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24 हेक्टेयर में बनेगी नई जेल, क्षमता होगी 1032
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शहर से सात किमी दूर 24 हेक्टेयर में प्रस्तावित नए जिला कारागार का काम जल्द ही शुरू होगा। किसानों से भूमि की रजिस्ट्री करा ली गई। साथ ही जेल निर्माण के लिए ड्राइंग भी तैयार कर ली गई है। जिसके मुताबिक नये जेल की क्षमता 1032 बंदियों-कैदियों की होगी। बजट के लिए पत्र वित्त विभाग को भेज दिया गया है। जहां से जल्द से जल्द कार्य शुरू कराने का आश्वासन भी मिला है।
करीब डेढ़ सौ साल पहले अंग्रेजों के राज में बने जिला कारागार की बंदी क्षमता महज 320 है। जबकि यहां मौजूदा समय में 1269 बंदी हैं। एक दशक पूर्व क्षमता से दो गुना बंदी होने पर ही नई जेल के निर्माण की कवायद शुरू हो गई थी। 2018 में प्रशासन ने जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर जौनपुर-मिर्जापुर रोड पर कुद्दूपुर, रंजीतपुर व इंदरिया गांव में करीब 24 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की। इसमें 12.9 हेक्टेयर जमीन 343 किसानों की थी, जबकि 10.9 हेक्टेयर ग्राम समाज की है। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, उन्हें सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे के तौर पर भुगतान करने के लिए शासन से 66 करोड़ रुपये अवमुक्त किया। लेकिन, जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण इस दिशा में कार्य में देरी हो गई। हालांकि इस साल अक्तूबर बाद अधिकारियों ने इसमें रुचि ली, जिसका सार्थक परिणाम सामने आया। किसानों से सहमती बनी और करीब 44 करोड़ देने के बाद 338 किसानों से उनकी भूमि की रजिस्ट्री कराई गई। इस समय जो पांच किसान बचे हैं, उनकी सहमति हो गई। हालांकि उनके दूसरे प्रांत रहने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। वहीं, 21 करोड़ रुपये बचने के कारण शासन का वापस कर दिया गया। वहीं, नियमानुसार 90 प्रतिशत रजिस्ट्री पूरी होने पर काम शुरू किया जा सकता है। इस कारण जेल निर्माण के लिए डीएम के माध्यम से महानिदेशक कारागार, प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजवाया गया था। जहां से कार्यदायी संस्था के रुप में लोक निर्माण विभाग की वाराणसी यूनिट को नामित किया गया है। करीब ढाई सौ करोड़ की लागत से बनने वाली नई जेल के निर्माण के लिए ड्राइंग भी तैयार हो गई है, जिसमें यह तय कर दिया गया है कि कहां क्या बनेगा।
अब 1269 हो गई बंदियों की संख्या
जिला जेल की क्षमता 320 की है, लेकिन यहां हमेशा एक हजार के ऊपर ही बंदी रहते हैं। ऐसे में दिक्कत होती। कई बार जेल प्रशासन के सामने चुनौती पूर्ण स्थिति बन जाती है। हालांकि इधर एक साल से अधिक समय से जेल में सब कुछ अच्छा चल रहा है। मगर, अग्निपथ योजना के विरोध के कारण जेल में बंदियों की संख्या काफी बढ़ गई है, क्योंकि पुलिस ने अब तक 50 लोगों को पकड़ा है, जिससे जेल में अब बंदियों की संख्या 1269 हो गई है। मगर, जेल प्रशासन का दावा है कि कोई दिक्कत नहीं है।
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नये जेल की क्षमता 1032 की होगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के वाराणसी यूनिट को जिम्मेदारी दी गई है। बजट के लिए वित्त विभाग को पत्र लिखा गया है। - एसके पांडेय, जेल अधीक्षक।
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करीब डेढ़ सौ साल पहले अंग्रेजों के राज में बने जिला कारागार की बंदी क्षमता महज 320 है। जबकि यहां मौजूदा समय में 1269 बंदी हैं। एक दशक पूर्व क्षमता से दो गुना बंदी होने पर ही नई जेल के निर्माण की कवायद शुरू हो गई थी। 2018 में प्रशासन ने जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर जौनपुर-मिर्जापुर रोड पर कुद्दूपुर, रंजीतपुर व इंदरिया गांव में करीब 24 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की। इसमें 12.9 हेक्टेयर जमीन 343 किसानों की थी, जबकि 10.9 हेक्टेयर ग्राम समाज की है। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, उन्हें सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे के तौर पर भुगतान करने के लिए शासन से 66 करोड़ रुपये अवमुक्त किया। लेकिन, जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण इस दिशा में कार्य में देरी हो गई। हालांकि इस साल अक्तूबर बाद अधिकारियों ने इसमें रुचि ली, जिसका सार्थक परिणाम सामने आया। किसानों से सहमती बनी और करीब 44 करोड़ देने के बाद 338 किसानों से उनकी भूमि की रजिस्ट्री कराई गई। इस समय जो पांच किसान बचे हैं, उनकी सहमति हो गई। हालांकि उनके दूसरे प्रांत रहने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। वहीं, 21 करोड़ रुपये बचने के कारण शासन का वापस कर दिया गया। वहीं, नियमानुसार 90 प्रतिशत रजिस्ट्री पूरी होने पर काम शुरू किया जा सकता है। इस कारण जेल निर्माण के लिए डीएम के माध्यम से महानिदेशक कारागार, प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजवाया गया था। जहां से कार्यदायी संस्था के रुप में लोक निर्माण विभाग की वाराणसी यूनिट को नामित किया गया है। करीब ढाई सौ करोड़ की लागत से बनने वाली नई जेल के निर्माण के लिए ड्राइंग भी तैयार हो गई है, जिसमें यह तय कर दिया गया है कि कहां क्या बनेगा।
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अब 1269 हो गई बंदियों की संख्या
जिला जेल की क्षमता 320 की है, लेकिन यहां हमेशा एक हजार के ऊपर ही बंदी रहते हैं। ऐसे में दिक्कत होती। कई बार जेल प्रशासन के सामने चुनौती पूर्ण स्थिति बन जाती है। हालांकि इधर एक साल से अधिक समय से जेल में सब कुछ अच्छा चल रहा है। मगर, अग्निपथ योजना के विरोध के कारण जेल में बंदियों की संख्या काफी बढ़ गई है, क्योंकि पुलिस ने अब तक 50 लोगों को पकड़ा है, जिससे जेल में अब बंदियों की संख्या 1269 हो गई है। मगर, जेल प्रशासन का दावा है कि कोई दिक्कत नहीं है।
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नये जेल की क्षमता 1032 की होगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के वाराणसी यूनिट को जिम्मेदारी दी गई है। बजट के लिए वित्त विभाग को पत्र लिखा गया है। - एसके पांडेय, जेल अधीक्षक।