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तीखी धूप में झुलसेंगे, पानी को भी तरसेंगे मतदाता...

Sat, 10 Apr 2021 11:37 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 11:37 PM IST
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paanee ko bhee tarasenge matadaata...
जौनपुर। इस बार का पंचायत चुनाव प्रत्याशियों के साथ प्रशासन और मतदाताओं की भी परीक्षा लेगा। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच अधिकाधिक वोट डलवाना किसी चुनौती से कम नहीं। वह भी तब, जब बूथों पर मतदाताओं के लिए न तो छांव की व्यवस्था हो और न ही बिजली-पानी की। जिले के कई बूथों पर ऐसी ही स्थिति है। विधानसभा, लोकसभा के चुनावों में तो प्रधान की मदद भी मिल जाती थी, मगर इस बार खुद उन्हीं का चुनाव होने से स्थिति विकट है। समय रहते प्रशासन इसके लिए समुचित इंतजाम नहीं करता तो सकुशल मतदान कराना और प्रतिशत बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में जिले के 5106 बूथों पर मतदान होना है। विभिन्न पदों के लिए कुल 27988 उम्मीदवार हैं। सकुशल मतदान के लिए प्रशासन काफी पहले से तैयारियों में जुटा हुआ है। उम्मीदवार भी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर मतदाताओं से मनुहार कर रहे हैं। सबकी प्राथमिकता है कि वोट शत-प्रतिशत पड़े। मतदाता भी अपने पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन मतदान के दिन सभी को कठिन परीक्षा से गुजरना होगा। मौसम का मिजाज तो चिंता बढ़ा ही रहा है, बूथों की व्यवस्था भी कम जिम्मेदार नहीं होगी। अधिकांश बूथों पर छाया की व्यवस्था नहीं है। विद्यालयों के कमरे में बने बूथ के सामने वोट देने के लिए खुले आसमान के नीचे तीखी धूप में मतदाताओं को कतार लगानी होगी। यही नहीं जलस्तर नीचे खिसकने से जगह-जगह हैंडपंप भी खराब हो गए हैं। वैसे कायाकल्प योजना के तहत कई स्कूलों में सबमर्सिबल और मोटर पंप लगाए जाने से थोड़ी राहत होगी, लेकिन हर स्कूल में यह व्यवस्था भी नहीं हो पाई है। विद्यालयों में बिजली कनेक्शन का भी अभाव है। इसके चलते पंखा, बत्ती भी चलना संभव नहीं। मतदान कार्मिकों को गर्मी में बैठकर ही मतदान कराना हो सकता है। हालांकि प्रशासन की दलील है कि मतदान से पहले हर खामी दूर कर ली जाएगी।
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मछलीशहर: बूथों पर नहीं छांव, जलेंगे पांव
मछलीशहर ब्लाक में पंचायत चुनाव के लिए 293 बूथ बनाए गए हैं। अधिकांश बूथों पर छाया की व्यवस्था नहीं है। कटाहित गांव में जूनियर हईस्कूल और देवरिया गांव में प्राथमिक विद्यालय पर बने बूथों के आसपास पेड़ भी नहीं है, जिसकी ओट ली जा सकेे। सुबह दस बजे के बाद धूप सीधे बूथ की ओर पड़ने लगती है। ऐसे में यहां कतार में खड़ा होना दुष्कर है। ग्राम पंचायत मीरपुर उमरी में प्राथमिक विद्यालय पर बने बूथ के आसपास छोटे-छोटे पेड़ हैं, जो छाया देने में सक्षम नहीं। कई विद्यालयों में पंखे तो लगे हैं मगर चालू हालत में नहीं है। हालांकि बूथों पर पानी और शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। लंबे समय से उपयोग न होने से शौचालयों में गंदगी है।
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सिकरारा: बूथ पर बिजली नहीं, पसीने में भींगेगे मतदान कर्मी
पंचायत चुनाव के लिए बूथ बनाए गए परिषदीय विद्यालयों में अव्यवस्थाएं अब तक दूर नहीं हो पाई हैं। क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय देवपुर और प्राथमिक विद्यालय टिकरी को अभी तक बिजली की सुविधा नहीं है। देवपुर के प्रभारी हेडमास्टर डॉ शिवकांत सिंह बताते हैं कि बीते अक्टूबर में बीएसए के निर्देश पर बिजली विभाग ने स्थानीय बीआरसी पर कैंप लगाकर स्कूलों को कनेक्शन देने की पहल की थी। जहां बिजली के पोल नजदीक थे उन्हें केबिल से कनेक्शन देने के लिए 5100 रुपये और जहां अलग से पोल देकर दूर से तार खींचने की स्थिति थीं उन विद्यालयों से 120 रुपये सर्वे की फीस जमा कराई गई थी। यह दोनों विद्यालय सर्वे करने की स्थिति में थे। यहां से निर्धारित सर्वे फीस जमा कर दी गई है। अब तक बिजली कनेक्शन नहीं मिल सका। इस संदर्भ में बीईओ राजीव कुमार यादव ने बताया कि कार्य पूरा कराने के लिए उनके स्तर से रिमाइंडर लेटर भी दिया गया था, लेकिन काम अधूरा ही रह गया।
करंजाकला: बूथ पर खड़ा होना मुश्किल
इस ब्लाक में काफरपुर, सुल्तानपुर गौर, लोहता सहित कई गांवों में बने बूथ छायाविहीन हैं। कंक्रीट के जंगलों से घिरे इन बूथों पर तीखी धूप में खड़ा होना संभव नहीं। बूथों के आसपास कोई पेड़ या छाया का इंतजाम नहीं है। मतदाता कतार में खड़े होते भी हैं तो बूथ की ओर ही सीधी धूप होने से दिक्कत होगी। ज्यादा देर तक खड़े रहे तो तबीयत बिगड़ने का भी अंदेशा है। लोहता में विद्यालय परिसर में ही थोड़ी दूर पर कुछ पेड़ हैं, लेकिन वहां हर मतदाता खड़ा नहीं हो पाएगा। गनीमत है कि बूथों पर कायाकल्प योजना के तहत सबमर्सिबल पंप लगे हैं। लिहाजा पानी की दिक्कत नहीं है।
बदलापुर: कई बूथों पर पेयजल का इंतजाम भी नहीं
पंचायत चुनाव में मतदान को लेकर मतदाता अभी से चिंतित हैं। अधिकांश बूथ पर छाया सहित पेयजल की व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में मतदाताओं को धूप में ही कतारबद्ध होकर मतदान करना होगा। ब्लाक क्षेत्र के बूथ संख्या 29 और बूथ संख्या 72 प्राथमिक विद्यालय रायपुर चंदापुर में 2590 मतदाता वोट करेंगे। यहां छाया, शौचालय और पेयजल की कोई व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है। ऐसे में अगर प्यास लगेगी तो मतदाताओं के साथ ही मतदान कार्मिकों को भी पानी के लिए भटकना पड़ सकता है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी रामप्रकाश ने बताया कि सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से हर बूथ की रिपोर्ट मंगाई जा रही है। मतदान तिथि से पहले तक सभी जरुरतें पूरी कर ली जाएंगी। जिन बूथों पर छाया की व्यवस्था नहीं है, वहां टेंट का इंतजाम होगा। बिजली विहीन बूथों पर अस्थाई रुप से केबल खींचकर बिजली की व्यवस्था करने को कहा गया है। पेयजल के लिए टैंकर या कैंपर का इंतजाम भी कराया जाएगा।
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