{"_id":"5fce775f8ebc3ecfd95774ce","slug":"preparing-to-introduce-a-choice-based-credit-system-prior-to-the-new-semester-jaunpur-news-vns5622365165","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए सत्र से पूविवि में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए सत्र से पूविवि में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने की तैयारी
विज्ञापन
जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नए सत्र से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने की तैयारी है। इसके जरिए शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा और विद्यार्थियों का भी विकास होगा। अगले वर्ष होने वाले नैक मूल्यांकन से पहले विश्वविद्यालय इसे लागू करने की कवायद में जुटा है। इसके लिए सभी विभागों में प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पहले ही सभी विश्वविद्यालय को सीबीसीएस लागू करने को कहा था। पूर्व कुलपति प्रो राजाराम यादव के कार्यकाल में इसकी कार्ययोजना बनाई गई लेकिन अमल में नहीं लाया जा सका। नई शिक्षा नीति में सीबीसीएस पर विशेष जोर है। लिहाजा विश्वविद्यालय ने अगले सत्र से इसे लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। वर्ष 2021 में नैक ग्रेडिंग के लिए टीम मूल्यांकन करने आएगी। ग्रेडिंग बेहतर बनाने के लिए विवि प्रशासन तब तक इस योजना को लागू कर देना चाहता हगै। इस व्यवस्था में सभी परीक्षाएं सेमेस्टर आधारित होंगी। छात्रों के पास अपनी रुचि के विषय सीखने की आजादी होगी। अभी बीएससी, बीएड और एलएलबी में ही सेमेस्टर प्रणाली लागू है। विद्यार्थियों का मूल्यांकन भी ग्रेडिंग के आधार पर किया जाएगा। देश के अधिकांश प्रमुख विश्वविद्यालयों और विदेशों में सीबीसीएस सिस्टम पहले से ही लागू है।
------
इनसेट--
क्या है सीबीसीएस सिस्टम
जौनपुर। यूजीसी ने सभी विवि में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस सिस्टम में छात्रों के पास निर्धारित पाठ्यक्रमों के चयन का विकल्प होता है। वह अपने पाठ्यक्रम के साथ-साथ विश्वविद्यालय के किसी दूसरे विषय का भी चुनाव करके उसमें कुछ क्रेडिट अंक प्राप्त कर सकेगा। मूल्यांकन ग्रेडिंग के आधार पर होगा। इस व्यवस्था में छात्रों को माइग्रेशन, ट्रांसफर आदि में कोई समस्या नहीं होती। वह कहीं से भी दूसरे विषय की पढ़ाई कर सकता है.
विज्ञापन
---इनसेट--
सीबीसीएस सिस्टम की ऐसे होगी ग्रेडिंग
जौनपुर। यूजीसी ने सीबीसीएस सिस्टम के लिए 10 अंकों की ग्रेडिंग प्रणाली की शुरुआत की है। ग्रेडिंग में 10 ए पाने वाले छात्र (अति उत्कृष्ट) की श्रेणी में रखे गए हैं। इसी प्रकार 9 ए (बहुत अच्छा), 8 बी प्लस (अच्छा), 7 बी (औसत से ऊपर), 6 सी (औसतन), 5 पी (पास), 4 एफ (अनुत्तीर्ण) और 0 एबी (अनुपस्थित) शून्य रखा गया है। इसी तरह से ग्रेड के आधार पर परीक्षाफल तैयार किए जाएंगे।
---
(जितेंद्र)
विज्ञापन
शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पहले ही सभी विश्वविद्यालय को सीबीसीएस लागू करने को कहा था। पूर्व कुलपति प्रो राजाराम यादव के कार्यकाल में इसकी कार्ययोजना बनाई गई लेकिन अमल में नहीं लाया जा सका। नई शिक्षा नीति में सीबीसीएस पर विशेष जोर है। लिहाजा विश्वविद्यालय ने अगले सत्र से इसे लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। वर्ष 2021 में नैक ग्रेडिंग के लिए टीम मूल्यांकन करने आएगी। ग्रेडिंग बेहतर बनाने के लिए विवि प्रशासन तब तक इस योजना को लागू कर देना चाहता हगै। इस व्यवस्था में सभी परीक्षाएं सेमेस्टर आधारित होंगी। छात्रों के पास अपनी रुचि के विषय सीखने की आजादी होगी। अभी बीएससी, बीएड और एलएलबी में ही सेमेस्टर प्रणाली लागू है। विद्यार्थियों का मूल्यांकन भी ग्रेडिंग के आधार पर किया जाएगा। देश के अधिकांश प्रमुख विश्वविद्यालयों और विदेशों में सीबीसीएस सिस्टम पहले से ही लागू है।
विज्ञापन
------
इनसेट--
क्या है सीबीसीएस सिस्टम
जौनपुर। यूजीसी ने सभी विवि में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस सिस्टम में छात्रों के पास निर्धारित पाठ्यक्रमों के चयन का विकल्प होता है। वह अपने पाठ्यक्रम के साथ-साथ विश्वविद्यालय के किसी दूसरे विषय का भी चुनाव करके उसमें कुछ क्रेडिट अंक प्राप्त कर सकेगा। मूल्यांकन ग्रेडिंग के आधार पर होगा। इस व्यवस्था में छात्रों को माइग्रेशन, ट्रांसफर आदि में कोई समस्या नहीं होती। वह कहीं से भी दूसरे विषय की पढ़ाई कर सकता है.
विज्ञापन
---इनसेट--
सीबीसीएस सिस्टम की ऐसे होगी ग्रेडिंग
जौनपुर। यूजीसी ने सीबीसीएस सिस्टम के लिए 10 अंकों की ग्रेडिंग प्रणाली की शुरुआत की है। ग्रेडिंग में 10 ए पाने वाले छात्र (अति उत्कृष्ट) की श्रेणी में रखे गए हैं। इसी प्रकार 9 ए (बहुत अच्छा), 8 बी प्लस (अच्छा), 7 बी (औसत से ऊपर), 6 सी (औसतन), 5 पी (पास), 4 एफ (अनुत्तीर्ण) और 0 एबी (अनुपस्थित) शून्य रखा गया है। इसी तरह से ग्रेड के आधार पर परीक्षाफल तैयार किए जाएंगे।
---
(जितेंद्र)