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साधन सहकारी समितियों पर डंप पड़ी नैनो यूरिया

Mon, 13 Jun 2022 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2022 11:51 PM IST
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Nano urea dumped on instrument cooperatives
जौनपुर। समितियों पर डंप पड़ी यूरिया इस समय सहकारिता विभाग के लिए गले की फांस बन गई है। कारण इफको की ओर से बिना डिमांड नोट के ही औद्यानिक समिति बनुआडीह के माध्यम से समितियों पर गेहूं का सीजन समाप्त होने के बाद फरवरी के प्रथम सप्ताह में नैनो यूरिया भेज दी गई है। इसके कारण साधन सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं जा पा रही है, जिससे किसान बाजार से महंगे दाम पर डीएपी खरीद कर धान की नर्सरी डालने को विवश हो रहे हैं।
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जिले में कुल 208 साधन सहकारी समितियां हैं, जिसमें से 189 साधन सहकारी समितियां संचालित हैं। इन समितियों पर इफको की ओर से पीसीएफ के माध्यम से डाई और यूरिया भेजने का कार्य किया जाता है, लेकिन इफको की ओर से नैनो यूरिया पीसीएफ के माध्यम से समितियों पर नहीं भेजवाकर औद्यानिक समिति बनुआडीह से गेहूं का सीजन समाप्त होने के बाद फरवरी प्रथम सप्ताह में 83 समितियों पर बिना डिमांड के भेजवा दिया, जो अब सहकारिता विभाग के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। इधर, धान की नर्सरी डालने का उचित समय चल रहा है। ऐसे में समितियों पर नैनो यूरिया डंप रहने से डीएपी नहीं जा पा रही है, जिससे किसान बाजार से मंहगे दाम पर डीएपी खरीदने को विवश हो रहे हैं। इस दौरान वह 1350 रुपये प्रति बोरी की दर से डीएपी खरीद रहे हैं, जिससे उनको आर्थिक चपत लग रही है। वहीं, समितियों पर डीएपी नहीं पहुंचने से किसानों में रोष व्याप्त है।
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सचिवों पर बनाया जा रहा नैनो यूरिया की धनराशि जमा करने का दबाव
जौनपुर। उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश सिंह बताया कि जिन समितियों पर नैनो यूरिया डंप पड़ी हुई है। ऐसे समितियों के सचिवों पर इफको के जिला प्रबंधक संजय यादव की ओर से नैनो यूरिया की धनराशि जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। यह यूरिया गेहूं की सीजन के बाद फरवरी के प्रथम सप्ताह में आई थी। यह यूरिया बिना डिमांड के और औद्यानिक समिति बनुआडीह के माध्यम से समितियों पर आई है, जो गेहूं का सीजन समाप्त होने के बाद फरवरी के प्रथम सप्ताह में आई थी। इससे नैनो यूरिया की बिक्री नहीं हो पाई है। ऐसे में धनराशि जमा करना मुश्किल है। उन्होंने एआर कोआपरेटिव को पत्र देकर डीएपी समितियों पर भेजने और नैनो यूरिया को धान के सीजन में बेचकर पैसा जाम करने की बात कही गई है।
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वर्जन
इफको की ओर से 83 समितियों पर औद्यानिक समिति बनुआडीह के माध्यम से नैनो यूरिया भेजी गई है लेकिन वह गेहूं का सीजन समाप्त होने के बाद फरवरी के प्रथम सप्ताह में समितियों पर भेजी गई थी। इससे यह यूरिया बिक नहीं पाई है। इफको को पत्र भेजकर यूरिया बेचकर धनराशि देने और इन समितियों पर भी डीएपी भेजने को कहा गया है। - अमित कुमार पांडेय, एआर कोआपरेटिव

वर्जन
15 जून से समितियों पर डीएपी जाने लगेगी। समितियों पर नैनो यूरिया भेजे जाने के संबंध इफको के जिला प्रबंधक ने बताया कि टेंडर कराकर वर्क आर्डर जारी करते हुए एजेंसी के माध्यम से भेजा गया है। वैसे इससे संबंधित दस्तावेज मांगी गई है। - केके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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