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दो दर्जन नए पाठ्यक्रमों की होगी शुरुआत
jaunpur
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:27 AM IST
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पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में दो दर्जन नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत करेगा। इसके लिए 24 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने इसमें सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजे, उसे पास कराने में सहयोग दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। सहायता दिलाने का काम शासन करेगा। कुलपति प्रो. राजाराम यादव के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के लिए कुलपति की सकारात्मक सोच सराहनीय पहल है। विवि में प्रो. राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भइया इंस्टीट्यूट आफ स्टडी एंड रिसर्च इन फिजिकल साइंस की स्थापना कर भौतिक विज्ञान, रसायन, गणित, सांख्यिकी, पृथ्वी विज्ञान, रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा, बायोमेडिकल फीजिक्स, बायोइंफारर्मेट्किस विषयों का संचालन किया जाएगा।
इसी प्रकार फैकल्टी आफ इंजीनियरिंग में एमटेक और पीएचडी के साथ फूट टेक्नोलाजी, मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग, एयरोनाटिकल इंजीनियरिंग, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग आदि आधुनिक पाठ्यक्रमों के संचालन की योजना बनाई गई है। शोध की गुणवत्ता को बढ़ाने और छात्रों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अशोक सिंघल इस्टीट्यूट आफ इंडियन ट्रेडिशनल साइंसेज, मैटेरयल साइंस सेंटर, रिन्यूएबल इनर्जी रिसर्च सेंटर, बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर, नैनो साइंस एंड टेक्नोलाजी, सेंटर फार थ्योरिटिकल स्टडीज, विज्ञान अनुसंधान केंद्र, गुरु गोरक्षनाथ स्प्रिचुअल साइंस एंड योगा सेंटर, दीनदयाल उपाध्याय स्टडी एंड रिसर्च सेंटर इन सोशल साइंसेज की स्थापना व फैकल्टी आफ संस्कृत की स्थापना होगी। लैंग्वेज आफरिंग एमए पीएचडी, अंग्रेजी, हिंदी, रीजन लैग्वेज और फोरिजन लैग्वेज में फ्रेंच, जापानी और जर्मन भाषा के पाठ्यक्रम संचालन करने की योजना है । मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इनके संचालन में प्रदेश सरकार सहयोग करेगी। उन्होेंने कहा कि इसका प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजें, मजूरी दिलाने में पूरी मदद की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। सहायता दिलाने का काम शासन करेगा। कुलपति प्रो. राजाराम यादव के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के लिए कुलपति की सकारात्मक सोच सराहनीय पहल है। विवि में प्रो. राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भइया इंस्टीट्यूट आफ स्टडी एंड रिसर्च इन फिजिकल साइंस की स्थापना कर भौतिक विज्ञान, रसायन, गणित, सांख्यिकी, पृथ्वी विज्ञान, रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा, बायोमेडिकल फीजिक्स, बायोइंफारर्मेट्किस विषयों का संचालन किया जाएगा।
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इसी प्रकार फैकल्टी आफ इंजीनियरिंग में एमटेक और पीएचडी के साथ फूट टेक्नोलाजी, मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग, एयरोनाटिकल इंजीनियरिंग, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग आदि आधुनिक पाठ्यक्रमों के संचालन की योजना बनाई गई है। शोध की गुणवत्ता को बढ़ाने और छात्रों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अशोक सिंघल इस्टीट्यूट आफ इंडियन ट्रेडिशनल साइंसेज, मैटेरयल साइंस सेंटर, रिन्यूएबल इनर्जी रिसर्च सेंटर, बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर, नैनो साइंस एंड टेक्नोलाजी, सेंटर फार थ्योरिटिकल स्टडीज, विज्ञान अनुसंधान केंद्र, गुरु गोरक्षनाथ स्प्रिचुअल साइंस एंड योगा सेंटर, दीनदयाल उपाध्याय स्टडी एंड रिसर्च सेंटर इन सोशल साइंसेज की स्थापना व फैकल्टी आफ संस्कृत की स्थापना होगी। लैंग्वेज आफरिंग एमए पीएचडी, अंग्रेजी, हिंदी, रीजन लैग्वेज और फोरिजन लैग्वेज में फ्रेंच, जापानी और जर्मन भाषा के पाठ्यक्रम संचालन करने की योजना है । मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इनके संचालन में प्रदेश सरकार सहयोग करेगी। उन्होेंने कहा कि इसका प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजें, मजूरी दिलाने में पूरी मदद की जाएगी।
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