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Jaunpur News: सरकार का 75 लाख दबाएं बैठे हैं पेंशनरों के परिजन, होगी वसूली
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जौनपुर। जिले के 275 पेंशनरों के परिजनों ने सरकार का 75 लाख रुपये दबाए रखा है। वजह कि पेंशनर के मरने के बाद परिजनों ने इसकी सूचना कोषागार कार्यालय में नहीं दी। इससे खाते में पेंशन जाती रही। सूचना मिलने के बाद अब वसूली के लिए कोषागार की तरफ से सभी बैंकों के अधिकारियों व ब्रांच मैनेजर को पत्र प्रेषित करके वसूली कराई जा रही है।
जिले के कोषागार में करीब 25 हजार पेंशनर हैं। प्रतिमाह पेंशनर को बैंकों के माध्यम से पेंशन भेजी जाती है। पेंशनरों के मरने की सूचना कोषागार कार्यालय में समय से न देने के कारण पेंशन की धनराशि उनके खाते में जाती रही। कई परिजन सूचना देर से देते हैं। आरोप है कि कई परिजन चोरी से एटीएम से पैसे भी निकाल ले लेते हैं। ऐसे लोगों से वसूली के लिए कोषागार कार्यालय से अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मृत होने के बाद खाते में भेजी गई धनराशि को वापस किया जा सके। पूर्व में जहां 492 मृत पेंशनरों के खाते में धनराशि की वसूली करनी थी, अभियान चलाकर अब यह घटकर करीब 275 रह गई है। यह बकाया करीब चार से छह माह पुराना हैं। कुल 75 लाख रुपये बकाया है।
इन बैंकों में पेंशनरों का इतना बकाया :-
बैंक-पेंशनर-धनराशि
एसबीआई-50-25 लाख
यूबीआई-75-40 लाख
बीओआई-07-तीन लाख
केनरा बैंक-05-एक लाख
पीएनबी-08-दो लाख
अन्य बैंक-130-चार लाख
वर्जन ...
मृत पेंशनरों के परिजनों से खातों से वसूली के लिए एलडीएम व संबंधित शाखा प्रबंधक को पत्र भेजा गया है। कोषागार कार्यालय से सभी शाखा प्रबंधकों को फोन किया जा रहा है। परिजन मृत होने के बाद की धनराशि डीडी के माध्यम से बैंक में वापस करा दें। परिवारीजनों को पेंशनरों के मृत होने की सूचना समय से कोषागार व बैंक को कर देनी चाहिए।- उमाशंकर, वरिष्ठ कोषाधिकारी।
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जिले के कोषागार में करीब 25 हजार पेंशनर हैं। प्रतिमाह पेंशनर को बैंकों के माध्यम से पेंशन भेजी जाती है। पेंशनरों के मरने की सूचना कोषागार कार्यालय में समय से न देने के कारण पेंशन की धनराशि उनके खाते में जाती रही। कई परिजन सूचना देर से देते हैं। आरोप है कि कई परिजन चोरी से एटीएम से पैसे भी निकाल ले लेते हैं। ऐसे लोगों से वसूली के लिए कोषागार कार्यालय से अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मृत होने के बाद खाते में भेजी गई धनराशि को वापस किया जा सके। पूर्व में जहां 492 मृत पेंशनरों के खाते में धनराशि की वसूली करनी थी, अभियान चलाकर अब यह घटकर करीब 275 रह गई है। यह बकाया करीब चार से छह माह पुराना हैं। कुल 75 लाख रुपये बकाया है।
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इन बैंकों में पेंशनरों का इतना बकाया :-
बैंक-पेंशनर-धनराशि
एसबीआई-50-25 लाख
यूबीआई-75-40 लाख
बीओआई-07-तीन लाख
केनरा बैंक-05-एक लाख
पीएनबी-08-दो लाख
अन्य बैंक-130-चार लाख
वर्जन ...
मृत पेंशनरों के परिजनों से खातों से वसूली के लिए एलडीएम व संबंधित शाखा प्रबंधक को पत्र भेजा गया है। कोषागार कार्यालय से सभी शाखा प्रबंधकों को फोन किया जा रहा है। परिजन मृत होने के बाद की धनराशि डीडी के माध्यम से बैंक में वापस करा दें। परिवारीजनों को पेंशनरों के मृत होने की सूचना समय से कोषागार व बैंक को कर देनी चाहिए।- उमाशंकर, वरिष्ठ कोषाधिकारी।
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