{"_id":"60aa9d498ebc3e6ac0359f30","slug":"patient-escaped-from-kovid-hospital-admitted-with-police-force-jaunpur-news-vns590930766","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोविड अस्पताल से भागे मरीज को पुलिस बल के साथ कराया गया भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोविड अस्पताल से भागे मरीज को पुलिस बल के साथ कराया गया भर्ती
विज्ञापन
कोविड अस्पताल से भागा मरीज, दोबारा भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। जिला महिला चिकित्सालय में स्थापित एल-टू अस्पताल से भागकर घर आए कोरोना मरीज को रविवार को पुलिस बल के साथ दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। बदलापुर क्षेत्र के रूपचंद्रपुर गांव निवासी एक कोरोना संक्रमित मरीज को प्राइवेट अस्पताल से निकालकर 20 मई को जिला महिला चिकित्सालय में स्थापित एल-टू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से वह किसी तरह भागकर घर आ गया था। निगरानी समिति ने इसकी जानकारी सीएचसी बदलापुर के अधीक्षक डॉ संजय दुबे को दी तो उसे पुलिस बल के साथ दोबारा अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। 17 मई को रूपचंदपुर गांव में पहुंचे नोडल अधिकारी ने जब गांव में संक्रमितों के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि गांव का एक युवक जो कोरोना संक्रमित था उसकी तबीयत खराब होने पर किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नोडल अधिकारी के निर्देश पर हुई छानबीन में पता चला कि उसे बदलापुर के जिस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है उस अस्पताल को कोविड मरीजों के इलाज की अनुमति नहीं है। मरीज को वहां से निकालकर सीएचसी के अधीक्षक ने एल-टू अस्पताल में भर्ती कराया था। छानबीन में पता चला था कि निजी अस्पताल ने मरीज से 1.60 लाख रुपये भी वसूल लिए थे। इस पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। साथ ही उस अस्पताल में भर्ती अन्य बीमारी वाले 22 मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। इसी बीच पता चला कि एल- टू अस्पताल में भर्ती रूपचंद्रपुर गांव का युवक भागकर घर आ गया है। इस सूचना पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय दुबे पुलिस बल के साथ रूपचंद्रपुर गांव पहुंचे और मरीज को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। जिला महिला चिकित्सालय में स्थापित एल-टू अस्पताल से भागकर घर आए कोरोना मरीज को रविवार को पुलिस बल के साथ दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। बदलापुर क्षेत्र के रूपचंद्रपुर गांव निवासी एक कोरोना संक्रमित मरीज को प्राइवेट अस्पताल से निकालकर 20 मई को जिला महिला चिकित्सालय में स्थापित एल-टू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से वह किसी तरह भागकर घर आ गया था। निगरानी समिति ने इसकी जानकारी सीएचसी बदलापुर के अधीक्षक डॉ संजय दुबे को दी तो उसे पुलिस बल के साथ दोबारा अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। 17 मई को रूपचंदपुर गांव में पहुंचे नोडल अधिकारी ने जब गांव में संक्रमितों के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि गांव का एक युवक जो कोरोना संक्रमित था उसकी तबीयत खराब होने पर किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नोडल अधिकारी के निर्देश पर हुई छानबीन में पता चला कि उसे बदलापुर के जिस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है उस अस्पताल को कोविड मरीजों के इलाज की अनुमति नहीं है। मरीज को वहां से निकालकर सीएचसी के अधीक्षक ने एल-टू अस्पताल में भर्ती कराया था। छानबीन में पता चला था कि निजी अस्पताल ने मरीज से 1.60 लाख रुपये भी वसूल लिए थे। इस पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। साथ ही उस अस्पताल में भर्ती अन्य बीमारी वाले 22 मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। इसी बीच पता चला कि एल- टू अस्पताल में भर्ती रूपचंद्रपुर गांव का युवक भागकर घर आ गया है। इस सूचना पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय दुबे पुलिस बल के साथ रूपचंद्रपुर गांव पहुंचे और मरीज को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया।