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प्राइवेट वाहनों का अड्डा बना रोडवेज डिपो
jaunpur
Updated Sun, 03 Apr 2016 07:19 PM IST
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मुंगराबादशाहपुर स्थित रोडवेज बस स्टैंड की बदहाल स्थिति
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मुंगराबादशाहपुर रोडवेज डिपो प्राइवेट वाहनों का अड्डा बनकर रह गया है। डिपो परिसर में पूरे दिन में कभी-कभार ही रोडवेज बसें दिखती हैं। बाकी समय तक निजी वाहनों का ही जमावड़ा लगा रहता है। निजी वाहन यहां परिसर में कभी गाड़ी बैक करने के लिए लाते हैं तो कभी डिपो के सामने से सवारी बैठाते हैं। अधिकतर रोडवेज बसें तो डिपो के बाहर से ही गुजर जाती हैं।
डिपो वाले रास्ते पर प्राइवेट वाहनों के जाम के चलते ही रोडवेज बसें अंदर नहीं आ पाती। विभागीय अधिकारियों ने भी इसकी शिकायत कई बार पुलिस प्रशासन से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यात्रियों के लिए यहां न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही पेयजल का मुकम्मल इंतजाम है। रात में डिपो परिसर में प्रकाश के नाम पर सिर्फ एक सीएफएल जलता है।
पेयजल के लिए परिसर में एक इंडिया मार्का टू हैंडपंप स्थापित तो की गई है पर उसके चारो तरफ इतनी झाड़ और गंदगी है कि वहां जाना भी कोई मुनासिब नहीं समझता। 1998 में स्थापित डिपो भवन जर्जर हाल में पहुंच गया है। आरसीसी छत के प्लास्टर छोड़ चुके हैं।
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कई स्थानों पर छत में लगी सरिया बाहर दिख रही है जिसमें जंग खा चुके हैं। बिजली की वायरिंग खराब हो चुकी है। ग्राम प्रधान दयाराम सरोज व चन्द्रशेखर तिवारी का कहना है कि रोडवेज परिसर में शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है। गंदगी के कारण यात्री भी बाहर से ही बस पर सवार होना बेहतर समझते हैं।
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डिपो वाले रास्ते पर प्राइवेट वाहनों के जाम के चलते ही रोडवेज बसें अंदर नहीं आ पाती। विभागीय अधिकारियों ने भी इसकी शिकायत कई बार पुलिस प्रशासन से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यात्रियों के लिए यहां न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही पेयजल का मुकम्मल इंतजाम है। रात में डिपो परिसर में प्रकाश के नाम पर सिर्फ एक सीएफएल जलता है।
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पेयजल के लिए परिसर में एक इंडिया मार्का टू हैंडपंप स्थापित तो की गई है पर उसके चारो तरफ इतनी झाड़ और गंदगी है कि वहां जाना भी कोई मुनासिब नहीं समझता। 1998 में स्थापित डिपो भवन जर्जर हाल में पहुंच गया है। आरसीसी छत के प्लास्टर छोड़ चुके हैं।
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कई स्थानों पर छत में लगी सरिया बाहर दिख रही है जिसमें जंग खा चुके हैं। बिजली की वायरिंग खराब हो चुकी है। ग्राम प्रधान दयाराम सरोज व चन्द्रशेखर तिवारी का कहना है कि रोडवेज परिसर में शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है। गंदगी के कारण यात्री भी बाहर से ही बस पर सवार होना बेहतर समझते हैं।