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Jaunpur News: रोडवेज बसों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं
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जौनपुर। वाराणसी से लखनऊ जाने वाली बस हो या फिर गोरखपुर रूट की बस हो, अधिकांश बसों में अग्निशमन यंत्र की कमी है। जिनमें है भी तो केवल दिखावटी के रूप में है। किसी में रिफिल कराने की जरूरत है तो किसी में उसे मुकम्मल जगह रखने की जरूरत है। कई बसों में तो फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं है। ऐसे में यदि कहीं आग लगी तो भगवान भरोसे ही सुरक्षा है।
बृहस्पतिवार को पड़ताल की गई तो जौनपुर डिपो से ज्यादातर रूटों पर चलने वाली बसों में बिना सुरक्षा का इंतजाम किए ही सरपट दौड़ती नजर आईं। वैसे तो डिपो में कुल 74 बसें हैं, डिपो से प्रतिदिन आठ से 10 हजार यात्री यात्रा करते हैं। करीब साढ़े नौ से 10 लाख तक आय होती है। पड़ताल के दौरान पता चला कि जिन बसों में अग्निशमन यंत्र लगा है, उनकी मियाद निकल चुकी है। जबकि कुछ यंत्रों पर तो तारीख ही नहीं लिखी है, जिससे पता चल सके कि यंत्र कब एक्सपायर हो रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर रोडवेज की बसों में अग्नि शमन उपकरण और फर्स्ट ऐड बाक्स रखना अनिवार्य है। जबकि अधिकांश बसों में न तो अग्निशमन यंत्र और न ही फर्स्ट ऐड बाक्स उपलब्ध है।
तत्काल प्राथमिक उपचार की भी नहीं व्यवस्था
नगर में स्थित रोडवेज परिसर में बृहस्पतिवार को कई बसों की पड़ताल की गई। इस दौरान कई बसों में न तो अग्निशमन यंत्र लगा मिला और न ही फस्ट ऐड बाक्स मिला। किसी बस में लगा भी तो शोपीस बनकर रह गया है। बसों में यात्रा के दौरान यात्रियों के स्वास्थ्य संबंधित कोई परेशानी होने तथा चोट लगने पर यात्री को तत्काल प्राथमिक उपचार देने के लिए फर्स्ट ऐड बाक्स रखा जाता है, लेकिन कई बसों में इसकी भी सुविधा नहीं है।
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यात्रियों की सुरक्षा को लेकर निगम गंभीर है। बसों में फायर सिलिंडर व फर्स्ट एड बाक्स लगाए गए हैं। सुरक्षा को लेकर थोड़ी बहुत जो कमियां है उसे दूर करने का काम किया जा रहा हैं। जिन बसों में फायर सिलेंडर व प्राथमिक चिकित्सा बाक्स नहीं है, उसमें शीघ्र लगवा दिया जाएगा। कुछ अग्निशमन यंत्र रिफीलिंग के लिए भेजा गया है।
-रमेश सिंह, एआरएम जौनपुर।
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बृहस्पतिवार को पड़ताल की गई तो जौनपुर डिपो से ज्यादातर रूटों पर चलने वाली बसों में बिना सुरक्षा का इंतजाम किए ही सरपट दौड़ती नजर आईं। वैसे तो डिपो में कुल 74 बसें हैं, डिपो से प्रतिदिन आठ से 10 हजार यात्री यात्रा करते हैं। करीब साढ़े नौ से 10 लाख तक आय होती है। पड़ताल के दौरान पता चला कि जिन बसों में अग्निशमन यंत्र लगा है, उनकी मियाद निकल चुकी है। जबकि कुछ यंत्रों पर तो तारीख ही नहीं लिखी है, जिससे पता चल सके कि यंत्र कब एक्सपायर हो रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर रोडवेज की बसों में अग्नि शमन उपकरण और फर्स्ट ऐड बाक्स रखना अनिवार्य है। जबकि अधिकांश बसों में न तो अग्निशमन यंत्र और न ही फर्स्ट ऐड बाक्स उपलब्ध है।
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तत्काल प्राथमिक उपचार की भी नहीं व्यवस्था
नगर में स्थित रोडवेज परिसर में बृहस्पतिवार को कई बसों की पड़ताल की गई। इस दौरान कई बसों में न तो अग्निशमन यंत्र लगा मिला और न ही फस्ट ऐड बाक्स मिला। किसी बस में लगा भी तो शोपीस बनकर रह गया है। बसों में यात्रा के दौरान यात्रियों के स्वास्थ्य संबंधित कोई परेशानी होने तथा चोट लगने पर यात्री को तत्काल प्राथमिक उपचार देने के लिए फर्स्ट ऐड बाक्स रखा जाता है, लेकिन कई बसों में इसकी भी सुविधा नहीं है।
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यात्रियों की सुरक्षा को लेकर निगम गंभीर है। बसों में फायर सिलिंडर व फर्स्ट एड बाक्स लगाए गए हैं। सुरक्षा को लेकर थोड़ी बहुत जो कमियां है उसे दूर करने का काम किया जा रहा हैं। जिन बसों में फायर सिलेंडर व प्राथमिक चिकित्सा बाक्स नहीं है, उसमें शीघ्र लगवा दिया जाएगा। कुछ अग्निशमन यंत्र रिफीलिंग के लिए भेजा गया है।
-रमेश सिंह, एआरएम जौनपुर।