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हफ्ते भर में एक खेत की नहीं हुई पैमाइश, सदर व मड़ियाहूं के राजस्व निरीक्षकों का रोका वेतन
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जौनपुर। भूमि विवाद के मामले निपटाने के लिए प्रशासन ने पैमाइश करके पथरगड़ी करने का अभियान शुरू किया। दस दिनों में सभी विवादास्पद भूमि की पैमाइश करनी थी। इसके हफ्ते भर बाद भी सदर और मड़ियाहूं तहसीलों ने एक भी जगह मापी नहीं की है। इस लापरवाही पर राजस्व निरीक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। जिले में भूमि विवाद के 3689 में से 850 मामले इन्हीं दो तहसीलों के हैं।
संपूर्ण समाधान दिवस पर अधिकांश मामले भूमि विवाद के हैं। जमीन संबंधी विवाद में रोजाना तीन-चार जगह मारपीट की घटनाएं भी होती हैं। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने भूमि संबंधी विवादों को निपटाने के लिए दस का दिन विशेष अभियान शुरू किया। इसके तहत विवादित जमीन की पैमाइश करके पथरगड़ी कराई जानी है। छह में से चार तहसीलों ने तो इस पर अमल शुरू कर दिया लेकिन सदर और मड़ियाहूं तहसील के राजस्व अधिकारियों ने इस आदेश पर ध्यान ही नहीं दिया। सात दिन बीतने के बाद भी इन दोनों तहसीलों में एक भी जमीन की पैमाइश नहीं कराई गई। जिले भर में इसमें 2871 मामले पैमाइश और 818 मामले पथरगड़ी के हैं। सदर तहसील में पैमाइश के 481 और मड़ियाहूं में 369 शिकायतें हैं। मछलीशहर में 500, बदलापुर मेें 353 , शाहगंज में 709 व केराकत में 459 मामलों में पैमाइश कराई जानी है।
धान की कटाई के बाद खेत खाली होने के कारण पैमाइश व पथरगड़ी के मामलों के निस्तारण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सदर व मड़ियाहूं की प्रगति बेहद खराब मिली है। इसे गंभीरता से लेते हुए इन तहसीलों के राजस्व निरीक्षकों को अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।-राजकुमार द्विवेदी, मुख्य राजस्व अधिकारी
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संपूर्ण समाधान दिवस पर अधिकांश मामले भूमि विवाद के हैं। जमीन संबंधी विवाद में रोजाना तीन-चार जगह मारपीट की घटनाएं भी होती हैं। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने भूमि संबंधी विवादों को निपटाने के लिए दस का दिन विशेष अभियान शुरू किया। इसके तहत विवादित जमीन की पैमाइश करके पथरगड़ी कराई जानी है। छह में से चार तहसीलों ने तो इस पर अमल शुरू कर दिया लेकिन सदर और मड़ियाहूं तहसील के राजस्व अधिकारियों ने इस आदेश पर ध्यान ही नहीं दिया। सात दिन बीतने के बाद भी इन दोनों तहसीलों में एक भी जमीन की पैमाइश नहीं कराई गई। जिले भर में इसमें 2871 मामले पैमाइश और 818 मामले पथरगड़ी के हैं। सदर तहसील में पैमाइश के 481 और मड़ियाहूं में 369 शिकायतें हैं। मछलीशहर में 500, बदलापुर मेें 353 , शाहगंज में 709 व केराकत में 459 मामलों में पैमाइश कराई जानी है।
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धान की कटाई के बाद खेत खाली होने के कारण पैमाइश व पथरगड़ी के मामलों के निस्तारण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सदर व मड़ियाहूं की प्रगति बेहद खराब मिली है। इसे गंभीरता से लेते हुए इन तहसीलों के राजस्व निरीक्षकों को अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।-राजकुमार द्विवेदी, मुख्य राजस्व अधिकारी
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