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हादसे में घायल राजवीर ने भी दम तोड़ा, थे 32 फ्रैक्चर
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जलालपुर में 13 जुलाई को हुई ट्रक-कार की टक्कर में घायल सिकरारा थाना क्षेत्र के बांकी निवासी राजवीर सिंह (17) की ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान नौंवे दिन बुधवार की सुबह मौत हो गई। वह ट्रामा सेंटर के आईसीयू में भर्ती था। उनके शरीर में कुल 32 फैक्चर हुए थे। इस हादसे में पांच लोगों की पहले ही मौत हो गई थी, जिसमें दो सगे भाई भी शामिल थे।
हादसे वाले दिन बृजेश व उनके बड़े भाई डॉ ज्ञान प्रकाश सिंह एक दुकान पर रुक कर जलपान किया। वहां से बृजेश पहले गाड़ी लेकर निकल लिए, जो 200 मीटर आगे जाने के बाद ही ट्रक की चपेट में आने से हादसे के शिकार हो गए थे। वहीं, हादसे के 10 मिनट बाद ही राजवीर के दादा डा. ज्ञान प्रकाश सिंह अपनी गाड़ी से पहुंचे थे। हादसे की चपेट में आए छह लोगों में केवल राजवीर की नब्ज चल रही थी। उसे बीएचयू में ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया। आपात चिकित्सा के बाद उसे गहन चिकित्सा यूनिट में रखा गया था। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक राजवीर के चाचा कार्डियो सर्जन डॉ. नीरज सिंह भी लगातार उसके साथ थे। उसके शरीर में कुछ ऑपरेशन भी किए गए थे। मंगलवार को दिनभर वह ठीक स्थिति में था। रात में उसके फेफड़े में संक्रमण होने लगा। डाक्टरों के पूरे प्रयास के बाद भी सुबह लगभग आठ बजे उसने दम तोड़ दिया। परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने के बाद वाराणसी में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पड़ोसी शिक्षक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि वह केवीएस लखनऊ में 11वीं का छात्र था। उसकी बहन जाह्नवी सिंह वहीं से हाई स्कूल की छात्रा है।
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हादसे वाले दिन बृजेश व उनके बड़े भाई डॉ ज्ञान प्रकाश सिंह एक दुकान पर रुक कर जलपान किया। वहां से बृजेश पहले गाड़ी लेकर निकल लिए, जो 200 मीटर आगे जाने के बाद ही ट्रक की चपेट में आने से हादसे के शिकार हो गए थे। वहीं, हादसे के 10 मिनट बाद ही राजवीर के दादा डा. ज्ञान प्रकाश सिंह अपनी गाड़ी से पहुंचे थे। हादसे की चपेट में आए छह लोगों में केवल राजवीर की नब्ज चल रही थी। उसे बीएचयू में ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया। आपात चिकित्सा के बाद उसे गहन चिकित्सा यूनिट में रखा गया था। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक राजवीर के चाचा कार्डियो सर्जन डॉ. नीरज सिंह भी लगातार उसके साथ थे। उसके शरीर में कुछ ऑपरेशन भी किए गए थे। मंगलवार को दिनभर वह ठीक स्थिति में था। रात में उसके फेफड़े में संक्रमण होने लगा। डाक्टरों के पूरे प्रयास के बाद भी सुबह लगभग आठ बजे उसने दम तोड़ दिया। परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने के बाद वाराणसी में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पड़ोसी शिक्षक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि वह केवीएस लखनऊ में 11वीं का छात्र था। उसकी बहन जाह्नवी सिंह वहीं से हाई स्कूल की छात्रा है।
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