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गोशाला में अजगर, दिन भर पकड़ता रहा वन विभाग
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केराकत । मुफ्तीगंज ब्लाक के बलईपुर गांव स्थित गोशाला में दूसरे दिन बुधवार को भी अजगर नहीं पकड़े जा सके। सुबह गोशाला में तीन अजगर देखे गए। लेकिन वन कर्मी काफी खोजबीन के बाद भी अजगर को नहीं पकड़ सके। उन्हें मायूस होकर वापस लोटना पड़ा। जिसके चलते गोशाला में कर्मियों में दहशत व्याप्त है।
बता दें कि बलईपुर गांव में बने गोशाला में मंगलवार की सुबह दस बजे तीन अजगर दिखाई दिये थे। जिसके बाद गोशाला कर्मियों में हड़कंप मच गया था। गोशाला की देखरेख करने वाले मजदूरों मो कलाम व रामनारायण राम ने इसकी सूचना प्रधान पति संजय कुमार को दी। प्रधानपति ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद पहुंचे वन कर्मी पहुंच ज्यों ही अजगरों को पकड़ना चाहा । तभी अजगर गोशाला में एक मान में घुस गये। काफी खोज बीन के बाद अजगर नहीं मिले तो वन कर्मी वापस लौट गये थे। इसके बाद दूसरे दिन बुधवार को फिर अजगरों को पकड़ने के लिए वन कर्मियों की एक टीम ठीक दस बजे सुबह गोशाला पहुंच गयी। किन्तु अजगर मान से अपना सिर्फ मुंह कुछ क्षणों के लिए बाहर निकालकर फिर मान में चले गये। ढाई घंटे तक अथक प्रयास करने बाद भी टीम को सफलता ही नहीं मिल सकी।जिसके फलस्वरूप टीम फिर खाली हाथ बैरंग वापस लौटने को विवश होना पड़ा । ग्रामीणों का कहना है कि यदि अजगरों को नहीं पकड़ा गया तो कोई अप्रिय घटना घटने से इंकार नहीं किया जा सकता । प्रधान पति संजय कुमार ने बताया कि वन कर्मियों ने कहा कि जेसीबी से मांद को खुदवाकर अजगरों को निकाला जाएगा।
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बता दें कि बलईपुर गांव में बने गोशाला में मंगलवार की सुबह दस बजे तीन अजगर दिखाई दिये थे। जिसके बाद गोशाला कर्मियों में हड़कंप मच गया था। गोशाला की देखरेख करने वाले मजदूरों मो कलाम व रामनारायण राम ने इसकी सूचना प्रधान पति संजय कुमार को दी। प्रधानपति ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद पहुंचे वन कर्मी पहुंच ज्यों ही अजगरों को पकड़ना चाहा । तभी अजगर गोशाला में एक मान में घुस गये। काफी खोज बीन के बाद अजगर नहीं मिले तो वन कर्मी वापस लौट गये थे। इसके बाद दूसरे दिन बुधवार को फिर अजगरों को पकड़ने के लिए वन कर्मियों की एक टीम ठीक दस बजे सुबह गोशाला पहुंच गयी। किन्तु अजगर मान से अपना सिर्फ मुंह कुछ क्षणों के लिए बाहर निकालकर फिर मान में चले गये। ढाई घंटे तक अथक प्रयास करने बाद भी टीम को सफलता ही नहीं मिल सकी।जिसके फलस्वरूप टीम फिर खाली हाथ बैरंग वापस लौटने को विवश होना पड़ा । ग्रामीणों का कहना है कि यदि अजगरों को नहीं पकड़ा गया तो कोई अप्रिय घटना घटने से इंकार नहीं किया जा सकता । प्रधान पति संजय कुमार ने बताया कि वन कर्मियों ने कहा कि जेसीबी से मांद को खुदवाकर अजगरों को निकाला जाएगा।
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