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Jaunpur News: 24 घंटे बाद खुली ओपीडी, जिला अस्पताल में सामान्य से दोगुना ज्यादा आए मरीज
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जौनपुर। त्योहार की छुट्टी के बाद बुधवार को जब मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल खुले तो ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना ज्यादा मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टर के कमरों और जांच केंद्रों तक लंबी कतारें लग गई। त्योहार के दौरान अस्पताल बंद रहते हैं या वहां केवल आपातकालीन सेवाएं चालू रहती हैं। सामान्य बीमारियों या नियमित जांच वाले मरीज छुट्टी खत्म होते ही पहले दिन इलाज के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों के बाद अक्सर मौसमी बदलाव, वायरल फीवर, पेट की समस्याएं और बीपी-शुगर के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा होता है। दशहरा के दिन जिला अस्पताल में दोपहर तक ओपीडी हुई थी। इसके बावजूद बुधवार को जिला अस्पताल खुला तो मरीजों की कतार लग गई। रोज की अपेक्षा ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक रही। रोजाना करीब 600 मरीज आते थे, लेकिन बुधवार को मरीजों की संख्या 1074 रही। सुबह से पर्चा काउंटर पर मरीजों की कतार लग गई। पहले दिखाने और पर्चा बनवाने को लेकर मरीजों और तीमारदारों में धक्कामुक्की होती रही। फिजीशियन, बाल रोग और चेस्ट के साथ त्वचा रोग विशेषज्ञ के कक्षों में अधिक भीड़ रही। मरीजों और तीमारदारों की भीड़ के चलते ओपीडी हॉल में से निकलना दूभर रहा। मंगलवार को दोपहर तक ओपीडी चली थी। अस्पताल में आधे दिन तक ओपीडी की जानकारी होने के कारण दूर के मरीज नहीं आए। बुधवार को काफी भीड़ उमड़ी। मौसम के बदलाव के कारण सर्दी, बुखार, खांसी और त्वचा के मरीजों की संख्या अधिक रही। हालांकि मेडिकल कॉलेज में रोज की अपेक्षा ओपीडी काफी कम रही है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज में 1834 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे। सीएमएस डॉ. एए जाफरी ने बताया कि बुधवार को ओपीडी काफी कम रही है। रोजाना करीब 2200 से 2400 मरीज ओपीडी में आते हैं। लेकिन बुधवार को मरीजों की संख्या काफी कम रही।
पर्चा बनवाने में मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
जिला अस्पताल में बुधवार को सुबह 11 बजे तक 364 पर्चे पुरुष के और 276 पर्चा महिलाओं और बच्चों के बन गए थे। सुबह से पर्चा बनवाने के लिए महिला और पुरुष की लंबी लाइन लग गई थी। आलम यह था कि पर्चा काउंटर से लेकर पोर्च के बाहर तक मरीजों की कतार लगी थी। भीड़ के चलते कुछ लोगों ने पर्चा बनवाने के लिए जुगाड़ लगाते रहे। पुलिस और सुरक्षा गार्डों को काफी मेहनत करनी पड़ी।
ओपीडी के बाहर हुई धक्का-मुक्की
फिजिशियन, त्वचा रोग विशेषज्ञ, बाल रोग, चेस्टरोग और के ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों की सबसे लंबी लाइन लगी देखी गई। फिजिशियन कक्ष के बाहर सबसे अधिक भीड़ रही। फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि बुधवार को आने वाले मरीजों में अधिकतर बदलते मौसम के कारण बीमार होने की शिकायत लेकर आने वाले मरीज अधिक थे। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरदीप ने बताया कि दाद व फंगल के मरीज अधिक आए थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि बच्चों में के साथ उम्रदराज लोगों में खांसी, जुकाम, बुखार, सर्दी की शिकायत मिल रही है।
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पर्चा बनवाने में मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
जिला अस्पताल में बुधवार को सुबह 11 बजे तक 364 पर्चे पुरुष के और 276 पर्चा महिलाओं और बच्चों के बन गए थे। सुबह से पर्चा बनवाने के लिए महिला और पुरुष की लंबी लाइन लग गई थी। आलम यह था कि पर्चा काउंटर से लेकर पोर्च के बाहर तक मरीजों की कतार लगी थी। भीड़ के चलते कुछ लोगों ने पर्चा बनवाने के लिए जुगाड़ लगाते रहे। पुलिस और सुरक्षा गार्डों को काफी मेहनत करनी पड़ी।
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ओपीडी के बाहर हुई धक्का-मुक्की
फिजिशियन, त्वचा रोग विशेषज्ञ, बाल रोग, चेस्टरोग और के ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों की सबसे लंबी लाइन लगी देखी गई। फिजिशियन कक्ष के बाहर सबसे अधिक भीड़ रही। फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार यादव, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि बुधवार को आने वाले मरीजों में अधिकतर बदलते मौसम के कारण बीमार होने की शिकायत लेकर आने वाले मरीज अधिक थे। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरदीप ने बताया कि दाद व फंगल के मरीज अधिक आए थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि बच्चों में के साथ उम्रदराज लोगों में खांसी, जुकाम, बुखार, सर्दी की शिकायत मिल रही है।
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