसी बसें हैं, जिसका पंजीकरण तक निरस्त कर दिया गया है। कुछ माह पहले गाजियाबाद में हुई घटना के बाद इसे लेकर सरकार ने सख्ती दिखाई थी। जिसके बाद अभियान के तहत परिवहन विभाग द्वारा सभी स्कूलों को पत्र प्रेषित किया गया था। साथ ही टीम बनाकर स्कूल-स्कूल जाने का प्रयास किया गया है। जहां स्कूल बसों की फिटनेस की जांच की गई थी। लेकिन, इतने के बाद भी 372 स्कूल बसों का फिटनेस प्रमाण पत्र संबंधित स्कूल के प्रबंधकों ने नहीं लिया है, जिसका फिटनेस परिवहन विभाग द्वारा फेल माना जा रहा है। वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि स्कूल खुलने पर ऐसी बस यदि चलती मिलीं तो उन्हें सीज कर दिया जाएगा। वहीं अगर अनफिट वाहनों से कोई दुर्घटना होती है तो इसके लिए संबंधित स्कूल के प्रबंधक को जिम्मेदार माना जाएगा।
विज्ञापन
जनपद में सीबीएसई से संबद्ध 90 और आईसीएसई से एक, 650 यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूल हैं। इन स्कूलों में कुल 968 बसें पंजीकृत हैं। परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक किसी भी स्कूल में चलने वाली बसों की अवधि अधिकतम 15 साल तय की गई है। इस तरह देखा जाए तो 15 साल की अवधि में चलने वाली 791 बसें हैं, लेकिन इनमें 372 बसें ऐसी हैं, जिनकी फिटनेस अभी तक फेल हैं। इतना ही नहीं, 15 साल के ऊपर 177 ऐसी बसें हैं, जिसका पंजीकरण तक निरस्त कर दिया गया है। कुछ माह पहले गाजियाबाद में हुई घटना के बाद इसे लेकर सरकार ने सख्ती दिखाई थी। जिसके बाद अभियान के तहत परिवहन विभाग द्वारा सभी स्कूलों को पत्र प्रेषित किया गया था। साथ ही टीम बनाकर स्कूल-स्कूल जाने का प्रयास किया गया है। जहां स्कूल बसों की फिटनेस की जांच की गई थी। लेकिन, इतने के बाद भी 372 स्कूल बसों का फिटनेस प्रमाण पत्र संबंधित स्कूल के प्रबंधकों ने नहीं लिया है, जिसका फिटनेस परिवहन विभाग द्वारा फेल माना जा रहा है। वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि स्कूल खुलने पर ऐसी बस यदि चलती मिलीं तो उन्हें सीज कर दिया जाएगा। वहीं अगर अनफिट वाहनों से कोई दुर्घटना होती है तो इसके लिए संबंधित स्कूल के प्रबंधक को जिम्मेदार माना जाएगा।
विज्ञापन