{"_id":"57acd1e44f1c1be15bee5fed","slug":"rejuvenation-station-will-jngi","type":"story","status":"publish","title_hn":"जंघई स्टेशन का होगा कायाकल्प ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जंघई स्टेशन का होगा कायाकल्प
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 12 Aug 2016 12:58 AM IST
विज्ञापन
जंघई रेलवे स्टेशन के बाहर लगा पानी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के गंदे रेलवे स्टेशनों में शुमार जंघई रेलवे स्टेशन के दिन अब बहुरने वाले हैं। स्टेशन के कायाकल्प के लिए विभाग ने एक करोड़ का बजट जारी किया है। शीघ्र ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। इस रकम से प्लेटफार्म को ऊंचा किया जाएगा। इसके अलावा यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण, पानी निकासी के लिए ड्रेन का निर्माण होगा।
प्रकाश की व्यवस्था के लिए सोलर लाइट लगाने की भी तैयारी है। रेलवे को महीने में करीब डेढ़ करोड़ का राजस्व देने वाला जंघई रेलवे स्टेशन देश के गंदे स्टेशनों में शुमार है। अभी हाल ही में विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ था। सर्वे में पाया गया था कि यहां पेयजल की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
गंदगी का आलम यह कि अग दो घंटे तक यहां बैठकर किसी को ट्रेन का इंतजार करना पड़ जाए तो बीमार हो सकता है। प्लेटफार्म इतना नीचा है कि गाड़ी पर चढ़ने के लिए वृद्ध, महिलाएं या फिर शारीरिक रूप से कमजोर व विकलांगों को काफी दिक्कत होती है।
विज्ञापन
वेटिंग रूम बना जरूर है लेकिन उधर कोई कदम भी नहीं रखता। शौचायल पानी में डूबा रहता है। शाम होते ही स्टेशन पर अंधेरा छा जाता है। इन तमाम समस्याओं को देखते हुए ही विभाग ने जंघई रेलवे स्टेशन की सुधि ली है। उत्तर रेलवे के वाणिज्य प्रबंधक एके सिन्हा ने अमर उजाला को बताया कि विभाग ने एक करोड़ का बजट जारी कर दिया है।
आगे और भी बजट स्टेशन के कायाकल्प के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जंघई और प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर भी निर्माण कार्य के लिए बजट जारी किया गया है। जंघई रेलवे स्टेशन पर यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाएगा और शौचायल का निर्माण होगा।
सर्कुलेटिंग एरिया को सुसज्जित किया जाएगा। परिसर में पानी न लगे इसके लिए जल निकासी के लिए ड्रेन बनाया जायेगा। 29.64 लाख की लागत से कम्प्यूटरीकृत आरक्षण कार्यालय का निर्माण कराया जाएगा। वेटिंग हाल अपर क्लास का होगा।
विज्ञापन
प्रकाश की व्यवस्था के लिए सोलर लाइट लगाने की भी तैयारी है। रेलवे को महीने में करीब डेढ़ करोड़ का राजस्व देने वाला जंघई रेलवे स्टेशन देश के गंदे स्टेशनों में शुमार है। अभी हाल ही में विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ था। सर्वे में पाया गया था कि यहां पेयजल की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
विज्ञापन
गंदगी का आलम यह कि अग दो घंटे तक यहां बैठकर किसी को ट्रेन का इंतजार करना पड़ जाए तो बीमार हो सकता है। प्लेटफार्म इतना नीचा है कि गाड़ी पर चढ़ने के लिए वृद्ध, महिलाएं या फिर शारीरिक रूप से कमजोर व विकलांगों को काफी दिक्कत होती है।
विज्ञापन
वेटिंग रूम बना जरूर है लेकिन उधर कोई कदम भी नहीं रखता। शौचायल पानी में डूबा रहता है। शाम होते ही स्टेशन पर अंधेरा छा जाता है। इन तमाम समस्याओं को देखते हुए ही विभाग ने जंघई रेलवे स्टेशन की सुधि ली है। उत्तर रेलवे के वाणिज्य प्रबंधक एके सिन्हा ने अमर उजाला को बताया कि विभाग ने एक करोड़ का बजट जारी कर दिया है।
आगे और भी बजट स्टेशन के कायाकल्प के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जंघई और प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर भी निर्माण कार्य के लिए बजट जारी किया गया है। जंघई रेलवे स्टेशन पर यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाएगा और शौचायल का निर्माण होगा।
सर्कुलेटिंग एरिया को सुसज्जित किया जाएगा। परिसर में पानी न लगे इसके लिए जल निकासी के लिए ड्रेन बनाया जायेगा। 29.64 लाख की लागत से कम्प्यूटरीकृत आरक्षण कार्यालय का निर्माण कराया जाएगा। वेटिंग हाल अपर क्लास का होगा।