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जेल अधीक्षक के स्पष्टीकरण पर फंसे चिकित्साधिकारी

Thu, 12 Sep 2019 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 12:15 AM IST
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Medical officer trapped on the explanation of jail superintendent
जेल अधीक्षक के बयान से फंसे डाक्टर
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अधीक्षक ने कहा कि कैदी से हुई थी मारपीट, मेडिकल में चोट का जिक्र नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। लाइनबाजार थाना क्षेत्र निवासी बंदी राजा को गिरफ्तारी के समय प्रताड़ित करने के मामले में जेल अधीक्षक ने कोर्ट में स्पष्टीकरण दिया कि बंदी को जेल में दाखिल करते समय मेडिकल कराने पर चोटें पाई गई थीं जबकि जिला चिकित्सालय में मेडिकल में चोटों का जिक्र नहीं है।
आरोपित ने भी जेल में बयान दिया कि पुलिस उसे पकड़ कर थाने पर ले गई और पांच दिन तक लाइन बाजार थाने पर रखा गया और मारा-पीटा गया। 21 अगस्त को जिला कारागार में दाखिल किया गया। जिला कारागार में किसी अधिकारी व कर्मचारी द्वारा नहीं मारा पीटा गया बल्कि जेल अधीक्षक द्वारा दवा दिलाई गई। पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल में चिकित्साधिकारी ने मेडिकल में कोई चोट प्रदर्शित नहीं किया। बंदी की मां ने भी आरोप लगाया कि पुलिस वालों के दबाव में चिकित्सा अधिकारी ने चोटों को प्रदर्शित नहीं किया। इस पर जेल अधीक्षक व सीएमओ से कोर्ट द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया था। जेल अधीक्षक के स्पष्टीकरण से स्पष्ट है कि बंदी को जेल में चोट नहीं आई थी बल्कि बाहर चोट पहुंचाई गई थी। रिपोर्ट से आरोपित को गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मी व मेडिकल करने वाले चिकित्साधिकारी फंस गए हैं और उन पर गाज गिरना तय है। पचहटिया निवासी मुन्नी देवी के पुत्र राजा को थाने पर ले जाकर थर्ड डिग्री देने व फर्जी ढंग से चालान कर जेल भेजने की प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को बंदी राजा का मेडिकल कराने का आदेश दिया। जेल में कराए गए मेडिकल में राजा के शरीर पर दो चोटे पाई गईं जबकि पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल में उसके शरीर पर कोई चोट नहीं थी।
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जेल अधीक्षक के खिलाफ अवमानना का केस दर्ज
जौनपुर। सुरेरी थाना क्षेत्र के हत्या के मुकदमे में कोर्ट के आदेश के बावजूद आरोपित चंदन सिंह को पेश न करने एवं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण न देने पर अपर सत्र न्यायाधीश ने जिला कारागार अयोध्या के जेल अधीक्षक के खिलाफ अवमानना का वाद दर्ज किया।उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए एवं आरोपित को नियत तिथि पर अवश्य पेश करने का कोर्ट ने अपर महानिदेशक कारागार को आदेश दिया। मामले के त्वरित निस्तारण का हाई कोर्ट का आदेश है। जेल अधीक्षक हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना कर रहे हैं।
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