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वन दरोगा, फारेस्टर को किसानों ने बनाया बंधक
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 12 Jan 2015 12:16 AM IST
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नील गाय और जंगली सूअरों से परेशान किसानों ने रविवार को वन दरोगा, फारेस्टर और एक वन कर्मी को राजेपुर गांव में बंधक बना लिया। राजेपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय पर किसान एकता मंच के बैनरतले जुटे किसान उस समय आक्रोशित हो उठे जब वन दरोगा ने उनसे यह कहा कि नीलगाय वन विभाग के जानवर नहीं हैं इस नाते वह नील गायों पर नियंत्रण नहीं रख सकते। रेंजर ने एक माह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया तो तीन घंटे बाद वन दरोगा समेत तीनों कर्मचारियों को किसानों ने मुक्त किया।
सई नदी किनारे वाले गांव के किसान नीलगाय और जंगली सूअरों के आतंक से परेशान हैं। ये जानवर किसानों की फसल चौपट कर दे रहे हैं। पिछले तहसील दिवस में किसानों ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत करते हुए पत्रक सौंपा था। डीएम ने वन विभाग को कार्रवाई का निर्देश दिया था। बावजूद इसके अभी तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। रविवार को इसी मुद्दे को लेकर किसान एकता मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान राजेपुर प्राथमिक विद्यालय पर जुटे थे। किसानों की समस्या सुनने के लिए वन दरोगा जनार्दन मिश्र, फारेस्टर गुलाबचंद्र और वनकर्मी मौके पर पहुंचे। किसानों ने समस्या के निराकरण की मांग की तो दरोगा ने कहा कि नीलगाय वन विभाग के जानवर नहीं हैं। इसी बात पर किसान आक्रोशित हो उठे। तख्ते पर बैठे वन दरोगा को उतार कर जमीन पर बैठा दिया। और किसानों ने कहा कि अब वे उन्हें तब तक यहां से नहीं जाने देंगे जब तक डीएफओ नहीं आ जाएंगे। वन दरोगा ने रेंजर को फोन कर समस्या बताई तो उन्होंने फोन पर किसानों को आश्वासन दिया कि पहली फरवरी तक समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा।
रेंजर के आश्वासन पर तीन घंटे बाद किसानों ने वन अधिकारियों को मुक्त किया। प्राथमिक विद्यालय पर चल रही किसान सभा में राजदेव यादव ने कहा कि किसानों की गाढ़ी कमाई चौपट हो रही है। कई बार अधिकारियों से कहा गया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस मौके पर लक्ष्मी शंकर यादव, संयोजक कृष्णा सिंह महामंत्री शंभू सिंह, एके सिंह, धनंजय सिंह, सियाराम यादव, अखिलेश यादव, प्रमोद यादव, विनोद यादव, रामजीत प्रजापति, रामजीत मौर्य, राजकुमार निषाद, अशोक सिंह ब्रह्मदेव यादव, जिला पंचायत सदस्य श्यामारथी आदि थे। सभा का संचालन एचएल यादव ने किया।
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सई नदी किनारे वाले गांव के किसान नीलगाय और जंगली सूअरों के आतंक से परेशान हैं। ये जानवर किसानों की फसल चौपट कर दे रहे हैं। पिछले तहसील दिवस में किसानों ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत करते हुए पत्रक सौंपा था। डीएम ने वन विभाग को कार्रवाई का निर्देश दिया था। बावजूद इसके अभी तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। रविवार को इसी मुद्दे को लेकर किसान एकता मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान राजेपुर प्राथमिक विद्यालय पर जुटे थे। किसानों की समस्या सुनने के लिए वन दरोगा जनार्दन मिश्र, फारेस्टर गुलाबचंद्र और वनकर्मी मौके पर पहुंचे। किसानों ने समस्या के निराकरण की मांग की तो दरोगा ने कहा कि नीलगाय वन विभाग के जानवर नहीं हैं। इसी बात पर किसान आक्रोशित हो उठे। तख्ते पर बैठे वन दरोगा को उतार कर जमीन पर बैठा दिया। और किसानों ने कहा कि अब वे उन्हें तब तक यहां से नहीं जाने देंगे जब तक डीएफओ नहीं आ जाएंगे। वन दरोगा ने रेंजर को फोन कर समस्या बताई तो उन्होंने फोन पर किसानों को आश्वासन दिया कि पहली फरवरी तक समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा।
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रेंजर के आश्वासन पर तीन घंटे बाद किसानों ने वन अधिकारियों को मुक्त किया। प्राथमिक विद्यालय पर चल रही किसान सभा में राजदेव यादव ने कहा कि किसानों की गाढ़ी कमाई चौपट हो रही है। कई बार अधिकारियों से कहा गया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस मौके पर लक्ष्मी शंकर यादव, संयोजक कृष्णा सिंह महामंत्री शंभू सिंह, एके सिंह, धनंजय सिंह, सियाराम यादव, अखिलेश यादव, प्रमोद यादव, विनोद यादव, रामजीत प्रजापति, रामजीत मौर्य, राजकुमार निषाद, अशोक सिंह ब्रह्मदेव यादव, जिला पंचायत सदस्य श्यामारथी आदि थे। सभा का संचालन एचएल यादव ने किया।
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