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Jaunpur News: दो दशक रहा प्रमोद यादव का राजनीतिक सफर, मल्हनी से लड़ चुके हैं चुनाव
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सिकरारा। भाजपा नेता प्रमोद यादव का राजनीतिक जीवन दो दशक का रहा है। यह मल्हनी विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं तो भाजपा के वर्तमान जिला महामंत्री थे। वह पूर्व में किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
प्रमोद यादव 2023 में पहली बार जौनपुर भाजपा के जिला महामंत्री मनोनीत किए गए। इसके पूर्व वह वर्ष 2018 से 2023 तक भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। प्रमोद यादव ने 2012 के विधानसभा चुनाव में बाहुबली धनंजय सिंह की दूसरी पत्नी डा.जागृति सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे थे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन तो किया था लेकिन सिंबल का मूल पत्र न लगाकर फोटो स्टेट लगाने से वह निर्दल प्रत्याशी के तौर पर मैदान में रह गए। 2012 के चुनाव में पहली बार मल्हनी विधानसभा बनी थी। इसमें सपा के पारसनाथ यादव ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी डा.जागृति सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी। वह निर्दल चुनावी मैदान में थी। इस चुनाव में बसपा के टिकट पर डॉ.पणिनी सिंह भी चुनावी मैदान में थे। वर्तमान में प्रमोद यादव भाजपा की सक्रिय राजनीति में थे। भाजपा नेता संदीप द्विवेदी ने बताया कि वह उनके साथ किसान मोर्चा में जिला महामंत्री थे। वह बहुत ही सज्जन व नेक इंसान थे। उनका किसी से कभी कोई विवाद ही नहीं होता था।
पिता की भी गोली मारकर हुई थी हत्या
प्रमोद यादव के पिता राजबली यादव की भी 1980 में गोली मारकर हत्या की गई थी। वे जनसंघ से जुड़े थे। शाम को हल्की बारिश में वे शहर से एक मित्र के साथ मूरकटवा महावीर मंदिर पर उतरे थे। वहां से बाइक छोड़ पैदल घर जा रहे थे। पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। राजबली एक बार जनसंघ के टिकट पर 1974 में रारी विधानसभा से चुनाव लड़े थे परंतु कांग्रेस प्रत्याशी सूर्यनाथ उपाध्याय से हार का सामना करना पड़ा था। प्रमोद के पिता राजबली की दो पत्नियों में पहली से दो बेटे पूर्व प्रधान महेंद्र यादव जो ईंट भट्ठे चलाते हैं।छोटे प्रमोद यादव भाजपा की सक्रिय राजनीति में थे। इनकी माता का भी देहांत हो चुका है।
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डीआईजी जोन डेढ़ घंटे तक रहे थाना पर :-
डीआईजी जोन ओमप्रकाश सिंह घटना के बाद बृहस्पतिवार की दोपहर तीन बजे थाने में पहुंचे। जहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करते हुए खुलासे की प्रगति जानी। डेढ़ घंटे बाद वह पुन: रवाना हो गए।
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प्रमोद यादव 2023 में पहली बार जौनपुर भाजपा के जिला महामंत्री मनोनीत किए गए। इसके पूर्व वह वर्ष 2018 से 2023 तक भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। प्रमोद यादव ने 2012 के विधानसभा चुनाव में बाहुबली धनंजय सिंह की दूसरी पत्नी डा.जागृति सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे थे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन तो किया था लेकिन सिंबल का मूल पत्र न लगाकर फोटो स्टेट लगाने से वह निर्दल प्रत्याशी के तौर पर मैदान में रह गए। 2012 के चुनाव में पहली बार मल्हनी विधानसभा बनी थी। इसमें सपा के पारसनाथ यादव ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी डा.जागृति सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी। वह निर्दल चुनावी मैदान में थी। इस चुनाव में बसपा के टिकट पर डॉ.पणिनी सिंह भी चुनावी मैदान में थे। वर्तमान में प्रमोद यादव भाजपा की सक्रिय राजनीति में थे। भाजपा नेता संदीप द्विवेदी ने बताया कि वह उनके साथ किसान मोर्चा में जिला महामंत्री थे। वह बहुत ही सज्जन व नेक इंसान थे। उनका किसी से कभी कोई विवाद ही नहीं होता था।
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पिता की भी गोली मारकर हुई थी हत्या
प्रमोद यादव के पिता राजबली यादव की भी 1980 में गोली मारकर हत्या की गई थी। वे जनसंघ से जुड़े थे। शाम को हल्की बारिश में वे शहर से एक मित्र के साथ मूरकटवा महावीर मंदिर पर उतरे थे। वहां से बाइक छोड़ पैदल घर जा रहे थे। पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। राजबली एक बार जनसंघ के टिकट पर 1974 में रारी विधानसभा से चुनाव लड़े थे परंतु कांग्रेस प्रत्याशी सूर्यनाथ उपाध्याय से हार का सामना करना पड़ा था। प्रमोद के पिता राजबली की दो पत्नियों में पहली से दो बेटे पूर्व प्रधान महेंद्र यादव जो ईंट भट्ठे चलाते हैं।छोटे प्रमोद यादव भाजपा की सक्रिय राजनीति में थे। इनकी माता का भी देहांत हो चुका है।
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डीआईजी जोन डेढ़ घंटे तक रहे थाना पर :-
डीआईजी जोन ओमप्रकाश सिंह घटना के बाद बृहस्पतिवार की दोपहर तीन बजे थाने में पहुंचे। जहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करते हुए खुलासे की प्रगति जानी। डेढ़ घंटे बाद वह पुन: रवाना हो गए।