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मां काली की पूजा से धनधान्य की प्राप्ति
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 12 Apr 2016 01:13 AM IST
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सिटी स्टेशन मड़ियाहूं पड़ाव स्थित मां काली का भव्य मंदिर।
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शहर की सिटी स्टेशन स्थित मां दक्षिणा काली मंदिर में दर्शन पूजन के लिए भक्तों की भीड़ लगती है। ऐसी मान्यता है कि मां की पूजा करने से धनधान्य की प्राप्ति होती है। मंदिर के संस्थापक भगवती सिंह बागीश सिंह 1979 में कोलकाता स्थित मां काली का दर्शन करने गए थे। रात्रि विश्राम के समय उन्हें मां के घुघुंरू की आवाज सुनाई दी।
मां काली ने उन्हें आदेश दिया कि मानवता की सेवा के लिए जौनपुर में मेरे मंदिर का निर्माण कराकर पूजा करो मैं वहीं निवास करूंगी। कोलकाला से लौटने के बाद उन्होंने 1984 में मंदिर की स्थापना कराई। मंदिर की स्थापना से ही मां की सेवा कर रहे हैं। मां के दरवार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए यहां आते हैं। हर मंदिर के स्थापना दिवस पर रात्रि जागरण और भंडारा का आयोजन होता
है। बड़ी संख्या में लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। ऐसे मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना करता है उसे धनधान्य की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि काली करम की रेखा होती है। वह मनुष्य के भाग्य को बदल देती हैं। सौभाग्य को उदय कर मनुष्य को सुख और वैभव प्रदान करती हैं। पुजारी बागीश का कहना है कि मां की सेवा में लगा हूं उसी से जीवन धन्य होगा।
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मां काली ने उन्हें आदेश दिया कि मानवता की सेवा के लिए जौनपुर में मेरे मंदिर का निर्माण कराकर पूजा करो मैं वहीं निवास करूंगी। कोलकाला से लौटने के बाद उन्होंने 1984 में मंदिर की स्थापना कराई। मंदिर की स्थापना से ही मां की सेवा कर रहे हैं। मां के दरवार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए यहां आते हैं। हर मंदिर के स्थापना दिवस पर रात्रि जागरण और भंडारा का आयोजन होता
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है। बड़ी संख्या में लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। ऐसे मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना करता है उसे धनधान्य की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि काली करम की रेखा होती है। वह मनुष्य के भाग्य को बदल देती हैं। सौभाग्य को उदय कर मनुष्य को सुख और वैभव प्रदान करती हैं। पुजारी बागीश का कहना है कि मां की सेवा में लगा हूं उसी से जीवन धन्य होगा।
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