जौनपुर। जिले के सड़कों की स्थिति खराब है। मुख्य मार्ग हो या फिर संपर्क मार्ग हर तरफ सड़कें गड्ढे में तब्दील है। लोग जान जोखिम में डालकर चल रहे हैं। शासन ने 30 जून तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का आदेश जारी किया था, लेकिन अगस्त के तीन सप्ताह बीतने के बाद भी सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके हैं। जिम्मेदार बजट का रोना रो रहे हैं। उनकी दलील है कि पर्याप्त बजट उपलब्ध न होने से दिक्कत आ रही है। वैसे उनकी ओर से शीघ्र ही गड्ढे भरने का दावा भी किया जा रहा है। यह गड्ढे कब तक भरे जा सकेंगे, इसकी कोई समय सीमा नहीं है। शहर की सड़कों पर गड्ढे न भरने के पीछे सीवर लाइन का कार्य एक वजह बनी है, मगर ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर भी मरम्मत कार्य न होना लोगों की समझ से परे है। हाल यह है कि कई सड़कों पर गड्ढे इतने खतरनाक हो चुके हैं कि नजर हटी तो दुर्घटना घटनी तय है। इन सड़कों पर आए दिन हादसों के बाद भी किसी को फिक्र नहीं है। बरईपार बाजार से सुजानगंज को जोड़ने वाली करीब 14 किमी लंबी सड़क पूूरी तरह गड्ढों में तब्दील है। बारिश के बाद इस पर चलना दुश्वार हो जाता है। धर्मापुर क्षेत्र के सेवईनाला-जफराबाद मार्ग के इमलो बाजार की सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। बाजार के दुकानदारों ने कई बार सड़क के मरम्मत की गुहार लगाई, लेकिन उनकी आवाज नक्कारखाने की तूती बनकर गूंजती रही। खुटहन क्षेत्र के पिलकिछा तिराहे से होकर जाने वाली पट्टी नरेंद्रपुर मार्ग पर भी जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बरसात के समय आवागमन में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। सिंगरामऊ से बटाऊबीर होते हुए मछलीगांव, लेदुका, नौपेड़वा तक की सड़क की हालत बदतर है। बीच में कई जगह 100 और 50 मीटर तक सीसी रोड बना कर छोड़ दिया गया है। छूटी सड़क पर कई जगह गिट्टियां पड़ीं हैं। समय से पहले ही टूट गई सड़क, फिर भी मरम्मत नहीं बक्शा से तेजीबाजार होते हुए रासिकापुर तक 17 किमी मार्ग 681 लाख की लागत से 2013 में शुरू की गई थी। इसकी देखभाल 2021 तक कार्यदाई संस्था को करनी थी। निर्माण के एक वर्ष बाद ही सड़क टूटने लगी। संस्था ने उसकी मरम्मत भी नहीं कराई। तेजीबाजार क्षेत्र के लोग कलिजरा से घूम कर राष्ट्रीय राजमार्ग से जिला मुख्यालय और ब्लाक मुख्यालय पर जाते हैं। कमोवेश ऐसी ही स्थिति खेतासराय-खुटहन मार्ग की है। इसका निर्माण वर्ष 2018 में 57 लाख रुपये की लागत से प्रधानमंत्री सड़क योजना में हुआ था। इसके अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी 30 मार्च 2023 तक ठेकेदार की है, मगर जर्जर सड़क की मरम्मत नहीं हो रही। इस मार्ग पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्लाक कार्यालय समेत कई कॉलेज है। इसके अलावा खेतासराय-जौनपुर मार्ग जिसका निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा कराया गया था। खेतासराय बाजार से जौनपुर तक कई स्थानों पर डामर उखड़ कर गड्ढे बन चुके हैं।