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Jaunpur News: पर्यटन को बढ़ावा देने को बनाया जा रहा काफी टेबल बुक
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जौनपुर। जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से नया प्रयोग किया जा रहा है। ऐतिहासिक स्थलों की आकर्षक फोटोग्राफी करके उसका एक बुकलेट बनाया जा रहा, जिसको काफी टेबल बुक का नाम दिया गया है। जिसमें पर्यटन व ऐतिहासिक स्थलों का फोटो के साथ इतिहास लिखा होगा। इसको जनपद की लाइब्रेरी, होटल, रेस्टारेंटों पास के जनपदों में पहुंचाने का प्रयास है। इससे यहां के व्यापार बढ़ने के साथ रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकेगा।
जनपद में बहुत से ऐसे धार्मिक स्थल व ऐतिहासिक धरोहर है, जहां लोग पूजन-अर्चन के लिए व देखने के लिए दूर-दराज से लोग आते है। यहां की संस्कृति व खाद्य उत्पाद भी हमेशा लोगों की पसंद रहती हैं। इसमें प्रमुख रूप से पूर्वांचल में आस्था का केंद्र शीतला चौकियां धाम, यहां के खाद्य उत्पाद मूली, इमरती, इत्र व ऐतिहासिक स्थल में शाही पुल, शाही किला, अटाला मस्जिद, बड़ी मस्जिद, झंझरी मस्जिद आदि है। जिला प्रशासन की मंशा है कि इनमें सभी महत्वपूर्ण स्थलों का सारगर्भित तथ्य तैयार करके फोटो के साथ दिया जाएगा। यह मोटी प्लास्टेड कोटेड कापी होगी। जिसको जनपद में कलेक्ट्रेट, राजकीय लाइब्रेरी, पूर्वांचल विश्वविद्यालय, होटल, रेस्टोरेंट में रखा जाएगा। साथ ही बगल के जनपद वाराणसी, प्रयागराज के पर्यटन वाले होटलों-रेस्टोरेंटों व जिलाधिकारियों को पहुंचाया जाएगा। जिससे वहां घूमने आने वाले पर्यटक इसको देखने के बाद यहां भी आ सके।
क्या है काफी टेबल बुक ...
काफी टेबल बुक आमतौर पर हार्ड कवर बुक होती है। जिसका उद्देश्य एक ऐसे क्षेत्र में उपयोग के लिए बनाई गई टेबल पर प्रदर्शित करना है, जिसमें किसी मेहमानों का मनोरंजन करना है और यह बातचीत के लिए प्रेरित करता है। इसमें चित्र, उसका परिचय व छोटी सी जानकारी होती है। यह पुस्तक ऐसी होती है जो कोई व्यक्ति हल्के से पढ़ने को उठाए तो जनपद के बारे में उसे सबकुछ पता चल जाए।
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पर्यटन को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए एक जगह पर इसकी विस्तार से जानकारी व फोटों तैयार कराई जा रही है। जिसको एक किताबनुमा प्रकाशित किया जाएगा। इसको काफी टेबल बुक का नाम दिया जा रहा है। इसको बेहतरीन लेआउट में प्रकाशन कराया जाएगा। इसको कलेक्ट्रेट समेत जनपद की लाइब्रेरी, होटल, रेंस्टारेंट, बगल के जनपद के जिलाधिकारियों व वहां के पर्यटन वाले होटलों में रखा जाएगा। जिससे बाहरी व विदेशी पर्यटकों के आने से पर्यटक यहां की संस्कृति, धरोहर से जुड़ सके।
मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी।
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जनपद में बहुत से ऐसे धार्मिक स्थल व ऐतिहासिक धरोहर है, जहां लोग पूजन-अर्चन के लिए व देखने के लिए दूर-दराज से लोग आते है। यहां की संस्कृति व खाद्य उत्पाद भी हमेशा लोगों की पसंद रहती हैं। इसमें प्रमुख रूप से पूर्वांचल में आस्था का केंद्र शीतला चौकियां धाम, यहां के खाद्य उत्पाद मूली, इमरती, इत्र व ऐतिहासिक स्थल में शाही पुल, शाही किला, अटाला मस्जिद, बड़ी मस्जिद, झंझरी मस्जिद आदि है। जिला प्रशासन की मंशा है कि इनमें सभी महत्वपूर्ण स्थलों का सारगर्भित तथ्य तैयार करके फोटो के साथ दिया जाएगा। यह मोटी प्लास्टेड कोटेड कापी होगी। जिसको जनपद में कलेक्ट्रेट, राजकीय लाइब्रेरी, पूर्वांचल विश्वविद्यालय, होटल, रेस्टोरेंट में रखा जाएगा। साथ ही बगल के जनपद वाराणसी, प्रयागराज के पर्यटन वाले होटलों-रेस्टोरेंटों व जिलाधिकारियों को पहुंचाया जाएगा। जिससे वहां घूमने आने वाले पर्यटक इसको देखने के बाद यहां भी आ सके।
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क्या है काफी टेबल बुक ...
काफी टेबल बुक आमतौर पर हार्ड कवर बुक होती है। जिसका उद्देश्य एक ऐसे क्षेत्र में उपयोग के लिए बनाई गई टेबल पर प्रदर्शित करना है, जिसमें किसी मेहमानों का मनोरंजन करना है और यह बातचीत के लिए प्रेरित करता है। इसमें चित्र, उसका परिचय व छोटी सी जानकारी होती है। यह पुस्तक ऐसी होती है जो कोई व्यक्ति हल्के से पढ़ने को उठाए तो जनपद के बारे में उसे सबकुछ पता चल जाए।
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पर्यटन को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए एक जगह पर इसकी विस्तार से जानकारी व फोटों तैयार कराई जा रही है। जिसको एक किताबनुमा प्रकाशित किया जाएगा। इसको काफी टेबल बुक का नाम दिया जा रहा है। इसको बेहतरीन लेआउट में प्रकाशन कराया जाएगा। इसको कलेक्ट्रेट समेत जनपद की लाइब्रेरी, होटल, रेंस्टारेंट, बगल के जनपद के जिलाधिकारियों व वहां के पर्यटन वाले होटलों में रखा जाएगा। जिससे बाहरी व विदेशी पर्यटकों के आने से पर्यटक यहां की संस्कृति, धरोहर से जुड़ सके।
मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी।